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Fatehabad News: नशा करता जीवन का, जीवन करे खराब... पंक्तियों से नशे पर प्रहार

Sat, 14 Dec 2024 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sat, 14 Dec 2024 11:32 PM IST
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Intoxicant of life, spoils life... attack on intoxication through lines
काव्य गोष्ठी में डॉ. ओमप्रकाश कादयान को सम्मानित करते अतिथिगण। आयोजक
फतेहाबाद। बीघड़ रोड स्थित बाल भारती इंटरनेशनल स्कूल में साहित्य संगीत कला संगम मंच की ओर से साहित्यकार-सम्मान कार्यक्रम व काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। प्रधानाचार्य सर्वजीत मान ने अध्यक्षता की जबकि एसपीजी ग्रुप के निदेशक रण सिंह रेपसवाल विशिष्ट अतिथि रहे।
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इस दौरान साहित्य में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके डॉ. ओमप्रकाश कादयान को उनके बेहतरीन लेखन के लिए सम्मानित किया गया। संस्था के मुखिया डॉ. सुदामा शास्त्री ने डॉ. कादयान का साहित्यिक परिचय दिया।
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काव्य गोष्ठी में युवा कवि और उल्लास कार्यक्रम के जिला संयोजक पवन सागर, अध्यापक संघ के जिला प्रधान व कवि राजपाल मित्ताथल, कवयित्री सुमन लता, हिंदी की प्रवक्ता अंजू रानी, वैदिक प्रवक्ता डॉ. सुदामा शास्त्री, हिंदी प्रवक्ता देवेंद्र अशंक ने अपनी रचनाएं पढ़ीं।
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कवयित्री सुमनलता ने जीवन को सकारात्मक दृष्टि से देखते हुए अपनी रचना मुश्किलों के दौर में दे साथ प्यारी जिंदगी, सामने हो मौत पर फिर भी न हारी जिंदगी प्रस्तुत की। युवा कवि पवन सागर ने कहा कि समझ ना मुझको सूखा पत्ता, यू तो ना मैं बिखरूंगा, जितनी मेरी काट करेगा, मैं उतना ही निखरूंगा। राजपाल मित्ताथल ने दहेज कुप्रथा के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते हुए कहा कि दहेज बीमारी चाल राम की सूं, लड़की नै करै काल राम की सूं।
हिंदी प्रवक्ता अंजू रानी ने नशा करता जीवन का, जीवन करे खराब पंक्तियों के माध्यम से नशे के खिलाफ आवाज उठाई ताकि समाज में अमन-चैन कायम रह सके। डॉ. सुदामा शास्त्री ने कहा कि जाति और धर्म के नाम पर लड़ते हैं, भाषा और क्षेत्र के नाम पर बंटते हैं, इंसान के खून के रंग सब लाल है, पता नहीं लाल में भी काला क्यों देखते हैं।

युवा कवि देवेंद्र अशंक ने कहा कि अपने-अपने भगवान हैं यहां, अपने-अपने भाग्य विधाता, सोये हुए हैं सपने यहां, सुप्त सपनों को कोई-कोई जगाता। कार्यक्रम को सर्वजीत मान, रण सिंह रेपसवाल व डॉ. ओमप्रकाश कादयान ने भी संबोधित किया।
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