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घग्घर में जलस्तर का बढना जारी, फतेहाबाद के चांदपुरा में 10 हजार क्यूसिक से भी ज्यादा बह रहा है पानी
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क्षेत्र से गुजर रही बरसाती नदी घग्घर में कई वर्षों बाद लगातार चौथे दिन भी जलस्तर में वृद्धि हो रही है। घग्घर में पानी का जलस्तर बढ़ने का कारण पंजाब व हिमाचल के ऊपरी क्षेत्र में बारिश का होना बताया जा रहा है। सोमवार को फतेहाबाद के चांदपुरा साइफन में पानी का बहाव 6600 क्यूसिक था जो मंगलवार सुबह 9600 व मंगलवार शाम को 10100 क्यूसिक दर्ज किया गया है। मालूम रहे कि चांदपुरा की क्षमता 20 हजार के करीब है।
हिमाचल की पहाड़ियों और पंजाब के ऊपरी क्षेत्रों तथा प्रदेश के अंबाला, यमुनानगर में बारिश होने से यहां लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। सिंचाई विभाग के कंट्रोल रूम के अनुसार फतेहाबाद के चांदपुरा में सोमवार को 6600 क्यूसिक पानी का बहाव दर्ज किया। जबकि गुहला चीका का जलस्तर 15403 व खनौरी का 8150 क्यूसिक पानी का बहाव दर्ज किया गया। मंगलवार को चांदपुरा का जलस्तर 10100, खनौरी को 9200 व गुहला चीका का 16 हजार 940 क्यूसिक दर्ज किया गया। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारी दिन रात घग्घर पर गश्त कर रहे हैं। ग्रामीणों को भी ठीकरी पहरे के लिए अलर्ट कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने बाढ़ नियत्रंण कक्ष में कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई है।
ऐसे बढ़ा जलस्तर
घग्घर नदी के साइफन चांदपुरा खनौरी गुहला चीका
शनिवार 1640 2200 3080
रविवार 1980 4050 6180
सोमवार 6600 8150 15403
मंगलवार 10100 9000 16940
घग्घर के चांदपुरा साइफन की क्षमता 20 हजार के करीब है। यहां का जलस्तर 14 हजार क्यूसिक तक पहुंचता है तो पानी का बहाव रंगोई नाले की तरफ हो जाता है। 5 से 7 हजार क्यूसिक पानी रंगोई नाले की तरफ चला जाता है। इसके बाद अगर बढ़ता है तो यहां घग्घर के कमजोर किनारे टूट जाते हैं या पानी रिस-रिस कर खेतों में आ जाता है। घग्घर के दोनों ओर किनारों में पानी आने से कुछ गांवों में पानी फैल जाता है जिसके बाद बाढ़ आ जाती है।
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घग्घर के पानी पर जिला प्रशासन की पूरी निगाह है। आवश्यक सामान व उपकरण रखवा दिए गए हैं। सिंचाई विभाग ने अपने कंट्रोल रुम स्थापित कर रखे हैं। जिला स्तर पर भी बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। जिनमें 24 घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी रहती है। बाढ़ से जुड़े कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई है। हमारी सूचना के अनुसार पीछे से पानी का बहाव कम हो गया। बुधवार से यहां भी पानी का स्तर कम हो जाएगा। -डॉ. नरहरि सिंह बांगड़, डीसी, फतेहाबाद।
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हिमाचल की पहाड़ियों और पंजाब के ऊपरी क्षेत्रों तथा प्रदेश के अंबाला, यमुनानगर में बारिश होने से यहां लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। सिंचाई विभाग के कंट्रोल रूम के अनुसार फतेहाबाद के चांदपुरा में सोमवार को 6600 क्यूसिक पानी का बहाव दर्ज किया। जबकि गुहला चीका का जलस्तर 15403 व खनौरी का 8150 क्यूसिक पानी का बहाव दर्ज किया गया। मंगलवार को चांदपुरा का जलस्तर 10100, खनौरी को 9200 व गुहला चीका का 16 हजार 940 क्यूसिक दर्ज किया गया। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारी दिन रात घग्घर पर गश्त कर रहे हैं। ग्रामीणों को भी ठीकरी पहरे के लिए अलर्ट कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने बाढ़ नियत्रंण कक्ष में कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई है।
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ऐसे बढ़ा जलस्तर
घग्घर नदी के साइफन चांदपुरा खनौरी गुहला चीका
शनिवार 1640 2200 3080
रविवार 1980 4050 6180
सोमवार 6600 8150 15403
मंगलवार 10100 9000 16940
घग्घर के चांदपुरा साइफन की क्षमता 20 हजार के करीब है। यहां का जलस्तर 14 हजार क्यूसिक तक पहुंचता है तो पानी का बहाव रंगोई नाले की तरफ हो जाता है। 5 से 7 हजार क्यूसिक पानी रंगोई नाले की तरफ चला जाता है। इसके बाद अगर बढ़ता है तो यहां घग्घर के कमजोर किनारे टूट जाते हैं या पानी रिस-रिस कर खेतों में आ जाता है। घग्घर के दोनों ओर किनारों में पानी आने से कुछ गांवों में पानी फैल जाता है जिसके बाद बाढ़ आ जाती है।
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घग्घर के पानी पर जिला प्रशासन की पूरी निगाह है। आवश्यक सामान व उपकरण रखवा दिए गए हैं। सिंचाई विभाग ने अपने कंट्रोल रुम स्थापित कर रखे हैं। जिला स्तर पर भी बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। जिनमें 24 घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी रहती है। बाढ़ से जुड़े कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई है। हमारी सूचना के अनुसार पीछे से पानी का बहाव कम हो गया। बुधवार से यहां भी पानी का स्तर कम हो जाएगा। -डॉ. नरहरि सिंह बांगड़, डीसी, फतेहाबाद।