फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   In the first phase, only seven tenants of NAP will get ownership rights.

पहले चरण में नप के सात किराएदारों को ही मिलेगा मालिकाना हक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 03 May 2022 11:09 PM IST
विज्ञापन
In the first phase, only seven tenants of NAP will get ownership rights.
नगर परिषद कार्यालय फतेहाबाद। - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। नगर परिषद के 20 साल पुराने किराएदारों को मालिक बनाने की योजना के तहत मात्र सात दुकानदारों को ही मालिकाना हक मिलने जा रहा है। जिला नगर आयुक्त कार्यालय ने पहले चरण में सात दुकानदारों को मालिकाना हक देने की अनुमति दे दी है। कलेक्टर रेट भरकर दुकानदार नगर परिषद से दुकान अपने नाम करवा पाएंगे। वहीं 36 दुकानदारों को झटका भी लगा है। मलकियत नप के नाम न होने और अन्य कारणों से आवेदन रद्द किए जाएंगे।
विज्ञापन

सरकार ने पिछले दिनों घोषणा की थी कि नगर परिषद या नगर पालिका की दुकानों में जो 20 साल से किराएदार है, उन्हें मालिकाना हक दिया जाएगा। योजना के तहत फतेहाबाद नगर परिषद में 56 आवेदन आए। नगर परिषद ने आवेदनों को जिला नगर आयुक्त कार्यालय के पास भेजा। सर्वे और जांच के बाद पहले चरण में सात दुकानदारों को मालिकाना हक देने की अनुमति मिली है। अधिकारियों की माने तो 25 फीसदी राशि पहले भरनी होगी। डिमांड नोटिस जाने के 15 दिन के अंदर राशि नप को जमा करवानी होगी। संवाद
विज्ञापन

दूसरे चरण में 13 दुकानदारों को दिया जाएगा मालिकाना हक
नगर परिषद ने पहले चरण में उन दुकानदारों को शामिल किया है जो कि 20 साल से या उससे ज्यादा समय से खुद ही किराएदार है। दूसरे चरण में उन दुकानदारों को शामिल किया गया है जो कि पहले किराएदार की जगह दूसरे को ट्रांसफर हो चुकी है। ट्रांसफर केस के किराएदारों को दूसरे चरण में मालिकाना हक दिया जाएगा। अहम बात यह भी है कि 20 साल से जो जितना पुराना किराएदार होगा, उसे कलेक्टर रेट में ज्यादा छूट मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

नप की लापरवाही से 36 आवेदन होंगे रद्द
नगर परिषद की लापरवाही के कारण 36 आवेदन रद्द होंगे। नप के पास करीब शहर में 250 दुकानें है। इसमें 56 दुकानदारों ने मालिकाना हक के लिए आवेदन किया था। अधिकारियों की माने तो अधिकतर आवेदन इसलिए रिजेक्ट होंगे, क्यों कि मलकियत नप के नाम नहीं है, इसके अलावा कई आवेदन इसलिए भी रद्द होंगे, क्यों कि 20 साल पूरे नहीं हुए हैं।
जिन जगहों का किराया ले रहा नप, वह उसके नाम ही नहीं
नगर परिषद जिन जगहों की दुकानों अपना बताकर किराया ले रहा है, वह उसके नाम ही नहीं है। अधिकतर क्षेत्र अलग-अलग विभागों के नाम है। आपको जानकर हैरानी होगी कि पालिका बाजार क्षेत्र की जगह नगर परिषद के नाम नहीं है बल्कि स्वास्थ्य विभाग के नाम है। नगर परिषद ने अभी तक स्वास्थ्य विभाग से अपने नाम करवाई ही नहीं है। इसके चलते अधिकतर दुकानदार शर्तें पूरी करने के बावजूद मालिक नहीं बन पाएंगे।

कोट
सरकार की योजना के तहत 56 आवेदन नप के पास आए थे। पहले चरण में सात आवेदनों की डीएमसी कार्यालय से अनुमति मिली है। दूसरे चरण में 15 आवदेन शामिल किए जाएंगे। करीब 36 आवेदन रद्द होंगे। कई क्षेत्र की मलकियत नप के नाम नहीं है और कई दुकानदार ऐसे है जिन्हें 20 साल नहीं हुए हैं।
-ऋषिकेश चौधरी, ईओ, नगर परिषद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed