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भड़के लोगों ने रात में किया हाईवे जाम
फतेहादबाद ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Tue, 24 May 2016 12:08 AM IST
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- फोटो : amarujala
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वार्ड-18 की उम्मीदवार ममता मेहता के दो भाइयों महेश एवं रितेश नागपाल को सिटी एसएचओ के साथ दुर्व्यवहार के आरोप में पुलिस ने उठाकर सीआईए में रख उनके साथ कथित रूप से बर्बरतापूर्ण मारपीट की। इससे गुस्साए शहर के पंजाबी समुदाय के सैकड़ों लोगों ने रविवार देर रात नेशनल हाइवे पर जाम लगा दिया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने लिए हवा में लाठियां भांजी लेकिन लोग डटे रहे। एएसपी गंगाराम पूनिया की भी लोगों ने एक नहीं सुनी।
अक्रोशित लोगों ने भाजपा नेता भारत भूषण मिड्डा एवं पूर्व विधायक स्वतंत्र चौधरी को भी खरी-खोटी सुनाई।
लोगों की मांग थी कि गिरफ्तार युवकों का मेडिकल करवाकर सीआईए की गिरफ्त से बाहर अस्पताल में दाखिल करवाया जाए। रात दो बजे एसपी के निर्देश पर दोनों युवकों को अग्रोहा मेडिकल में दाखिल करवाने की हां होने पर उत्तेजित भीड़ शांत हुई। हालांकि बाद में दोनों युवकों को अग्रोहा ले जाने की बजाय सदर थाने में ही रोक लिया गया। सोमवार को दोनों युवकों को कोर्ट में पेश करने के बाद विशेष पैनल से दोनों का दोबारा मेडिकल कराया गया। सिटी एसएचओ दिनेश की शिकायत पर दोनों युवकों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा पहुंचाने एवं एसएचओ की वर्दी फाड़ने का मामला दर्ज कर लिया गया।
यह था मामला
नगर परिषद के वार्ड 18 से व्यापारी नेता रवि मेहता की पत्नी चुनाव मैदान में खड़ी हुई थी। रविवार को वोटिंग के दिन ममता मेहता के भाइयों महेश नागपाल और रितेश नागपाल ने एक कथित फर्जी वोटर को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। बाद में पुलिस ने उसे यह कहकर छोड़ दिया कि प्रिजाइडिंग अधिकारी ने युवक पर कोई मामला न बनने की बात लिखकर दी है।
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महेश और रितेश ने पुलिस पर रिश्वत लेकर आरोपी को छोड़ने का आरोप लगाया और वीडियो बनाने की कोशिश की। उनका आरोप है कि सिटी एसएचओ ने उनका मोबाइल तोड़ दिया। जबकि एसएचओ दिनेश का आरोप है कि दोनों भाइयों ने उनको धक्का दिया और उनकी वर्दी भी फाड़ दी। मौके पर पहुंचे सीआईए अधिकारी दोनों युवकों को सीआईए थाने ले गए। युवक पक्ष के लोगों का आरोप है कि थाने में अधिकारियों ने दोनों युवकों को बेरहमी से मारा-पीटा। इससे महेश का हाथ टूटने एवं रितेश के सिर पर चोट लगने की बात कही जा रही है।
नेशनल हाईवे जाम किया
इस बात की खबर जैसे ही पंजाबी बिरादरी के पास पहुंची तो उनके सैकड़ों लोगों ने नेशनल हाइवे पर ट्रकों को आड़ा-तिरछा खड़ा करवा कर जाम लगा दिया। पंजाबी समाज के लोगों ने सीआईए प्रभारी दलीप सिंह पर गंभीर आरोप जड़े। लोगों को समझाने पहुंचे पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण मिड्डा को भी लोगों ने खूब सुनाई और उनकी गाड़ी का भी घेराव करने का प्रयास किया। हंगामा बढ़ता देख अतिरिक्त फोर्स बुला ली गई। फोर्स ने हवा में लाठियां भांजकर भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया। कुछ लोगों को पुलिस की लाठियां लगी भी।
एएसपी से भी हुई धक्का-मुक्की
तकरीबन डेढ़ घंटे बाद एएसपी गंगाराम पूनिया के नेतृत्व में पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। एएसपी गंगाराम पूनिया के साथ भी लोगों की धक्का-मुक्की हुई। इस पर पूनिया भीड़ से भला बुरा कहने लगे। पुलिसकर्मी भी तैश में आ गए। बाद में दोनों पक्षों की ओर से मामले को लेकर ठंडा रुख अख्तियार करने से माहौल शांत हो गया।
अफसर बात करने से बचते रहे
भीड़ को शांत करने के लिए एएसपी ने आश्वासन दिया था कि दोनों युवकों का मेडिकल करवाया जाएगा और कानूनी कार्यवाही होगी। सीआईए प्रभारी और सिटी एसएचओ पर लगे आरोपों की वह और एसपी ओपी नरवाल खुद जांच करेंगे। लेकिन जांच तो दूर, पुलिस अफसर सोमवार को मीडिया के सवालों से बचते रहे, उन्होंने फोन भी नहीं उठाए।
सारा मामला एसपी साहब के संज्ञान में है। वे अन्य अधिकारियों के साथ इस मामले की जांच कर रहे हैं। इससे ज्यादा जानकारी तो वही दे सकते हैं।
विनोद कुमार, पुलिस पीआरओ, फतेहाबाद।
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अक्रोशित लोगों ने भाजपा नेता भारत भूषण मिड्डा एवं पूर्व विधायक स्वतंत्र चौधरी को भी खरी-खोटी सुनाई।
लोगों की मांग थी कि गिरफ्तार युवकों का मेडिकल करवाकर सीआईए की गिरफ्त से बाहर अस्पताल में दाखिल करवाया जाए। रात दो बजे एसपी के निर्देश पर दोनों युवकों को अग्रोहा मेडिकल में दाखिल करवाने की हां होने पर उत्तेजित भीड़ शांत हुई। हालांकि बाद में दोनों युवकों को अग्रोहा ले जाने की बजाय सदर थाने में ही रोक लिया गया। सोमवार को दोनों युवकों को कोर्ट में पेश करने के बाद विशेष पैनल से दोनों का दोबारा मेडिकल कराया गया। सिटी एसएचओ दिनेश की शिकायत पर दोनों युवकों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा पहुंचाने एवं एसएचओ की वर्दी फाड़ने का मामला दर्ज कर लिया गया।
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यह था मामला
नगर परिषद के वार्ड 18 से व्यापारी नेता रवि मेहता की पत्नी चुनाव मैदान में खड़ी हुई थी। रविवार को वोटिंग के दिन ममता मेहता के भाइयों महेश नागपाल और रितेश नागपाल ने एक कथित फर्जी वोटर को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। बाद में पुलिस ने उसे यह कहकर छोड़ दिया कि प्रिजाइडिंग अधिकारी ने युवक पर कोई मामला न बनने की बात लिखकर दी है।
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महेश और रितेश ने पुलिस पर रिश्वत लेकर आरोपी को छोड़ने का आरोप लगाया और वीडियो बनाने की कोशिश की। उनका आरोप है कि सिटी एसएचओ ने उनका मोबाइल तोड़ दिया। जबकि एसएचओ दिनेश का आरोप है कि दोनों भाइयों ने उनको धक्का दिया और उनकी वर्दी भी फाड़ दी। मौके पर पहुंचे सीआईए अधिकारी दोनों युवकों को सीआईए थाने ले गए। युवक पक्ष के लोगों का आरोप है कि थाने में अधिकारियों ने दोनों युवकों को बेरहमी से मारा-पीटा। इससे महेश का हाथ टूटने एवं रितेश के सिर पर चोट लगने की बात कही जा रही है।
नेशनल हाईवे जाम किया
इस बात की खबर जैसे ही पंजाबी बिरादरी के पास पहुंची तो उनके सैकड़ों लोगों ने नेशनल हाइवे पर ट्रकों को आड़ा-तिरछा खड़ा करवा कर जाम लगा दिया। पंजाबी समाज के लोगों ने सीआईए प्रभारी दलीप सिंह पर गंभीर आरोप जड़े। लोगों को समझाने पहुंचे पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण मिड्डा को भी लोगों ने खूब सुनाई और उनकी गाड़ी का भी घेराव करने का प्रयास किया। हंगामा बढ़ता देख अतिरिक्त फोर्स बुला ली गई। फोर्स ने हवा में लाठियां भांजकर भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया। कुछ लोगों को पुलिस की लाठियां लगी भी।
एएसपी से भी हुई धक्का-मुक्की
तकरीबन डेढ़ घंटे बाद एएसपी गंगाराम पूनिया के नेतृत्व में पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। एएसपी गंगाराम पूनिया के साथ भी लोगों की धक्का-मुक्की हुई। इस पर पूनिया भीड़ से भला बुरा कहने लगे। पुलिसकर्मी भी तैश में आ गए। बाद में दोनों पक्षों की ओर से मामले को लेकर ठंडा रुख अख्तियार करने से माहौल शांत हो गया।
अफसर बात करने से बचते रहे
भीड़ को शांत करने के लिए एएसपी ने आश्वासन दिया था कि दोनों युवकों का मेडिकल करवाया जाएगा और कानूनी कार्यवाही होगी। सीआईए प्रभारी और सिटी एसएचओ पर लगे आरोपों की वह और एसपी ओपी नरवाल खुद जांच करेंगे। लेकिन जांच तो दूर, पुलिस अफसर सोमवार को मीडिया के सवालों से बचते रहे, उन्होंने फोन भी नहीं उठाए।
सारा मामला एसपी साहब के संज्ञान में है। वे अन्य अधिकारियों के साथ इस मामले की जांच कर रहे हैं। इससे ज्यादा जानकारी तो वही दे सकते हैं।
विनोद कुमार, पुलिस पीआरओ, फतेहाबाद।