{"_id":"6a8f29f7197a1d31c407d658","slug":"high-court-dismisses-appeal-to-close-the-drain-fatehabad-news-c-127-1-shsr1017-159942-2026-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: हाईकोर्ट ने खाल बंद करने की अपील खारिज की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: हाईकोर्ट ने खाल बंद करने की अपील खारिज की
Wed, 26 Aug 2026 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 26 Aug 2026 11:31 PM IST
विज्ञापन
भूना। नहरी खाल को लेकर चल रहा विवाद आखिरकार कश्मीरी लाल के पक्ष में समाप्त हो गया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, चंडीगढ़ में 25 अगस्त को न्यायाधीश पंकज जैन की अदालत ने हरिकृष्ण व मंगत राम निवासी भूना की खाल बंद करने की अपील खारिज कर दी।
अदालत के इस फैसले से सिंचाई विभाग द्वारा पहले दिए गए फैसले को भी मजबूती मिली है। जानकारी के अनुसार हरिकृष्ण व मंगत राम ने मार्च 2024 में कश्मीरी लाल पुत्र पुन्नू राम निवासी भूना के खेतों में सिंचाई के लिए बने नहरी खाल को गिरा दिया था। खाल बंद होने के कारण सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो गई। इसके बाद कश्मीरी लाल ने सिंचाई विभाग के उपमंडल अधिकारी, सनियाना के समक्ष शिकायत दी।
विभाग ने कार्रवाई करते हुए पुलिस सहायता से खाल को दोबारा बहाल करवाया। खाल गिराने के मामले में हरिकृष्ण व मंगत राम के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित कानून के तहत फतेहाबाद की आपराधिक अदालत में मामला भी दर्ज हुआ। दोनों आरोपी बाद में जमानत पर बाहर हैं।
विज्ञापन
इसके बाद हरिकृष्ण व मंगत राम ने खाल को बंद करवाने के लिए अधिशाषी अभियंता, टोहाना और अधीक्षक अभियंता, फतेहाबाद के समक्ष अपील दायर की। दोनों अधिकारियों ने उनकी अपील खारिज करते हुए खाल को पक्का करने का निर्णय बरकरार रखा। इसके बाद अप्रैल 2026 में दोनों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की। 25 अगस्त को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने भी अपील खारिज कर दी।
विज्ञापन
अदालत के इस फैसले से सिंचाई विभाग द्वारा पहले दिए गए फैसले को भी मजबूती मिली है। जानकारी के अनुसार हरिकृष्ण व मंगत राम ने मार्च 2024 में कश्मीरी लाल पुत्र पुन्नू राम निवासी भूना के खेतों में सिंचाई के लिए बने नहरी खाल को गिरा दिया था। खाल बंद होने के कारण सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो गई। इसके बाद कश्मीरी लाल ने सिंचाई विभाग के उपमंडल अधिकारी, सनियाना के समक्ष शिकायत दी।
विज्ञापन
विभाग ने कार्रवाई करते हुए पुलिस सहायता से खाल को दोबारा बहाल करवाया। खाल गिराने के मामले में हरिकृष्ण व मंगत राम के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित कानून के तहत फतेहाबाद की आपराधिक अदालत में मामला भी दर्ज हुआ। दोनों आरोपी बाद में जमानत पर बाहर हैं।
विज्ञापन
इसके बाद हरिकृष्ण व मंगत राम ने खाल को बंद करवाने के लिए अधिशाषी अभियंता, टोहाना और अधीक्षक अभियंता, फतेहाबाद के समक्ष अपील दायर की। दोनों अधिकारियों ने उनकी अपील खारिज करते हुए खाल को पक्का करने का निर्णय बरकरार रखा। इसके बाद अप्रैल 2026 में दोनों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की। 25 अगस्त को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने भी अपील खारिज कर दी।