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Fatehabad News: मृत्युदर रोकने के लिए 8500 गर्भवती की जांच करवाएगा स्वास्थ्य विभाग
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फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग गर्भवती की मृत्यु दर को रोकने के लिए इस बार सुरक्षित जननी माह मना रहा है। इसको लेकर मंगलवार शाम को एनएचएम की तरफ से स्वास्थ्य विभाग फतेहाबाद को निर्देश जारी हुए हैं। जिले की करीब 8500 गर्भवती के स्वास्थ्य विभाग सभी टेस्ट करवाएगा। इसको लेकर सिविल सर्जन कार्यालय माइक्रो प्लान तैयार करेगा। बता दें कि जिले में सिर्फ दो गायनोलॉजिस्ट नियुक्त हैं।
जांच के दौरान अगर हाई रिस्क प्रेग्नेंसी मिलती है तो उस पर निगरानी रखी जाएगी। जिले में मातृ मृत्युदर 100 रही है। पिछले साल जिले में 20 गर्भवती की मौत हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मौत के कारण अलग रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रजिस्टर्ड गर्भवती को अस्पताल में बुलाया जाएगा। यहां पर संबंधित गर्भवती के खून की जांच होगी। इसके अलावा अल्ट्रासाउंड भी करवाया जाएगा। अगर जांच के दौरान गर्भवती हाई रिस्क मिलती है तो संबंधित एएनएम और आशा वर्कर निगरानी रखेगी और डिलिवरी तक जरूरी टेस्ट समय-समय पर करवाए जाएंगे। संवाद
डेढ़ लाख सेलरी पर भी आने को तैयार नहीं डॉक्टर
जिले में मात्र दो ही गायनोलॉजिस्ट हैं। जिसमें एक फतेहाबाद नागरिक अस्पताल और एक उप नागरिक अस्पताल टोहाना में है। रतिया में एक भी महिला रोग विशेषज्ञ नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि रतिया में महिला रोग विशेषज्ञ के लिए विज्ञापन दे रखा है लेकिन डेढ़ लाख सेलरी पर भी आने को तैयार नहीं है। फतेहाबाद नागरिक अस्पताल में अनुबंध पर महिला रोग विशेषज्ञ रखी जानी है इसको लेकर प्रस्ताव भेजा गया है।
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जिले में ये हैं अस्पताल की स्थिति
जिला अस्पताल : 1
उपनागरिक अस्पताल : 1
सीएचसी : 5
24 घंटे पीएचसी : 8
सब सेंटर : 131
कोट
एक अप्रैल से जिले में सुरक्षित जननी माह मनाया जाएगा। इसको लेकर माइक्रो प्लान तैयार किया जा रहा है। इसको लेकर मंगलवार को निर्देश जारी हुए है। ये बात यही है कि जिले के अस्पतालों में गायनोलॉजिस्ट की कमी है। मुख्यालय को इस संबंध में लिखा गया है।
-डॉ. हमेश बंसल, उप सिविल सर्जन
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जांच के दौरान अगर हाई रिस्क प्रेग्नेंसी मिलती है तो उस पर निगरानी रखी जाएगी। जिले में मातृ मृत्युदर 100 रही है। पिछले साल जिले में 20 गर्भवती की मौत हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मौत के कारण अलग रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रजिस्टर्ड गर्भवती को अस्पताल में बुलाया जाएगा। यहां पर संबंधित गर्भवती के खून की जांच होगी। इसके अलावा अल्ट्रासाउंड भी करवाया जाएगा। अगर जांच के दौरान गर्भवती हाई रिस्क मिलती है तो संबंधित एएनएम और आशा वर्कर निगरानी रखेगी और डिलिवरी तक जरूरी टेस्ट समय-समय पर करवाए जाएंगे। संवाद
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डेढ़ लाख सेलरी पर भी आने को तैयार नहीं डॉक्टर
जिले में मात्र दो ही गायनोलॉजिस्ट हैं। जिसमें एक फतेहाबाद नागरिक अस्पताल और एक उप नागरिक अस्पताल टोहाना में है। रतिया में एक भी महिला रोग विशेषज्ञ नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि रतिया में महिला रोग विशेषज्ञ के लिए विज्ञापन दे रखा है लेकिन डेढ़ लाख सेलरी पर भी आने को तैयार नहीं है। फतेहाबाद नागरिक अस्पताल में अनुबंध पर महिला रोग विशेषज्ञ रखी जानी है इसको लेकर प्रस्ताव भेजा गया है।
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जिले में ये हैं अस्पताल की स्थिति
जिला अस्पताल : 1
उपनागरिक अस्पताल : 1
सीएचसी : 5
24 घंटे पीएचसी : 8
सब सेंटर : 131
कोट
एक अप्रैल से जिले में सुरक्षित जननी माह मनाया जाएगा। इसको लेकर माइक्रो प्लान तैयार किया जा रहा है। इसको लेकर मंगलवार को निर्देश जारी हुए है। ये बात यही है कि जिले के अस्पतालों में गायनोलॉजिस्ट की कमी है। मुख्यालय को इस संबंध में लिखा गया है।
-डॉ. हमेश बंसल, उप सिविल सर्जन