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Fatehabad News: सड़क दुर्घटना के नए कानून के खिलाफ जिले में नहीं चली आधी निजी बसें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jan 2024 11:02 PM IST
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Half of the private buses did not run in the district against the new law on road accidents.
प्राईवेट बसों की हड़ताल के चलते पुराने बस स्टैंड के बाहर बस का इंतजार करते यात्री
फतेहाबाद। सड़क दुर्घटना के संबंध में केंद्र सरकार की ओर से लाए गए नए कानून को लेकर सोमवार को निजी बस संचालक हड़ताल पर चले गए। जिले में निजी बसों में से आधी बसें ही चली और बाद में इनका संचालन भी बंद कर दिया गया। मंगलवार को निजी बस चालक पूर्णतया हड़ताल पर रहेंगे। उधर, इस कानून के विरोध में वाहन चालकों ने लघु सचिवालय के बाहर अपने ड्राइविंग लाइसेंस तोड़कर व जमीन पर फेंक कर प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के नाम सीटीएम को ज्ञापन सौंपा।
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केंद्र सरकार ने सड़क दुर्घटना को लेकर नया कानून बनाया है। इसके तहत सड़क दुर्घटना के बाद अगर वाहन चालक मौके से फरार हो जाता है तो उसको 10 साल की कैद व 7 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई जा सकती है। इसी कानून को लेकर अब निजी बस संचालकों, बड़े वाहन चालकों में रोष पैदा हो गया है। सोमवार को फतेहाबाद में निजी बसों का संचालन 50 फीसदी कम रहा। फतेहाबाद से लोकल रूटों के लिए फतेहाबाद, रतिया, टोहाना, जाखल, नरवाना, सिरसा व भादरा के लिए निजी बसों का संचालन होता है। जिले में इस समय 107 निजी बसें हैं, लेकिन इनमें से 50 से 55 बसें ही चली। हड़ताल के चलते नरवाना रूट के लिए किसी भी बस का संचालन नहीं हुआ। टोहाना के लिए 3 बसें चली, जो बाद में रोक ली गई।
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इसी प्रकार जाखल के लिए 4 बसों का ही संचालन हुआ। भूना से निजी बसों का संचालन न होने के कारण यात्रियाें को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रतिया के प्रतिदिन 47 निजी बसों का संचालन होता है, जो सुबह तो चली, लेकिन शाम को 30 बसों को रोक लिया गया। निजी बस संचालकों के अनुसार, मंगलवार को सभी निजी बसें बंद रहेंगी। निजी बसों के संचालन में आई कमी के कारण लोकल रूटों के यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बस स्टैंड पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी गई।
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वाहन चालकों किया प्रदर्शन
लघु सचिवालय के बाहर निजी वाहन चालकों ने भी इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अपने ड्राइविंग लाइसेंस सड़क पर फेंक दिए और कुछ ने लाइसेंस तोड़ दिए। चालक संघ के प्रधान जसबीर ढाबी ने बताया कि सरकार ने वाहन चालकों के लिए काला कानून थोप दिया है। कोई वाहन चालक किसी की जिंदगी नहीं लेना चाहता। गलती से अगर दुर्घटना हो भी जाती है तो अगर वह वहां पर रुक जाता है तो वाहन चालक को भीड़ मार सकती है। सरकार को यह कानून वापस लेना चाहिए। इस संबंध में उन्होंने सीटीएम सुरेश कुमार को ज्ञापन भी सौंपा है।

3 जनवरी को दो घंटे धरना-प्रदर्शन करेंगे रोडवेजकर्मी
वाहन चालकों के लिए बनाए गए नए नियमों के खिलाफ हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ भी खड़ा हो गया है। रोडवेज डिपो प्रधान विजय नागपुर ने बताया कि हरियाणा रोडवेज साझा मोर्चा द्वारा 3 जनवरी को दो घंटे का धरना प्रदर्शन करेगा, जिसमें हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ भी सहभागिता करेगा। अगर सरकार फिर भी नहीं मानी तो हरियाणा रोडवेज साझा मोर्चा द्वारा बैठक कर चक्का जाम की घोषणा की जा सकती है।
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