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Fatehabad News: मरीज रेफर मामले में महिला रोग विशेषज्ञ के दर्ज हुए बयान, बोलीं- मैंने नहीं किए रेफर
Mon, 05 Feb 2024 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 05 Feb 2024 11:58 PM IST
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में मरीज ओपीडी में पर्ची कटवाने के लाइन में लगे हुए।
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल से मरीज रेफर करने के मामले की कमेटी सदस्यों ने जांच शुरू कर दी है। सोमवार को जांच कमेटी सदस्य उप सिविल सर्जन डॉ.लाजवंती गौरी, महिला रोग विशेषज्ञ डॉ.सचिन मंगला, ईएनटी डॉ.जयप्रकाश ने सिविल सर्जन कार्यालय में नागरिक अस्पताल की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ.नीति के बयान दर्ज किए। बताया जा रहा है कि डॉ.नीति ने अपने दर्ज करवाए बयान में कहा कि उन्होंने किसी मरीज को रिश्तेदार के निजी अस्पताल में रेफर नहीं किया है। वहीं मामले में कमेटी शिकायतकर्ता ढूंढ रही है लेकिन नहीं मिला है।
मामले में मंगलवार को कमेटी सदस्य उप सिविल सर्जन डॉ.संगीता अबरोल, सलाहकार डॉ.सुनीता सोखी और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.वरूण मुंजाल के बयान दर्ज कर सकते हैं। हालांकि इन पर मरीज रेफर करने का आरोप नहीं है। डीजी कार्यालय से आए पत्र में ये लिखा गया है कि इनके रिश्तेदारों के निजी अस्पताल है। लेकिन महिला रोग विशेषज्ञ डॉ.नीति पर अपने पति के निजी अस्पताल में अप्रत्यक्ष रूप से मरीज रेफर करने का आरोप है।
14 दिन से अटकी है जांच
स्वास्थ्य विभाग निदेशालय से सिविल सर्जन को पत्र जारी किया गया था। ये पत्र 23 जनवरी को जारी हुआ था और इसमें नागरिक अस्पताल के चार डॉक्टरों के नाम थे। इसमें महिला रोग विशेषज्ञ डॉ.नीति पर अप्रत्यक्ष रूप से मरीज रिश्तेदार के निजी अस्पताल में रेफर करने पर बारे लिखा गया है। मामले में दो दिन में जांच रिपोर्ट मांगी थी। मामले में कमेटी भी गठित हुई लेकिन 14 दिन बाद भी जांच अटकी है।
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मामले में मंगलवार को कमेटी सदस्य उप सिविल सर्जन डॉ.संगीता अबरोल, सलाहकार डॉ.सुनीता सोखी और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.वरूण मुंजाल के बयान दर्ज कर सकते हैं। हालांकि इन पर मरीज रेफर करने का आरोप नहीं है। डीजी कार्यालय से आए पत्र में ये लिखा गया है कि इनके रिश्तेदारों के निजी अस्पताल है। लेकिन महिला रोग विशेषज्ञ डॉ.नीति पर अपने पति के निजी अस्पताल में अप्रत्यक्ष रूप से मरीज रेफर करने का आरोप है।
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14 दिन से अटकी है जांच
स्वास्थ्य विभाग निदेशालय से सिविल सर्जन को पत्र जारी किया गया था। ये पत्र 23 जनवरी को जारी हुआ था और इसमें नागरिक अस्पताल के चार डॉक्टरों के नाम थे। इसमें महिला रोग विशेषज्ञ डॉ.नीति पर अप्रत्यक्ष रूप से मरीज रिश्तेदार के निजी अस्पताल में रेफर करने पर बारे लिखा गया है। मामले में दो दिन में जांच रिपोर्ट मांगी थी। मामले में कमेटी भी गठित हुई लेकिन 14 दिन बाद भी जांच अटकी है।
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