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जीएसटी बिल के फेर में सब्जी और दूध नहीं खरीद पा रहे गुरुजी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 18 May 2022 11:18 PM IST
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Guruji is unable to buy vegetables and milk due to GST bill
फतेहाबाद के सरकारी स्कूल में मिड डे मील खाते हुए विद्यार्थी। - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। सरकारी स्कूलों में प्राइमरी और मिडिल कक्षाओं के विद्यार्थियों को दिए जाने वाले मिड-डे-मील पर राशन के बिलों के कारण संकट खड़ा हो गया है। जीएसटी बिल के फेर में गुरुजी को सब्जी और दूध नहीं मिल रहे हैं। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने भी बुधवार को स्पष्ट कर दिया है कि मिड-डे-मील के राशन बिल प्लेन पेपर पर नहीं चलेंगे। जीएसटी बिल ही खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करवाने होंगे। विद्यालयों ने प्लेन पेपर पर बिल को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मार्गदर्शन मांगा था।
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जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय को पत्र जारी करके कहा है कि कई विद्यालयों ने मार्गदर्शन मांगा था कि क्या प्लेन पेपर बिल मान्य होगा या नहीं। स्कूलों को स्पष्ट किया जाता है कि जो भी बिल बीईओ कार्यालय में भेजे जाएं जिन वस्तुओं पर जीएसटी लागू है वह जीएसटी नंबर वाले ही भेजे जाएं और बाकी के बिल शून्य प्रतिशत जीएसटी के भेजे जाएं।
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बिल के चक्कर में स्कूलों में नहीं पक रहा मिड-डे-मील
मिड-डे-मील राशन के बिल पहले स्कूल अपने स्तर पर बनवाकर विभाग को दे देते थे। विभाग राशि जारी कर देता था। ऐसे में स्कूल को उधार में राशन भी मिल जाता था। लेकिन अब जिस दुकान से सामान खरीदा गया है उससे बिल लेकर विभाग को जमा करवाना होगा। विभाग सीधा दुकानदार को बिल जारी करेगा। ऐसे में शिक्षक राशन नहीं खरीद पा रहे है। इसके चलते करीब 60 फीसदी स्कूलों में मिड डे मील नहीं पक रहा है। बुधवार को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने पत्र जारी करके ये भी स्पष्ट किया है कि किसी विद्यालय में अगर खाना नहीं पकाया जा रहा है तो वह विभागीय कार्रवाई के जिए जिम्मेदार होंगे।
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शिक्षा विभाग ये जारी करता है कुकिंग खर्च
सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले प्राइमरी कक्षा के विद्यार्थियों को शिक्षा विभाग मिड-डे-मील के कुकिंग खर्च के लिए 4 रुपये 97 पैसे और मिडिल कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए 7 रुपये 14 पैसे राशि जारी होती है।

सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की स्थिति
कक्षा विद्यार्थी
पहली 319
दूसरी 8014
तीसरी 8084
चौथी 8037
पांचवीं 8407
छठी 4762
सातवीं 8683
आठवीं 8199
कोट
जीएसटी बिल के कारण अधिकतर स्कूलों में मिड-डे-मील नहीं बन रहा है। कोई भी राशन उधार देने का तैयार नहीं है, खासकर सब्जी और दूध नहीं मिल रहा है। इनके पास जीएसटी बिल नहीं होता है। शिक्षा विभाग खुद ही स्कूलों को राशन जारी कर दें। बिल के कारण शिक्षक उलझे हुए हैं।
-विकास टुटेजा, पूर्व जिला प्रधान, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ
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