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Fatehabad News: दो घंटे तक हड़ताल पर रहे सरकारी चिकित्सक, ठंड में इंतजार करते रहे मरीज
Sat, 09 Dec 2023 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 09 Dec 2023 11:22 PM IST
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फतेहाबाद। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (एचसीएमएस) के आह्वान पर फतेहाबाद के सभी नागरिक अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों ने शनिवार को दो घंटे ओपीडी नहीं देखी।
जिला मुख्यालय के नागरिक अस्पताल के 21 चिकित्सक हड़ताल पर रहे। इस कारण ठंड में मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। सुबह नौ बजे ही आकर पर्ची कटवाने के बाद चिकित्सक के कक्ष के बाहर बैठे मरीज ठिठुरते हुए इंतजार करते रहे। हालांकि, आपातकालीन और लेबर रूम में सेवाएं जारी रही, लेकिन अन्य मरीजों के पास दो घंटे इंतजार के अलावा कोई विकल्प नहीं रहा।
स्वास्थ्य विभाग से नियुक्त सरकारी अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी के चिकित्सक लंबे समय से अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में शनिवार को भी एचसीएमएस ने दो घंटे पेन डाउन हड़ताल की घोषणा की थी।
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इसलिए जिले में फतेहाबाद, रतिया और टोहाना के नागरिक अस्पतालों और अन्य खंडों के सीएचसी और पीएचसी में तैनात चिकित्सकों ने सुबह नौ बजे से 11 बजे तक हड़ताल की। चिकित्सकों ने ओपीडी का काम नहीं देखा।
ये हैं चिकित्सकों की प्रमुख मांगें
- गतिशील सुनिश्चित कॅरिअर प्रगति लागू हो।
- एसएमओ की सीधी भर्ती पर रोक लगाई जाए।
- हर चिकित्सक को 10 साल में पदोन्नति दी जाए।
- चिकित्सकों के लिए एक विशेष कैडर का गठन किया जाए।
- विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए अतिरिक्त इंसेंटिव का प्रावधान किया जाए।
- पीजी करने वाले चिकित्सकों की बांड राशि को एक करोड़ से घटाकर 50 लाख रुपये किया जाए।
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महिला चिकित्सक न होने पर गर्भवतियों को सुबह हुई अधिक परेशानी
हालांकि नागरिक अस्पताल में जच्चा बच्चा वार्ड में सेवाएं जारी रहीं, लेकिन महिला चिकित्सक के हड़ताल पर होने के कारण सामान्य चेकअप के लिए आईं गर्भवतियों को दो घंटे तक परेशानियों का सामना करना पड़ा। बुखार, नाक, कान, गले के रोगियों, दमा मरीजों को भी परेशानी ई। हालांकि, 11 बजे के बाद ओपीडी खोल दी गई और मरीजों की जांच का कार्य चिकित्सकों ने शुरू किया। इसके बाद मरीजों को राहत मिल पाई।
हमारी मांगों के बारे में स्वास्थ्य विभाग के निदेशक के साथ कई बार बैठक हो चुकी है। इसके बावजूद मांगें नहीं मानी जा रहीं हैं। इसीलिए शनिवार को दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल की गई। अगर मांगें जल्द नहीं मानी जाएंगी तो और बड़ा निर्णय लिया जाएगा।
-डॉ. भरत बेनीवाल, प्रधान, हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन, फतेहाबाद
चिकित्सकों की हड़ताल के कारण दो घंटे के लिए ओपीडी बाधित हुई थी, लेकिन बाद में ओपीडी का कार्य निरंतरता के साथ चला। अस्पताल में आए अधिकतर मरीजों को उचित परामर्श और दवाएं मिलीं हैं।
- डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन, फतेहाबाद।
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जिला मुख्यालय के नागरिक अस्पताल के 21 चिकित्सक हड़ताल पर रहे। इस कारण ठंड में मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। सुबह नौ बजे ही आकर पर्ची कटवाने के बाद चिकित्सक के कक्ष के बाहर बैठे मरीज ठिठुरते हुए इंतजार करते रहे। हालांकि, आपातकालीन और लेबर रूम में सेवाएं जारी रही, लेकिन अन्य मरीजों के पास दो घंटे इंतजार के अलावा कोई विकल्प नहीं रहा।
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स्वास्थ्य विभाग से नियुक्त सरकारी अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी के चिकित्सक लंबे समय से अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में शनिवार को भी एचसीएमएस ने दो घंटे पेन डाउन हड़ताल की घोषणा की थी।
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इसलिए जिले में फतेहाबाद, रतिया और टोहाना के नागरिक अस्पतालों और अन्य खंडों के सीएचसी और पीएचसी में तैनात चिकित्सकों ने सुबह नौ बजे से 11 बजे तक हड़ताल की। चिकित्सकों ने ओपीडी का काम नहीं देखा।
ये हैं चिकित्सकों की प्रमुख मांगें
- गतिशील सुनिश्चित कॅरिअर प्रगति लागू हो।
- एसएमओ की सीधी भर्ती पर रोक लगाई जाए।
- हर चिकित्सक को 10 साल में पदोन्नति दी जाए।
- चिकित्सकों के लिए एक विशेष कैडर का गठन किया जाए।
- विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए अतिरिक्त इंसेंटिव का प्रावधान किया जाए।
- पीजी करने वाले चिकित्सकों की बांड राशि को एक करोड़ से घटाकर 50 लाख रुपये किया जाए।
महिला चिकित्सक न होने पर गर्भवतियों को सुबह हुई अधिक परेशानी
हालांकि नागरिक अस्पताल में जच्चा बच्चा वार्ड में सेवाएं जारी रहीं, लेकिन महिला चिकित्सक के हड़ताल पर होने के कारण सामान्य चेकअप के लिए आईं गर्भवतियों को दो घंटे तक परेशानियों का सामना करना पड़ा। बुखार, नाक, कान, गले के रोगियों, दमा मरीजों को भी परेशानी ई। हालांकि, 11 बजे के बाद ओपीडी खोल दी गई और मरीजों की जांच का कार्य चिकित्सकों ने शुरू किया। इसके बाद मरीजों को राहत मिल पाई।
हमारी मांगों के बारे में स्वास्थ्य विभाग के निदेशक के साथ कई बार बैठक हो चुकी है। इसके बावजूद मांगें नहीं मानी जा रहीं हैं। इसीलिए शनिवार को दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल की गई। अगर मांगें जल्द नहीं मानी जाएंगी तो और बड़ा निर्णय लिया जाएगा।
-डॉ. भरत बेनीवाल, प्रधान, हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन, फतेहाबाद
चिकित्सकों की हड़ताल के कारण दो घंटे के लिए ओपीडी बाधित हुई थी, लेकिन बाद में ओपीडी का कार्य निरंतरता के साथ चला। अस्पताल में आए अधिकतर मरीजों को उचित परामर्श और दवाएं मिलीं हैं।
- डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन, फतेहाबाद।