{"_id":"5dfe61df8ebc3e87b17f4bfd","slug":"fraud-of-five-and-a-half-lakhs-by-giving-lure-to-double-fatehabad-fatehabad-news-rtk5335144142","type":"story","status":"publish","title_hn":"दोगुने का लालच देकर साढ़े पांच लाख की ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दोगुने का लालच देकर साढ़े पांच लाख की ठगी
विज्ञापन
फतेहाबाद। रुपये दोगुने करने का लालच देकर ठगी करने में एक और चिटफंड कंपनी सामने आई है। गांव मताना निवासी युवक ने चिटफंड कंपनी पर रुपये दोगुने करने का लालच देकर साढ़े पांच लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया है। मामले में शहर पुलिस ने गांव मताना निवासी कुलदीप की शिकायत पर आरोपी उत्तरप्रदेश के अलीगढ़ निवासी धर्मेंद्र, पटियाला निवासी विनय तथा महाराष्ट्र के पुणे निवासी अजीत के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपी धर्मेंद्र पंजाब में और अजीत पुणे में सेना में कार्यरत है।
पुलिस को दी शिकायत में कुलदीप ने आरोप लगाया कि धर्मेंद्र वह पंजाब में सेना में कार्यरत है, उसने उसे जून 2018 में जब पटियाला गया तो धर्मेंद्र ने उसे विनय से मिलवाया। विनय ने उसे गर्वित इनवोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड कंपनी के प्लान के बारे में बताया। विनय ने बताया कि 62100 रुपये लगाने पर 1 लाख 17 हजार रुपये मिलेंगे और हर माह 9765 रुपये वापस आएंगे। आरोप है कि उसने धर्मेद्र कहने पर पुणे में कार्यरत फौजी अजीत के खाते में रुपये डाल दिए। इसके बाद उसने विनय, अजीत और कंपनी के खाते में रुपये डाल दिए, इसके अलावा रिश्तेदारों के भी रुपये कंपनी में लगवा दिए। करीब 5 लाख 58 हजार 900 रुपये उसने व उसके रिश्तेदारों ने कंपनी में लगवाए। दिसंबर 2018 में जब रुपये वापस आने बंद हो गए तो उन्होंने आरोपियों से संपर्क किया। लेकिन आरोपियों ने देने से इंकार कर दिया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
पुलिस को दी शिकायत में कुलदीप ने आरोप लगाया कि धर्मेंद्र वह पंजाब में सेना में कार्यरत है, उसने उसे जून 2018 में जब पटियाला गया तो धर्मेंद्र ने उसे विनय से मिलवाया। विनय ने उसे गर्वित इनवोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड कंपनी के प्लान के बारे में बताया। विनय ने बताया कि 62100 रुपये लगाने पर 1 लाख 17 हजार रुपये मिलेंगे और हर माह 9765 रुपये वापस आएंगे। आरोप है कि उसने धर्मेद्र कहने पर पुणे में कार्यरत फौजी अजीत के खाते में रुपये डाल दिए। इसके बाद उसने विनय, अजीत और कंपनी के खाते में रुपये डाल दिए, इसके अलावा रिश्तेदारों के भी रुपये कंपनी में लगवा दिए। करीब 5 लाख 58 हजार 900 रुपये उसने व उसके रिश्तेदारों ने कंपनी में लगवाए। दिसंबर 2018 में जब रुपये वापस आने बंद हो गए तो उन्होंने आरोपियों से संपर्क किया। लेकिन आरोपियों ने देने से इंकार कर दिया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन