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कचरा खत्म करने के टेंडर की चौथी बार बढ़ाई तारीख
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बीघड़ रोड स्थित डंपिंग साइट पर जमा कचरा।
- फोटो : Fatehabad
शहर के बीघड़ रोड स्थित डंपिग साइट पर पिछले सात साल से जमा कचरा को खत्म करने के लिए लगने वाले टेंडर पर एक बार फिर ग्रहण लग गया है। नगर निकाय ने टेंडर को चौथी बार 15 दिन के लिए आगे बढ़ा दिया है। 23 जून को खुलने वाले टेंडर को खुलने के लिए अब 7 जुलाई की तारीख तय की गई है लेकिन टेंडर सात जुलाई को भी खुलने की कम संभावना है। इसके पीछे कारण शर्तें कठिन होना है।
अधिकारियों की माने तो टेंडर को बार-बार आगे बढ़ाने के पीछे बजट न होना कारण बताया जा रहा है। 4.35 करोड़ रुपये इस प्रोजेक्ट पर खर्च करने के लिए नगर निकाय अब हाथ पीछे खींच रहा है। पहले इस टेंडर को 29 मई को लगाया गया था, फिर इसे 9 जून को आगे बढ़ा दिया गया। 23 जून को ये टेंडर खुलना था लेकिन अब इसे सात जुलाई तक बढ़ा दिया गया है। नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि नगर निकाय के उच्च अधिकारियों के आदेश पर टेंडर को आगे बढ़ाया जा रहा है और इसकी रिपोर्ट भेजी जा रही है। डोर टू डोर कचरा कलेक्शन का टेंडर पहले सिरे नहीं चढ़ पाया है।
सात साल से जमा है कचरा, नहीं उठाया गया : नगर परिषद अधिकारियों के मुताबिक पिछले सात साल से कचरा यहां इकट्ठा हो रहा है। शहर से व घरों से कचरा इकट्ठा करने के बाद इसे बीघड़ रोड स्थित डंपिंग साइट पर पहुंचाया जाता है। रोजाना शहर से 25 टन कचरा निकलता है। पिछले सात सालों से कचरा डंपिंग साइट पर इकट्ठा हो रहा है। करीब 45 हजार टन कचरा यहां पर इकट्ठा हो चुका है। टेंडर लेने वाली एजेंसी यहां पर जमा कचरे को अलग-अलग करेगी। यहां से कागज, पॉलीथिन, प्लास्टिक व कांच आदि को अलग किया जाएगा। एजेंसी की जिम्मेदारी होगी कि वह इसे किस तरह से खत्म करेगी। एजेंसी दोबारा इस्तेमाल में लिए जाने वाले कचरे को बेच भी सकती है और खाद भी बना सकती है। इसके अलावा दोबारा प्रयोग में न आने वाले कचरे को ट्रांसपोर्ट के जरिये शहर से बाहर ले जाकर खत्म करने की जिम्मेदारी एजेंसी की होगी।
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20 फीट तक जमा है कचरा : डंपिंग साइट पर करीब 20 फीट तक कचरा जमा है। एजेंसी को खुदाई करके कचरा निकालना होगा। नप ने डंपिंग साइट पर चाहर दिवारी करवाई थी लेकिन कचरे का निस्तारण न होने के कारण ये यहीं जमा होता रहा। हालात यह हो गए कि करीब 20 फुट तक ऊंचाई तक कचरा जमा हो चुका है।
हमें उच्च अधिकारियों के आदेश मिल रहे हैं कि टेंडर की तारीख को आगे बढ़ाया जाए। निर्देश पर टेंडर को 15 दिन के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। टेंडर खुलने के बाद ही पता चल पाएगा कि कितनी फर्म आती हैं। - अमित बेरवाल, एमई नप।
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अधिकारियों की माने तो टेंडर को बार-बार आगे बढ़ाने के पीछे बजट न होना कारण बताया जा रहा है। 4.35 करोड़ रुपये इस प्रोजेक्ट पर खर्च करने के लिए नगर निकाय अब हाथ पीछे खींच रहा है। पहले इस टेंडर को 29 मई को लगाया गया था, फिर इसे 9 जून को आगे बढ़ा दिया गया। 23 जून को ये टेंडर खुलना था लेकिन अब इसे सात जुलाई तक बढ़ा दिया गया है। नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि नगर निकाय के उच्च अधिकारियों के आदेश पर टेंडर को आगे बढ़ाया जा रहा है और इसकी रिपोर्ट भेजी जा रही है। डोर टू डोर कचरा कलेक्शन का टेंडर पहले सिरे नहीं चढ़ पाया है।
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सात साल से जमा है कचरा, नहीं उठाया गया : नगर परिषद अधिकारियों के मुताबिक पिछले सात साल से कचरा यहां इकट्ठा हो रहा है। शहर से व घरों से कचरा इकट्ठा करने के बाद इसे बीघड़ रोड स्थित डंपिंग साइट पर पहुंचाया जाता है। रोजाना शहर से 25 टन कचरा निकलता है। पिछले सात सालों से कचरा डंपिंग साइट पर इकट्ठा हो रहा है। करीब 45 हजार टन कचरा यहां पर इकट्ठा हो चुका है। टेंडर लेने वाली एजेंसी यहां पर जमा कचरे को अलग-अलग करेगी। यहां से कागज, पॉलीथिन, प्लास्टिक व कांच आदि को अलग किया जाएगा। एजेंसी की जिम्मेदारी होगी कि वह इसे किस तरह से खत्म करेगी। एजेंसी दोबारा इस्तेमाल में लिए जाने वाले कचरे को बेच भी सकती है और खाद भी बना सकती है। इसके अलावा दोबारा प्रयोग में न आने वाले कचरे को ट्रांसपोर्ट के जरिये शहर से बाहर ले जाकर खत्म करने की जिम्मेदारी एजेंसी की होगी।
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20 फीट तक जमा है कचरा : डंपिंग साइट पर करीब 20 फीट तक कचरा जमा है। एजेंसी को खुदाई करके कचरा निकालना होगा। नप ने डंपिंग साइट पर चाहर दिवारी करवाई थी लेकिन कचरे का निस्तारण न होने के कारण ये यहीं जमा होता रहा। हालात यह हो गए कि करीब 20 फुट तक ऊंचाई तक कचरा जमा हो चुका है।
हमें उच्च अधिकारियों के आदेश मिल रहे हैं कि टेंडर की तारीख को आगे बढ़ाया जाए। निर्देश पर टेंडर को 15 दिन के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। टेंडर खुलने के बाद ही पता चल पाएगा कि कितनी फर्म आती हैं। - अमित बेरवाल, एमई नप।