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सेठ जगदीश हत्याकांड : चार युवक सुल्फे-भांग के नशे में आए थे चोरी करने, सेठ की नींद खुली तो सिर पर चोट मारर कर दी थी हत्या
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आरोपी को कोर्ट में पेश करने के लिए लेकर जाते हुए पुलिसकर्मी ।
- फोटो : Fatehabad
गांव लहरियां के किराना दुकानदार सेठ जगदीश गर्ग की निर्मम हत्याकांड का पुलिस ने पटाक्षेप कर दिया है। हत्या व चोरी की वारदात को चार नशेड़ी युवकों ने भांग और सुल्फे के नशे में अंजाम दिया था। इनमें लहरियां के तीन व एक उकलाना रहने वाला हैं। आरोपियों की पहचान गांव के 23 वर्षीय युवक मंदीप उर्फ मोनू लहरियां, 20 साल के प्रमोद पुत्र रोहताश, 19 साल के अंकित पुत्र धर्मपाल के रूप में हुई है। ये तीनों युवक लहरियां गांव के ही रहने वाले हैं जबकि चौथे आरोपी योगेश उकलाना का रहने है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी मंदीप उर्फ मोनू को गिरफ्तार कर लिया है। बताया गया है कि मोनू गांव के ही पूर्व सरपंच रणसिंह पूनिया का पोता है। पुलिस ने मोनू को शुक्रवार को कोर्ट में पेशकर एक दिन के रिमांड पर लिया है ताकि तीनों अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ कर सके। डीएसपी अजायब सिंह व भूना थाना प्रभारी कपिल सिहाग ने इस मामले का खुलासा किया है।
प्रमोद के गायब होने व मोबाइल से सुलझी हत्या की गुत्थी
वारदात के बाद जांच में जुटी पुलिस टीम को शुरुआत में ये क्लू मिला कि गांव का ही युवक प्रमोद नियमित रूप से बस स्टैंड पर सोता था और वारदात के बाद से उसे किसी ने देखा नहीं है। ऐसे में उसके एकाएक गायब होने से पुलिस का पहला संदेह उस पर गया। जिसके बाद पुलिस ने उसकी कॉल डिटेल निकलवाई जिसके बाद उसकी लोकेशन से पुलिस को अहम सुराग मिले। इसके बाद मोबाइल डिटेल से प्रमोद के संपर्क में आने वाले दोस्तों का रिकार्ड खंगाला तो कुछ घंटों के बारे में हत्याकांड का पर्दाफाश हो गया। डीएसपी अजायब सिह व एसएचओ कपिल कुमार सिहाग, सीआईए रतिया के रवीश कुमार व सीआईए फतेहाबाद के अतिरिक्त एसपी के खुफिया तंत्र से जुड़े हुए कर्मियों ने हत्या आरोपियों के गिरेबान तक पहुंचने में कड़ी मेहनत की जिसका सकारात्मक फल भी उन्हें मिला।
पूछताछ में बोला आरोपी, भांग-सुल्फा पीकर वारदात को दिया अंजाम
पुलिस हिरासत में मंदीप उर्फ मोनू पूनिया ने बताया कि उसका दोस्त प्रमोद कुमार लहरियां बस स्टैंड पर रात्रि को सोता था। जिसके कारण गर्ग किराना स्टोर के मालिक सेठ जगदीश चंद्र गर्ग पर उसकी पिछले कई दिनों से नजर थी। क्योंकि जगदीश की दुकान पर काफी संख्या में ग्राहक आते थे और हजारों रुपये की प्रतिदिन आय थी। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया है कि जगदीश के पास 25 अगस्त को मोटा पैसा आने की भनक उन्हें लगी थी। इसलिए उन्होंने रात्रि को भांग सुल्फा पीकर चोरी की वारदात को अंजाम देने की प्लानिंग की थी मगर जब सेठ जगदीश की नींद से आंख खुल गई और उसने हमें पहचान लिया था। इसलिए प्रमोद ने लकड़ी का बरगा सेठ के सिर में मार दिया। इसके बाद भी घायल सेठ ने फिर शोर मचाया तो उसने भी उसके सिर पर ईंटों से हमला कर दिया। हत्या के बाद दुकान के अंदर कैश बॉक्स की तलाशी ली तो उसमें 4120 रुपये थे। आरोपी उपरोक्त राशि व सिगरेट-बीड़ी एवं लाइटर इत्यादि लेकर मौके से भाग गए थे।
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शिनाख्त करने पहुंचे मृतक का बेटा हुआ भावुक, बोला मेरे पिता का क्या कसूर था
गर्ग किराना स्टोर के मालिक जगदीश चंद्र के बड़े बेटे एवं पंचायत समिति भूना के जनप्रतिनिधि शिव कुमार गर्ग ने हत्यारोपी मंदीप उर्फ मोनू पूनिया की शिनाख्त के दौरान पुलिस की मौजूदगी में भावुकता भरेे शब्दों में पूछा मेरे बाप ने क्या कसूर किया था जो तुमने बेरहमी से उन्हें मा दिया। मगर हत्यारोपी मोनू चुप खड़ा रहा। फिर सवाल किया तो आरोपी बोला दुकान में हम चोरी करनेेे आए थे और सुल्फा के नशे में थे। सेठ जी जाग गए और उन्होंने हमें पहचान लिया था इसलिए प्रमोद ने लकड़ी का बरगा सिर में मार दिया।
डीएसपी अजायब सिंह फतेहाबाद में पत्रकार वार्ता में बताया कि सेठ जगदीश गर्ग हत्याकांड मामले में खुलासा हो गया है। जिसमें चार युवकों ने चोरी के चलते हत्या की घटना को अंजाम दिया था। इसमें मंदीप उर्फ मोनू लहरियां को गिरफ्तार कर लिया है। जिसे शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर के रिमांड पर लिया गया है। बाकी तीनों आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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प्रमोद के गायब होने व मोबाइल से सुलझी हत्या की गुत्थी
वारदात के बाद जांच में जुटी पुलिस टीम को शुरुआत में ये क्लू मिला कि गांव का ही युवक प्रमोद नियमित रूप से बस स्टैंड पर सोता था और वारदात के बाद से उसे किसी ने देखा नहीं है। ऐसे में उसके एकाएक गायब होने से पुलिस का पहला संदेह उस पर गया। जिसके बाद पुलिस ने उसकी कॉल डिटेल निकलवाई जिसके बाद उसकी लोकेशन से पुलिस को अहम सुराग मिले। इसके बाद मोबाइल डिटेल से प्रमोद के संपर्क में आने वाले दोस्तों का रिकार्ड खंगाला तो कुछ घंटों के बारे में हत्याकांड का पर्दाफाश हो गया। डीएसपी अजायब सिह व एसएचओ कपिल कुमार सिहाग, सीआईए रतिया के रवीश कुमार व सीआईए फतेहाबाद के अतिरिक्त एसपी के खुफिया तंत्र से जुड़े हुए कर्मियों ने हत्या आरोपियों के गिरेबान तक पहुंचने में कड़ी मेहनत की जिसका सकारात्मक फल भी उन्हें मिला।
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पूछताछ में बोला आरोपी, भांग-सुल्फा पीकर वारदात को दिया अंजाम
पुलिस हिरासत में मंदीप उर्फ मोनू पूनिया ने बताया कि उसका दोस्त प्रमोद कुमार लहरियां बस स्टैंड पर रात्रि को सोता था। जिसके कारण गर्ग किराना स्टोर के मालिक सेठ जगदीश चंद्र गर्ग पर उसकी पिछले कई दिनों से नजर थी। क्योंकि जगदीश की दुकान पर काफी संख्या में ग्राहक आते थे और हजारों रुपये की प्रतिदिन आय थी। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया है कि जगदीश के पास 25 अगस्त को मोटा पैसा आने की भनक उन्हें लगी थी। इसलिए उन्होंने रात्रि को भांग सुल्फा पीकर चोरी की वारदात को अंजाम देने की प्लानिंग की थी मगर जब सेठ जगदीश की नींद से आंख खुल गई और उसने हमें पहचान लिया था। इसलिए प्रमोद ने लकड़ी का बरगा सेठ के सिर में मार दिया। इसके बाद भी घायल सेठ ने फिर शोर मचाया तो उसने भी उसके सिर पर ईंटों से हमला कर दिया। हत्या के बाद दुकान के अंदर कैश बॉक्स की तलाशी ली तो उसमें 4120 रुपये थे। आरोपी उपरोक्त राशि व सिगरेट-बीड़ी एवं लाइटर इत्यादि लेकर मौके से भाग गए थे।
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शिनाख्त करने पहुंचे मृतक का बेटा हुआ भावुक, बोला मेरे पिता का क्या कसूर था
गर्ग किराना स्टोर के मालिक जगदीश चंद्र के बड़े बेटे एवं पंचायत समिति भूना के जनप्रतिनिधि शिव कुमार गर्ग ने हत्यारोपी मंदीप उर्फ मोनू पूनिया की शिनाख्त के दौरान पुलिस की मौजूदगी में भावुकता भरेे शब्दों में पूछा मेरे बाप ने क्या कसूर किया था जो तुमने बेरहमी से उन्हें मा दिया। मगर हत्यारोपी मोनू चुप खड़ा रहा। फिर सवाल किया तो आरोपी बोला दुकान में हम चोरी करनेेे आए थे और सुल्फा के नशे में थे। सेठ जी जाग गए और उन्होंने हमें पहचान लिया था इसलिए प्रमोद ने लकड़ी का बरगा सिर में मार दिया।
डीएसपी अजायब सिंह फतेहाबाद में पत्रकार वार्ता में बताया कि सेठ जगदीश गर्ग हत्याकांड मामले में खुलासा हो गया है। जिसमें चार युवकों ने चोरी के चलते हत्या की घटना को अंजाम दिया था। इसमें मंदीप उर्फ मोनू लहरियां को गिरफ्तार कर लिया है। जिसे शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर के रिमांड पर लिया गया है। बाकी तीनों आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।