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साढ़े चार करोड़ का प्रोजेक्ट बंद, कचरे से भरा संग्रह स्थल
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नगर परिषद में खड़ी कचरे से भरी ट्रॉली।
- फोटो : Fatehabad
शहर के बीघड़ रोड पर नगर परिषद द्वारा बनाया गया कचरा संग्रह स्थल पूरी तरह से भर गया है। शुक्रवार को शहर से कचरा लेकर गई ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और टाटा ऐस गाड़ियां खाली किए बिना ही वापस लौर्ट आइं। संग्रह स्थल पर कचरा डालने की जगह न होने के चलते शुक्रवार को दिन भर कचरे से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली नगर परिषद कार्यालय में खड़ी रहीं। यहां तक कि कचरा संग्रह स्थल पर जेसीबी संचालकों ने भी काम करने से मना कर दिया है। बदबू और तेल की खपत ज्यादा होने के चलते कोई भी जेसीबी संचालक काम करने को तैयार नहीं है।
इसके चलते संग्रह स्थल पर कचरा डालने के लिए जगह नहीं बन पाई है। पिछले तीन दिन से संग्रह स्थल पर कचरा डालने को लेकर समस्या आ रही है। नप कर्मचारी शहर के कई प्वाइंटों से कचरा भी नहीं उठा रहे हैं।
साढ़े चार करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बीच में रुका
कचरा संग्रह स्थल पर पिछले करीब सात साल से कचरा जमा हो रहा है। यहां पर करीब 47 हजार टन कचरा जमा हो चुका है। इस कचरे को नष्ट करने के लिए नप ने प्राइवेट एजेंसी को काम दे रखा है। अधिकारियों की मानें तो 50 से 55 फीसदी तक काम पूरा हुआ है लेकिन इसके बाद अब ये प्रोजेक्ट बीच में रुक गया है। कचरा नष्ट करने के बाद जो जगह खाली हुई थी वहां पर नया कचरा इकट्ठा हो गया है। जेसीबी न मिलने से संग्रह स्थल पर ही बिखर रहा है।
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शहर से रोजाना निकलता है 40 टन कचरा
शहर की आबादी करीब सवा लाख है। यहां से रोजाना करीब 40 टन कचरा निकल रहा है। सफाई कर्मचारी पहले कचरे को डंपिंग प्वाइंट पर इकट्ठे करते हैं, इसके बाद टाटा ऐस और ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से कचरा संग्रह स्थल पर भेजा जाता है।
कोट
मेरे संज्ञान में ये मामला अभी आया है। इस संबंध में नप अधिकारियों से रिपोर्ट लेता हूं कि क्या समस्या आ रही है। अगर कोई समस्या आ रही है तो उसका समाधान निकाला जाएगा।
- डॉ. मुनीश नागपाल, जिला नगर आयुक्त।
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इसके चलते संग्रह स्थल पर कचरा डालने के लिए जगह नहीं बन पाई है। पिछले तीन दिन से संग्रह स्थल पर कचरा डालने को लेकर समस्या आ रही है। नप कर्मचारी शहर के कई प्वाइंटों से कचरा भी नहीं उठा रहे हैं।
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साढ़े चार करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बीच में रुका
कचरा संग्रह स्थल पर पिछले करीब सात साल से कचरा जमा हो रहा है। यहां पर करीब 47 हजार टन कचरा जमा हो चुका है। इस कचरे को नष्ट करने के लिए नप ने प्राइवेट एजेंसी को काम दे रखा है। अधिकारियों की मानें तो 50 से 55 फीसदी तक काम पूरा हुआ है लेकिन इसके बाद अब ये प्रोजेक्ट बीच में रुक गया है। कचरा नष्ट करने के बाद जो जगह खाली हुई थी वहां पर नया कचरा इकट्ठा हो गया है। जेसीबी न मिलने से संग्रह स्थल पर ही बिखर रहा है।
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शहर से रोजाना निकलता है 40 टन कचरा
शहर की आबादी करीब सवा लाख है। यहां से रोजाना करीब 40 टन कचरा निकल रहा है। सफाई कर्मचारी पहले कचरे को डंपिंग प्वाइंट पर इकट्ठे करते हैं, इसके बाद टाटा ऐस और ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से कचरा संग्रह स्थल पर भेजा जाता है।
कोट
मेरे संज्ञान में ये मामला अभी आया है। इस संबंध में नप अधिकारियों से रिपोर्ट लेता हूं कि क्या समस्या आ रही है। अगर कोई समस्या आ रही है तो उसका समाधान निकाला जाएगा।
- डॉ. मुनीश नागपाल, जिला नगर आयुक्त।