फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   fountain, water, fatehabad

कभी शहर की शान थे फव्वारे, आज बने गंदगी के ढेर

Fri, 16 Aug 2019 11:51 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 16 Aug 2019 11:51 PM IST
विज्ञापन
fountain, water, fatehabad
ताऊ देवी लाल मार्किट स्थित दोनों फव्वारे जिनमें अब सिर्फ गंदगी दिखती है। - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। कभी शहर की शान रहे फव्वारों को भूल जाएं क्या साहब! ये सवाल आजकल हरेक उस इंसान के दिलो-दिमाग में कौंधता है जिसने कभी इन फव्वारों की शान-शौकत देखी हो। शहर के सुंदरीकरण को चार चांद लगाने वाले फतेहाबाद शहर के सभी फव्वारे आजकल महज गंदगी के ढेर और कूड़ेदान माफिक बनकर रह गए हैं। इनकी हालत देखकर तो ये कतई नहीं लगता कि नगर परिषद या जिला प्रशासन शहर के सुंदरीकरण को लेकर तनिक भर भी गंभीर है।
विज्ञापन

लाल बत्ती चौक से जवाहर चौक की ओर जाते हुए हंस मार्केट मोड़ हुआ करता था। इसके बाद तत्कालीन उपायुक्त महताब सिंह सहरावत व नगर पालिका एमई हरिकिशन शर्मा के प्रयासों की बदौलत रातोंरात प्रशासन ने यहां पर शानदार रंग-बिरंगा फव्वारा लगवा दिया। और इस चौक का नाम ही फव्वारा चौक पड़ गया। इस बेहतरीन फव्वारे की सबसे खास बात ये थी कि इसकी एक भी बूंद फव्वारा की चारदीवारी से बाहर नहीं गिरती थी। लेकिन अफसर बदले तो इनके हालात भी बदले। पिछले कुछ सालों से इस बेहतरीन फव्वारे को जैसे लापरवाही और अफसरी ढिलाई की नजर लग गई। अब यहां पर चौक का नाम तो फव्वारा चौक है, लेकिन फव्वारा कभी चलता नहीं दिखता।
विज्ञापन

कभी दो फव्वारे थे ताऊ देवी लाल मार्किट की पहचान, अब बने महज कूड़ेदान
ताऊ देवी लाल मार्किट की पहचान रहे दो बेहतरीन फव्वारे भी अब अपनी पहचान खो चुके हैं। पूर्व उपप्रधानमंत्री चौ. देवीलाल की प्रतिमा के दोनों तरफ बनाए गए शानदार फव्वारे कभी इस मार्किट की पहचान हुआ करती थी। लेकिन अफसरी लापरवाही इसे भी लील गई। एक बार ये फव्वारे खराब हुए तो दोबारा इसे रिपेयर करवाने की किसी ने जहमत तक नहीं उठाई। जब ये चलने ही बंद हो गए थे तो इसे कूड़ेदान का ढेर बनते देर कहां लगनी थी और कमोबेश हुआ भी कुछ ऐसा ही। फव्वारे के नाम पर सिर्फ कुछ निशानियां बची हैं बाकी तो सब यहां गंदगी के ढेर ही दिखते हैं। सत्ताधारी बीजेपी का जिला कार्यालय इस मार्किट में खुला था तो लगने लगा था शायद अब इन फव्वारों के दिन फिरेेंगे लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पपीहा पार्क का तो सुधार हुआ, लेकिन फव्वारे सुधारना भूल गया प्रशासन
कभी वक्त हुआ करता था कि सांझ होते ही पपीहा पार्क में लोगों की भीड़ सिर्फ इसलिए लगती थी ताकि पानी को बेहतरीन कलाबाजियां खिलाते फव्वारों के दीदार हो सके। बच्चों के बीच सबसे लोकप्रिय रहे पपीहा पार्क के फव्वारे अब बंद हुए जमाना बीत चुका है। इस बीच प्रशासन ने इस पपीहा पार्क का सुधारीकरण करवाया। ओपन एअर जिम शुरू की गई है, सालों पुरानी शौचालय की मांग पूरी की जा चुकी है, लेकिन इन सबसे इतर कभी सबकी आंखों का तारा रहे यहां के फव्वारों को सुधारना जिला प्रशासन भी भूल गया।

वर्जन
शहर के सुंदरीकरण का मामला मेरे संज्ञान में है। फव्वारों की रखरखाव के बारे में अधिकारियों से बात करूंगा और उम्मीद है कि जल्द ही फव्वारे शहर की शान होंगे।
- दर्शन नागपाल, नगर परिषद अध्यक्ष, फतेहाबाद ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed