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Fatehabad News: बंदर पकड़ने के लिए नगर परिषद ने तीसरी बार फिर लगाया टेंडर
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फतेहाबाद। नगर परिषद ने शहर से बंदर पकड़ने के लिए मंगलवार को तीसरी बार फिर से टेंडर लगा दिया है। ये टेंडर 29 मार्च को खोला जाएगा। इस बार अगर एक एजेंसी भी आती है तो नगर परिषद अधिकारी टेंडर देने पर विचार कर सकते हैं।
नगर परिषद ने पहले दो बार टेंडर लगाया था। पहली बार एक एजेंसी आई थी तो दूसरी बार एक भी एजेंसी नहीं आई। इसके चलते नगर परिषद ने टेंडर रद कर दिया था। अधिकारियों का इस बार फिर एजेंसी न आने का डर है।
बता दें कि शहर में बंदरों के आतंक को लेकर नगर परिषद में पार्षद और कॉलोनीवासी हंगामा कर चुके हैं। इसको लेकर दो बार हाउस बैठक में प्रस्ताव भी पास हो चुका है। शहर के जगजीवनपुरा, नहर कॉलोनी, चार मरला कॉलोनी, भीमां बस्ती, लाजपत नगर, ठाकर बस्ती, एमसी कॉलोनी क्षेत्र में सबसे ज्यादा बंदरों का आतंक है।
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फिरोजपुर झिरका के जंगल में छोड़े जाने हैं बंदर
नगर परिषद ने शहर से बंदर पकड़ने के लिए वन जीव प्राणी विभाग से अनुमति मांगी थी। वन जीव प्राणी विभाग ने अनुमति तो दी लेकिन इसके साथ-साथ 17 शर्तें भी लगाई है। बंदरों को पकड़कर फिरोजपुर झिरका के जंगल में छोड़ना होगा। बंदरों को छोड़ते समय वीडियोग्राफी करनी होगी और उस क्षेत्र की जीपीएस लोकेशन देनी होगी। बंदर से संबंधित शिकायत का निवारण 24 घंटे में करना होगा। दो माह के अंदर संबंधित ठेकेदार को बंदर पकडऩे होंगे।
कोट
बंदर पकड़ने को लेकर टेंडर दोबारा लगाया गया है। अगर इस बार एक एजेंसी भी आती है तो नियम अनुसार टेंडर जारी कर दिया जाएगा।
-ऋषिकेश चौधरी, ईओ नगर परिषद
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नगर परिषद ने पहले दो बार टेंडर लगाया था। पहली बार एक एजेंसी आई थी तो दूसरी बार एक भी एजेंसी नहीं आई। इसके चलते नगर परिषद ने टेंडर रद कर दिया था। अधिकारियों का इस बार फिर एजेंसी न आने का डर है।
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बता दें कि शहर में बंदरों के आतंक को लेकर नगर परिषद में पार्षद और कॉलोनीवासी हंगामा कर चुके हैं। इसको लेकर दो बार हाउस बैठक में प्रस्ताव भी पास हो चुका है। शहर के जगजीवनपुरा, नहर कॉलोनी, चार मरला कॉलोनी, भीमां बस्ती, लाजपत नगर, ठाकर बस्ती, एमसी कॉलोनी क्षेत्र में सबसे ज्यादा बंदरों का आतंक है।
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फिरोजपुर झिरका के जंगल में छोड़े जाने हैं बंदर
नगर परिषद ने शहर से बंदर पकड़ने के लिए वन जीव प्राणी विभाग से अनुमति मांगी थी। वन जीव प्राणी विभाग ने अनुमति तो दी लेकिन इसके साथ-साथ 17 शर्तें भी लगाई है। बंदरों को पकड़कर फिरोजपुर झिरका के जंगल में छोड़ना होगा। बंदरों को छोड़ते समय वीडियोग्राफी करनी होगी और उस क्षेत्र की जीपीएस लोकेशन देनी होगी। बंदर से संबंधित शिकायत का निवारण 24 घंटे में करना होगा। दो माह के अंदर संबंधित ठेकेदार को बंदर पकडऩे होंगे।
कोट
बंदर पकड़ने को लेकर टेंडर दोबारा लगाया गया है। अगर इस बार एक एजेंसी भी आती है तो नियम अनुसार टेंडर जारी कर दिया जाएगा।
-ऋषिकेश चौधरी, ईओ नगर परिषद