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जिला परिषद की बैठक में अपनों ने बोला बीजेपी पर हल्ला
ब्यूरो/अमर उजाला/फतेहाबाद
Updated Wed, 05 Apr 2017 11:39 PM IST
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nagar parishad
- फोटो : Bureau
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प्रदेश सरकार ने जिस सोच के साथ जिला परिषद में पढ़े-लिखे जनप्रतिनिधियों को चुनने का कानून पास किया था। उसका असर बुधवार को फतेहाबाद जिला परिषद में दिखा। विकास में भेदभाव के आरोप और कई मुद्दों पर जिला परिषद के पार्षदों ने जिप चेयरमैन और अधिकारियों को अपने तर्कों के सामने बेबस कर दिया।
मीटिंग में जिप चेयरपर्सन गीता नांगली के सामने थी हावर्ड यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट और जिला परिषद के वार्ड नंबर 5 की पार्षद युक्ति गोदारा। बीजेपी समर्थित पार्षद होने के बावजूद उन्होंने सबसे पहले पिछली बैठक में पास हुए प्रस्तावों एवं बैठक की कार्यवाही में लिखे गए प्रस्तावों में अंतर आने का आरोप लगाते हुए चेयरपर्सन से जवाब-तलबी की। उनके सवालों के आगे जिप चेयरपर्सन गीता नांगली टिक नहीं सकी और उन्हें सदन को ये भरोसा देना पड़ा कि आगे से ऐसा नहीं होगा।
इस बैठक में युक्ति गोदारा के साथ विजेंद्र सिवाच, नीटू गिल, रामचंद्र सहनाल, बीबो इंदौरा, राजेश कस्वां सहित कई पार्षदों ने बीजेपी समर्थित चेयरमैन पर तीखे प्रहार किए। बैठक शुरू होने से पहले जिप अधिकारियों ने मीडिया को बाहर जाने को कहा, लेकिन जिप पार्षद विजेंद्र सिवाच, बीबो इंदौरा, नीटू गिल आदि ने इस पर ऐतराज जताते हुए कहा कि मीडिया के सामने ही बैठक होगी। जिला परिषद के सीईओ के तौर पर अमरजीत भी पहली बार ही बैठक में पहुंचे थे।
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जिप अध्यक्ष की जगह अधिकारी के बोलने पर युक्ति ने टोका
बैठक में हंगामे की नींव उसी समय पर पड़ गई थी जब शुरुआत में जिप अध्यक्ष गीता नांगली की जगह पर डिप्टी सीईओ संजीव गोयल ने बैठक की कार्यवाही शुरू करने का प्रयास किया। उनके बोलते ही पार्षद युक्ति गोदारा ने ऐतराज जताया और जिप अध्यक्षा को कार्यवाही शुरू करने को कहा। उनके तर्कों के सामने झुकते हुए जिप अध्यक्ष गीता नांगली को ही बैठक की कार्यवाही शुरू करनी पड़ी। इसके बाद तो युक्ति गोदारा ने एक के बाद एक कई जुबानी हमले सीधा जिप अध्यक्षा पर किए। इनमें पिछली बैठक में वाटर कूलर की मांग को पास होने के बावजूद ना लगने, 3 करोड़ की ग्रांट का समान बंटवारा ना होने, पिछली बैठक के प्रस्तावों को बैठक की कार्यवाही में पूरा ना लिखना और उस पर जिप अध्यक्ष के हस्ताक्षर ना होने संबंधी गई मुद्दे उठाए गए। इन सभी मुद्दों पर जिप अध्यक्षा गीता नांगली महज इतना कहती रही कि वे समान विकास करवाएंगी, किसी से विकास में भेदभाव नहीं होगा।
समान ग्रांट के मुद्दे पर बार-बार बात बदलती दिखी जिप चेयरपर्सन
जिला परिषद में आई 3 करोड़ की ग्रांट के समान बंटवारा ना होने से खफा जिप पार्षद विजेंद्र सिवाच, नीटू गिल, रामचंद्र सहनाल, बीबो इंदौरा और युक्ति ने जिप अध्यक्षा और अधिकारियों पर सीधे हमले किए। उन्होंने कहा कि पिछली बैठकों में ये बहुमत से पास हुआ था कि 3 करोड़ की ग्रांट को बराबर-बराबर बांटा जाए। लेकिन बैठक की कार्यवाही में इस बात को डाला ही नहीं गया। इस पर जिप अध्यक्षा गीता नांगली ने पहले ये कहने की कोशिश की बैठक में इस बात के पक्ष में बहुमत नहीं था। इस पर युक्ति गोदारा ने उन्हें इस बात के लिए ये कहते हुए घेर लिया कि उस बैठक में 18 में से अधिकतर पार्षदों ने इसके पक्ष में हाथ खड़े किए। इस पर युक्ति और गीता नांगली के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई। दरअसल जिप अध्यक्षा ने ये कह दिया कि ये जूठ है। इस पर युक्ति और अन्य पार्षद भड़क गए और उन्होंने कहा कि वे सभी एफिडेविट देने को तैयार हैं। इस पर जिप अध्यक्षा कभी दो-तीन पार्षदों तो कभी चार-पांच पार्षदों के विरोध की बात कही लेकिन विरोधी पार्षदों ने उनकी हर बात की काट तैयार कर रखी थी जिसके बाद उन्हें आखिरकार ये मानना पड़ा कि समान ग्रांट का प्रस्ताव बैठक में बहुमत से पास हुआ था और कार्यवाही में नहीं लिखा गया। उन्होंने कहा कि ऐसा दोबारा नहीं होगा।
राजेश कस्वां ने जिप अध्यक्षा के पति के बहाने साधा निशाना, कहा, ये कैसा बेटी बढ़ाओ अभियान
जिप पार्षद राजेश कस्वां ने जिप अध्यक्षा गीता नांगली पर उनके पति कृष्ण नांगली के बहाने निशाने साधे। उन्होंने कहा कि आप हाउस की चेयरपर्सन हैं, लेकिन टूर्नामेंटों और कार्यक्रमों में जाकर उनके पति ग्रांट की अनाउंस कर रहे हैं। सरकार बेटियों को आगे बढ़ाने की बात करती है, लेकिन ये कैसा सिस्टम है। जिसमें जिप अध्यक्ष प्रतिनिधि उनके नाम से घोषणाएं कर रहे हैं। इस बात को काटने की जल्दबाजी में जिप अध्यक्षा गीता नांगली खुद ये स्वीकार कर गई कि वो घोषणाएं ही करते हैं, साइन तो मैं ही करती हूं। इस पर भी काफी बहस हुई।
सिर्फ सुरजीत ओड, गोरछियां ही दिखे जिप अध्यक्ष के पक्ष में
बैठक में 18 में से लगभग 16-17 जिप पार्षद मौजूद रहे। लेकिन पार्षद अनिल गोरछियां, सुरजीत ओड, उपाध्यक्ष कमला भुक्कर ही जिप अध्यक्षा के पक्ष में दिखाई दिए। गीता नांगली को अध्यक्ष बनाने में सबसे अहम भूमिका निभाने वाली नीटू गिल भी इस बैठक में उनके जबरदस्त खिलाफत करती दिखी। उन्होंने कहा कि मैं प्रधान के सबसे पक्ष में थी, लेकिन उनके वार्ड में ही विकास कार्य नहीं हो रहे। इसके अलावा बैठक से अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की सिफारिश भी कई पार्षदों ने की। इस मौके पर डीडीपीओ राजेश खोथ, जिला परिषद के डिप्टी डीईओ, डीडीए बलवंत सहारण सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
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मीटिंग में जिप चेयरपर्सन गीता नांगली के सामने थी हावर्ड यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट और जिला परिषद के वार्ड नंबर 5 की पार्षद युक्ति गोदारा। बीजेपी समर्थित पार्षद होने के बावजूद उन्होंने सबसे पहले पिछली बैठक में पास हुए प्रस्तावों एवं बैठक की कार्यवाही में लिखे गए प्रस्तावों में अंतर आने का आरोप लगाते हुए चेयरपर्सन से जवाब-तलबी की। उनके सवालों के आगे जिप चेयरपर्सन गीता नांगली टिक नहीं सकी और उन्हें सदन को ये भरोसा देना पड़ा कि आगे से ऐसा नहीं होगा।
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इस बैठक में युक्ति गोदारा के साथ विजेंद्र सिवाच, नीटू गिल, रामचंद्र सहनाल, बीबो इंदौरा, राजेश कस्वां सहित कई पार्षदों ने बीजेपी समर्थित चेयरमैन पर तीखे प्रहार किए। बैठक शुरू होने से पहले जिप अधिकारियों ने मीडिया को बाहर जाने को कहा, लेकिन जिप पार्षद विजेंद्र सिवाच, बीबो इंदौरा, नीटू गिल आदि ने इस पर ऐतराज जताते हुए कहा कि मीडिया के सामने ही बैठक होगी। जिला परिषद के सीईओ के तौर पर अमरजीत भी पहली बार ही बैठक में पहुंचे थे।
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जिप अध्यक्ष की जगह अधिकारी के बोलने पर युक्ति ने टोका
बैठक में हंगामे की नींव उसी समय पर पड़ गई थी जब शुरुआत में जिप अध्यक्ष गीता नांगली की जगह पर डिप्टी सीईओ संजीव गोयल ने बैठक की कार्यवाही शुरू करने का प्रयास किया। उनके बोलते ही पार्षद युक्ति गोदारा ने ऐतराज जताया और जिप अध्यक्षा को कार्यवाही शुरू करने को कहा। उनके तर्कों के सामने झुकते हुए जिप अध्यक्ष गीता नांगली को ही बैठक की कार्यवाही शुरू करनी पड़ी। इसके बाद तो युक्ति गोदारा ने एक के बाद एक कई जुबानी हमले सीधा जिप अध्यक्षा पर किए। इनमें पिछली बैठक में वाटर कूलर की मांग को पास होने के बावजूद ना लगने, 3 करोड़ की ग्रांट का समान बंटवारा ना होने, पिछली बैठक के प्रस्तावों को बैठक की कार्यवाही में पूरा ना लिखना और उस पर जिप अध्यक्ष के हस्ताक्षर ना होने संबंधी गई मुद्दे उठाए गए। इन सभी मुद्दों पर जिप अध्यक्षा गीता नांगली महज इतना कहती रही कि वे समान विकास करवाएंगी, किसी से विकास में भेदभाव नहीं होगा।
समान ग्रांट के मुद्दे पर बार-बार बात बदलती दिखी जिप चेयरपर्सन
जिला परिषद में आई 3 करोड़ की ग्रांट के समान बंटवारा ना होने से खफा जिप पार्षद विजेंद्र सिवाच, नीटू गिल, रामचंद्र सहनाल, बीबो इंदौरा और युक्ति ने जिप अध्यक्षा और अधिकारियों पर सीधे हमले किए। उन्होंने कहा कि पिछली बैठकों में ये बहुमत से पास हुआ था कि 3 करोड़ की ग्रांट को बराबर-बराबर बांटा जाए। लेकिन बैठक की कार्यवाही में इस बात को डाला ही नहीं गया। इस पर जिप अध्यक्षा गीता नांगली ने पहले ये कहने की कोशिश की बैठक में इस बात के पक्ष में बहुमत नहीं था। इस पर युक्ति गोदारा ने उन्हें इस बात के लिए ये कहते हुए घेर लिया कि उस बैठक में 18 में से अधिकतर पार्षदों ने इसके पक्ष में हाथ खड़े किए। इस पर युक्ति और गीता नांगली के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई। दरअसल जिप अध्यक्षा ने ये कह दिया कि ये जूठ है। इस पर युक्ति और अन्य पार्षद भड़क गए और उन्होंने कहा कि वे सभी एफिडेविट देने को तैयार हैं। इस पर जिप अध्यक्षा कभी दो-तीन पार्षदों तो कभी चार-पांच पार्षदों के विरोध की बात कही लेकिन विरोधी पार्षदों ने उनकी हर बात की काट तैयार कर रखी थी जिसके बाद उन्हें आखिरकार ये मानना पड़ा कि समान ग्रांट का प्रस्ताव बैठक में बहुमत से पास हुआ था और कार्यवाही में नहीं लिखा गया। उन्होंने कहा कि ऐसा दोबारा नहीं होगा।
राजेश कस्वां ने जिप अध्यक्षा के पति के बहाने साधा निशाना, कहा, ये कैसा बेटी बढ़ाओ अभियान
जिप पार्षद राजेश कस्वां ने जिप अध्यक्षा गीता नांगली पर उनके पति कृष्ण नांगली के बहाने निशाने साधे। उन्होंने कहा कि आप हाउस की चेयरपर्सन हैं, लेकिन टूर्नामेंटों और कार्यक्रमों में जाकर उनके पति ग्रांट की अनाउंस कर रहे हैं। सरकार बेटियों को आगे बढ़ाने की बात करती है, लेकिन ये कैसा सिस्टम है। जिसमें जिप अध्यक्ष प्रतिनिधि उनके नाम से घोषणाएं कर रहे हैं। इस बात को काटने की जल्दबाजी में जिप अध्यक्षा गीता नांगली खुद ये स्वीकार कर गई कि वो घोषणाएं ही करते हैं, साइन तो मैं ही करती हूं। इस पर भी काफी बहस हुई।
सिर्फ सुरजीत ओड, गोरछियां ही दिखे जिप अध्यक्ष के पक्ष में
बैठक में 18 में से लगभग 16-17 जिप पार्षद मौजूद रहे। लेकिन पार्षद अनिल गोरछियां, सुरजीत ओड, उपाध्यक्ष कमला भुक्कर ही जिप अध्यक्षा के पक्ष में दिखाई दिए। गीता नांगली को अध्यक्ष बनाने में सबसे अहम भूमिका निभाने वाली नीटू गिल भी इस बैठक में उनके जबरदस्त खिलाफत करती दिखी। उन्होंने कहा कि मैं प्रधान के सबसे पक्ष में थी, लेकिन उनके वार्ड में ही विकास कार्य नहीं हो रहे। इसके अलावा बैठक से अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की सिफारिश भी कई पार्षदों ने की। इस मौके पर डीडीपीओ राजेश खोथ, जिला परिषद के डिप्टी डीईओ, डीडीए बलवंत सहारण सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।