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ऑनलाइन खरीद के दावे, अब तक नहीं आए कंप्यूटर व ऑपरेटर
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Sun, 18 Sep 2016 12:50 AM IST
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धान का सीजन शुरू होने में बमुश्किल 10 दिन बाकी हैं, लेकिन तैयारियों के नाम पर मार्केट कमेटी के पास सिवाए आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं दिख रहा। मंडी में धान की खरीद के लिए न तो अभी तक एजेंसियां नियुक्त की गई हैं और न ही ऑनलाइन काम करने के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर आ सके हैं। मंडी के बाहर की सड़कें बदहाल हालात में हैं। शौचालय और पेयजल टंकी जर्जर हालत में है। वहीं मार्केट कमेटी के अधिकारी अनाजमंडी को धान की सरकारी खरीद के लिए पूरी तरह तैयार बता रहे हैं। अब ये समझ से परे है कि अगर किसान मंडी में धान लाया, तो कौन खरीद करेगा और कैसे खरीद होगी। इतना ही नहीं, सबसे बड़ा सवाल तो ये भी है कि आखिर किस गेट से मंडी में धान की ट्रालियों की इंट्री होगी। मार्केट कमेटी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कंप्यूटर ऑपरेटरों की अभी तक नियुक्ति ही नहीं की जा सकी है और नियुक्ति के बाद उनकी ट्रेनिंग होनी है। ऐसे में एक अक्तूबर से धान की ऑनलाइन खरीद को लेकर संशय के बादल गहराते जा रहे हैं।
एजेंसियों की नियुक्ति नहीं
धान की खरीद के लिए जिला प्रशासन की ओर से खरीद एजेंसियों की नियुक्ति तक नहीं की जा सकी है। सरकार केवल परमल की ही खरीद करती है जिसका न्यूनतम समर्थन मूल्य इस बार 1450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है। इसके अलावा बासमती 1509, मुच्छल 1121, व अन्य बासमती की खरीद निजी मिलर करते हैं। परमल का रेट सरकार द्वारा तय किया जाता है, जबकि अन्य बासमती की किस्मों के रेट मार्केट के आधार पर तय होती है। प्राइवेट मिलर किस दाम पर कौन सा धान खरीदेंगे और उनका रिकार्ड कैसे रखा जाएगा। इस पर भी मार्केट कमेटी अधिकारी स्थिति साफ नहीं कर रहे हैं। ऑनलाइन खरीद सिर्फ परमल धान की होगी, ऐसे में बाकी धान के लिए क्या व्यवस्था रहेगी। इस पर भी कोई प्लान सामने नहीं आया है। आढ़ती जब भी किसानों का माल खरीद एजेंसियों को बेचते हैं तो उसके लिए मंडी के ही एक व्यापारी की नियुक्ति बीसीपीए (बिलिंग कम पेमेंट एजेंट) के रूप में करता है, जो सरकारी खरीद एजेंसियों से पेमेंट लेकर आढ़तियों को देता है। इसके अलावा कौन आढ़ती कितना धान बेच रहा है, इसका रिकार्ड भी बीसीपीए रखता है। इस बार ऑनलाइन खरीद होने के चलते प्रशासन ने बीसीपीए की नियुक्ति ही नहीं की है।
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मौसम बदलते ही आती है धान की भारी आवक
अक्तूबर के प्रथम सप्ताह में ही धान की भारी आवक एकाएक ही होती आई है। ऐसे में धान की ट्रालियों को गेट पर चेक करके टोकन देने की व्यवस्था में काफी समय लगेगा। अनाजमंडी में इतनी जगह नहीं है कि आने वाली औसतन सात लाख मीट्रिक टन धान की आवक झेल सके। सिरसा रोड पर अतिरिक्त अनाजमंडी भी अभी तैयार नहीं हुई है, जिससे वहां पर भी धान की आवक को नहीं उतारा जा सकता है।
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कौन सी किस्म कब आएगी मंडी तक
किस्म संभावित तारीख
1. 1509 20 सितंबर
2. मुच्छल 10 अक्तूबर
3. परमल 15 अक्तूबर
4. 1121 एक नवंबर
(अगेती धान की फसल इससे दस दिन पूर्व आ सकती है। )
कई बार उठाई मांग
सीजन के दिनों में मंडी के चारों ओर सड़कें जाम हो जाती हैं और उठान में भी लगातार दिक्कत आती है। सड़कें टूटी हुई हैं। नई अनाजमंडी में अभी तक ना शेड हैं, न सड़क और न ही चारदीवारी। मार्केेटिंग बोर्ड के सीईओ ने नई मंडी शुरू होने का आश्वासन दिया था, लेकिन हालात जस के तस हैं। व्यापार मंडल ने कई बार अधिकारियों से इस बाबत मांग उठाई है।
प्रेम मित्तल, अध्यक्ष अनाजमंडी व्यापार मंडल, फतेहाबाद।
जल्द होगी रिपेयरिंग
नए सीजन की तैयारियों पर ध्यान दिया जा रहा है। जल्द ही सड़क और मंडी के अंदर की रिपेयरिंग शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल कंप्यूटर और ऑपरेटर नहीं आए हैं। जल्द ही उनको भी बुला लिया जाएगा।
दिलावर सिंह, सचिव, मार्केट कमेटी, फतेहाबाद।