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राइस मिल को नीलाम कर विभाग वसूलेगा 1.56 करोड़
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
Updated Sat, 26 Mar 2016 12:52 AM IST
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चीनी मिल
सरकारी धान की मिलिंग करके चावल को बेचकर करोड़ों रुपये हड़पने के मामले में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने गांव कलोठा की एक राइस मिल की निलामी का फैसला लिया है। इस मिल ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की 1 करोड़ 56 लाख रुपये की अदायगी करनी है। इसके लिए विभाग मिल की 45 कनाल 3 मरले जमीन की निलामी 30 मार्च को करेगा। उपायुक्त ने इसके लिए विभाग को अनुमति प्रदान कर दी है।
गांव कलोठा की एक राईस मिल के मालिकों ने वर्ष 2012-13 में लाखों एमटी धान की मिलिंग की थी। विभाग ने 31 मार्च 2014 तक धान का चावल निकालकर भारतीय खाद्य निगम को देना था, लेकिन निर्धारित समय पर राइस मिल संचालकों ने निगम को चावल नहीं दिया। इस पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने मिल संचालकों से चावल मांगा। जब मिल मालिक ने असमर्थता जताई तो विभाग ने इसके एवज में 45 कनाल 3 मरले जमीन रहन कर ली और मालिकों पर धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज करवा दिया। मिल के मालिक उच्च न्यायालय से जमानत पर आ गए।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 1 करोड़ 56 लाख रुपये की मांग रखी तो मिल मालिकों ने देने से इंकार कर दिया। इस पर विभाग ने पैसों की भरपाई के लिए मिल की जमीन की निलामी के लिए उपायुक्त से अनुमति मांगी। उपायुक्त ने सरकारी रिकवरी का देखते हुए विभाग को इसकी अनुमति दे दी। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की मानें तो सारी औपचारिकता पूरी करने के बाद 30 मार्च को रतिया के तहसील कार्यालय में 45 कनाल 3 मरले जमीन की निलामी की जाएगी। इसके लिए तहसीलदार ने न्यूनतम कलक्टर रेट निर्धारित किए हैं।
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विभाग ने मिलिंग के लिए मैसर्ज गर्ग राइस मिल कलौठा को धान दिया था। इसमें मिल मालिकों ने गोलमाल कर दिया। इसकी कीमत एक करोड़ 56 लाख रुपये आंकी गई। नियमों के अनुसार चावल न देने पर विभाग द्वारा रहन रखी गई 45 कनाल 3 मरले जमीन की 30 मार्च को निलामी होगी।
केके मल्हान, खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी
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गांव कलोठा की एक राईस मिल के मालिकों ने वर्ष 2012-13 में लाखों एमटी धान की मिलिंग की थी। विभाग ने 31 मार्च 2014 तक धान का चावल निकालकर भारतीय खाद्य निगम को देना था, लेकिन निर्धारित समय पर राइस मिल संचालकों ने निगम को चावल नहीं दिया। इस पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने मिल संचालकों से चावल मांगा। जब मिल मालिक ने असमर्थता जताई तो विभाग ने इसके एवज में 45 कनाल 3 मरले जमीन रहन कर ली और मालिकों पर धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज करवा दिया। मिल के मालिक उच्च न्यायालय से जमानत पर आ गए।
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खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 1 करोड़ 56 लाख रुपये की मांग रखी तो मिल मालिकों ने देने से इंकार कर दिया। इस पर विभाग ने पैसों की भरपाई के लिए मिल की जमीन की निलामी के लिए उपायुक्त से अनुमति मांगी। उपायुक्त ने सरकारी रिकवरी का देखते हुए विभाग को इसकी अनुमति दे दी। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की मानें तो सारी औपचारिकता पूरी करने के बाद 30 मार्च को रतिया के तहसील कार्यालय में 45 कनाल 3 मरले जमीन की निलामी की जाएगी। इसके लिए तहसीलदार ने न्यूनतम कलक्टर रेट निर्धारित किए हैं।
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विभाग ने मिलिंग के लिए मैसर्ज गर्ग राइस मिल कलौठा को धान दिया था। इसमें मिल मालिकों ने गोलमाल कर दिया। इसकी कीमत एक करोड़ 56 लाख रुपये आंकी गई। नियमों के अनुसार चावल न देने पर विभाग द्वारा रहन रखी गई 45 कनाल 3 मरले जमीन की 30 मार्च को निलामी होगी।
केके मल्हान, खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी