{"_id":"63d8172ff0a18b00e55e78c8","slug":"fatehabad-news-fatehabad-news-hsr653385778-2023-01-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: पश्चिमी हरियाणा के तीन जिलों में पश्चिमी विक्षोभ रहा बेअसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: पश्चिमी हरियाणा के तीन जिलों में पश्चिमी विक्षोभ रहा बेअसर
विज्ञापन
गांव बड़ोपल में खेतों पर छाई बादलवाही।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। पश्चिमी विक्षोभ का असर फतेहाबाद सहित तीन जिलों पर दिखाई नहीं दिया है। मौसम विभाग ने घोषणा की थी कि 29 से 31 जनवरी तक फतेहाबाद में बारिश व ओलावृष्टि हो सकती है, लेकिन पिछले दो दिनों से जिले में केवल बादलवाही देखी जा रही है। सोमवार को तो भारी बारिश की आशंका जताई गई थी, लेकिन दिन में धूप व छांव का खेल बना रहा। मौसम विभाग की मानें तो हवाओं के रुख के कारण ऐसा हुआ है कि तीन जिलों में पश्चिमी विक्षोभ का असर नहीं हुआ है। हालांकि दक्षिण हरियाणा में इसका प्रभाव देखा गया है और वहां बारिश भी हुई है।
फतेहाबाद में बारिश न होने के कारण अब किसान भी परेशान होने लगे हैं, क्योंकि अभी गेहूं की फसल पकने में तीन माह का समय बाकी है। ऐसे में अगर इस समय गेहूं को अनुकूल मौसम नहीं मिला तो उसके दाने में रस नहीं पड़ेगा और दाना कमजोर हो जाएगा। जैसा की पिछले साल मार्च माह में हुआ था, तब अचानक से तेज गर्मी आने लगी थी और गेहूं का झाड़ अधिक नहीं हो पाया था। ऐसे में अब किसान भी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। गेहूं उत्पादक किसान गांव भूंदड़वास निवासी अमरजीत सिंह, अयाल्की निवासी रामसिंह व भरपूर निवासी बलवान भांभू ने बताया कि दिन में कई बाद धूप तेज पड़ती है। अभी गेेहूं की फसल को ठंड का ही मौसम चाहिए और अगर बारिश होती है तो सोने पर सुहागा हो जाएगा, लेकिन अभी उम्मीद नहीं है कि बारिश होगी। इस मौसम में गेहूं के दाने में रस भरना शुरू हो जाता है और दाना फूलने लगता है, अगर बारिश नहीं हुई और धुंध नहीं आई तो गेहूं का दाना सिकुड़ भी सकता है। फतेहाबाद में सोमवार को भी मौसम का मिजाज कभी धूप कभी छांव जैसा दिखाई दिया। सोमवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री व न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं 12 किलोमीटर प्रति घंटेे की रफ्तार से हवाएं चलती रही।
अब तक हुई मात्र पांच एमएम बारिश
जिले के जाखल व टोहाना में ही कुछ बारिश देखी गई। दोनों खंडों में एक सप्ताह पूर्व मात्र पांच एमएम बारिश हुई थी। मौसम विभाग लगातार संभावना जता रहा था कि इस बार अच्छी बारिश होगी, लेकिन चार पश्चिमी विक्षोभ प्रदेश में आए तो सही, लेकिन फतेहाबाद सहित सिरसा व हिसार इसमें सूखे ही रहे।
विज्ञापन
पश्चिमी विक्षोभ का नहीं दिख रहा असर
फतेहाबाद में मौसम विभाग ने चार बार पश्चिमी विक्षोभ से बारिश की आशंका जताई थी, लेकिन मौसम का मिजाज जिले में इसके इतर ही रहा है। जब मौसम खुश्क होने का दावा किया गया तो धूंध आ गई और जब धूंध का दावा किया गया तो धूप खिल गई। तीन दिन पहले भी मौसम विभाग ने जिले में बारिश व ओलावृष्टि की संभावना जताई थी, लेकिन रविवार को जहां बादलवाही रही, वहीं सोमवार को कभी खिली धूप निकली तो कभी छांव आती रही। हालांकि मंगलवार को भी बारिश की आशंका जताई गई है, लेकिन जिस प्रकार से मौसम परिवर्तनशील हो रहा है, उससे किसानों को बारिश होने के कम ही आसार लग रहे हैं।
अब अगले पांच दिन मौसम खुश्क रहेगा
पश्चिमी विक्षोभ का असर दक्षिण हरियाणा में देखा गया है। बारिश उत्तर हरियाणा के जिलों में हुई है। केवल फतेहाबाद, हिसार व सिरसा में बारिश नहीं हुई। इसका कारण यह है कि हवाओं ने राजस्थान के जयपुर की ओर अपना रुख बदल लिया। इस दौरान दक्षिण हरियाणा में तो बारिश हुई, लेकिन तीन जिलों में मौसम परिवर्तनशील रहा है। अब अगले पांच दिन मौसम खुश्क रहेगा औैर रात के तापमान में बढ़ोतरी व दिन का तापमान सामान्य रहेगा।
अधिकारी बोले
फिलहाल मौसम गेहूं के लिए ठीक है। अगर अचानक गर्मी आती है तो गेहूं की फसल को नुकसान हो सकता है, जैसा की पिछले साल मार्च माह में हुआ था। अगर बारिश होती है तो गेहूं की फसल के लिए यह एक तरह से खाद का काम करेगी और पैदावार बढ़ेगी। साथ ही किसानों को एक सिंचाई भी नहीं करनी पड़ेगी।
-भीम सिंह, एसडीओ, कृषि विभाग, फतेहाबाद।
विज्ञापन
फतेहाबाद में बारिश न होने के कारण अब किसान भी परेशान होने लगे हैं, क्योंकि अभी गेहूं की फसल पकने में तीन माह का समय बाकी है। ऐसे में अगर इस समय गेहूं को अनुकूल मौसम नहीं मिला तो उसके दाने में रस नहीं पड़ेगा और दाना कमजोर हो जाएगा। जैसा की पिछले साल मार्च माह में हुआ था, तब अचानक से तेज गर्मी आने लगी थी और गेहूं का झाड़ अधिक नहीं हो पाया था। ऐसे में अब किसान भी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। गेहूं उत्पादक किसान गांव भूंदड़वास निवासी अमरजीत सिंह, अयाल्की निवासी रामसिंह व भरपूर निवासी बलवान भांभू ने बताया कि दिन में कई बाद धूप तेज पड़ती है। अभी गेेहूं की फसल को ठंड का ही मौसम चाहिए और अगर बारिश होती है तो सोने पर सुहागा हो जाएगा, लेकिन अभी उम्मीद नहीं है कि बारिश होगी। इस मौसम में गेहूं के दाने में रस भरना शुरू हो जाता है और दाना फूलने लगता है, अगर बारिश नहीं हुई और धुंध नहीं आई तो गेहूं का दाना सिकुड़ भी सकता है। फतेहाबाद में सोमवार को भी मौसम का मिजाज कभी धूप कभी छांव जैसा दिखाई दिया। सोमवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री व न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं 12 किलोमीटर प्रति घंटेे की रफ्तार से हवाएं चलती रही।
विज्ञापन
अब तक हुई मात्र पांच एमएम बारिश
जिले के जाखल व टोहाना में ही कुछ बारिश देखी गई। दोनों खंडों में एक सप्ताह पूर्व मात्र पांच एमएम बारिश हुई थी। मौसम विभाग लगातार संभावना जता रहा था कि इस बार अच्छी बारिश होगी, लेकिन चार पश्चिमी विक्षोभ प्रदेश में आए तो सही, लेकिन फतेहाबाद सहित सिरसा व हिसार इसमें सूखे ही रहे।
विज्ञापन
पश्चिमी विक्षोभ का नहीं दिख रहा असर
फतेहाबाद में मौसम विभाग ने चार बार पश्चिमी विक्षोभ से बारिश की आशंका जताई थी, लेकिन मौसम का मिजाज जिले में इसके इतर ही रहा है। जब मौसम खुश्क होने का दावा किया गया तो धूंध आ गई और जब धूंध का दावा किया गया तो धूप खिल गई। तीन दिन पहले भी मौसम विभाग ने जिले में बारिश व ओलावृष्टि की संभावना जताई थी, लेकिन रविवार को जहां बादलवाही रही, वहीं सोमवार को कभी खिली धूप निकली तो कभी छांव आती रही। हालांकि मंगलवार को भी बारिश की आशंका जताई गई है, लेकिन जिस प्रकार से मौसम परिवर्तनशील हो रहा है, उससे किसानों को बारिश होने के कम ही आसार लग रहे हैं।
अब अगले पांच दिन मौसम खुश्क रहेगा
पश्चिमी विक्षोभ का असर दक्षिण हरियाणा में देखा गया है। बारिश उत्तर हरियाणा के जिलों में हुई है। केवल फतेहाबाद, हिसार व सिरसा में बारिश नहीं हुई। इसका कारण यह है कि हवाओं ने राजस्थान के जयपुर की ओर अपना रुख बदल लिया। इस दौरान दक्षिण हरियाणा में तो बारिश हुई, लेकिन तीन जिलों में मौसम परिवर्तनशील रहा है। अब अगले पांच दिन मौसम खुश्क रहेगा औैर रात के तापमान में बढ़ोतरी व दिन का तापमान सामान्य रहेगा।
अधिकारी बोले
फिलहाल मौसम गेहूं के लिए ठीक है। अगर अचानक गर्मी आती है तो गेहूं की फसल को नुकसान हो सकता है, जैसा की पिछले साल मार्च माह में हुआ था। अगर बारिश होती है तो गेहूं की फसल के लिए यह एक तरह से खाद का काम करेगी और पैदावार बढ़ेगी। साथ ही किसानों को एक सिंचाई भी नहीं करनी पड़ेगी।
-भीम सिंह, एसडीओ, कृषि विभाग, फतेहाबाद।