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एलईडी बल्ब नहीं लगाए तो नपेंगे सरकारी स्कूलों के इंचार्ज
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Fri, 14 Oct 2016 12:07 AM IST
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शिक्षा विभाग ने जिले के सभी सरकारी स्कूलों में सामान्य बल्ब हटाकर एलईडी बल्ब लगाने के निर्देश जारी किए हैं। इतना ही नहीं, जिन स्कूलों में एलईडी बल्ब नहीं लगाए जाएंगे, उन स्कूलों के इंचार्ज को सीधे ही चार्जशीट करने का फरमान भी सुना दिया गया है। अब विभाग के आदेशों के बाद सरकारी स्कूल इंचार्ज में इस आदेश के बाद से हड़कंप की स्थिति है। वहीं अध्यापक संघों ने सरकार के इस आदेश पर सवाल उठाते इसकी आलोचना की है।
ना बजट का जिक्र, ना बिजली की व्यवस्था
शिक्षा विभाग के निदेशक द्वारा भेजे गए पत्र में इस बात के आदेश तो दे दिए गए हैं कि जिले के सभी सरकारी स्कूलों में एलईडी बल्ब लगाने के निर्देश तो जारी कर दिए गए हैं, लेकिन इस बात का कहीं कोई जिक्र नहीं है कि सरकारी स्कूल का मुखिया इन एलईडी बल्बों को कहां से और कैसे लेकर आएं। एलईडी बल्ब कम से कम सौ से डेढ़ सौ रुपये का आता है और एक स्कूल में कम से कम 4 या पांच एलईडी बल्ब लगाने जरूरी हैं। लेकिन विभाग द्वारा भेजे गए पत्र में इसके लिए किसी प्रकार के बजट का कोई जिक्र नहीं है। इसके अलावा जिले के अधिकतर सरकारी स्कूलों में बिजली की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। लगभग प्रत्येक स्कूल में महज 2 से 3 घंटे ही बिजली आती है तो इसमें एलईडी बल्ब लगाने से रोशन की व्यवस्था कैसे होगी।
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अध्यापक संघों ने योजना का किया स्वागत, लेकिन बजट को लेकर उठाए सवाल
सरकार द्वारा जिले भर के सरकारी स्कूलों में एलईडी बल्ब लगाने के फैसले का स्वागत तो किया है लेकिन उन्होंने इसके लिए बजट की कोई व्यवस्था ना होने से इसके औचित्य पर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विकास टुटेजा ने कहा कि बिना बजट के इस प्रकार के फरमान जारी करना पूरी तरह अव्यवहारिक है। अगर सरकार को सच में बिजली बचानी है तो एलईडी बल्ब के लिए आवश्यक बजट भी जारी किया जाए।
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एलईडी बल्ब लगाने का फैसला सराहनीय है, इससे बिजली की बचत होगी। स्कूल मुखिया बाल कल्याण निधि से इसके लिए बजट ले सकते हैं।
-दयानंद सिहाग, डिप्टी डीईओ, फतेहाबाद ।