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एग्जाम फीस नहीं पहुंची बोर्ड तो नहीं आए प्रश्न पत्र
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Sat, 25 Feb 2017 11:51 PM IST
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शहर के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के नौ वीं और 11वीं कक्षा की छात्राओं को उनकी पेपर फीस समय पर बोर्ड मे न पहुंचने के कारण अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिसके चलते बोर्ड से उनके प्रश्न पत्र नही पहुंचे और स्कूल स्टाफ द्वारा अन्य किसी स्कूल के बच्चे के पेपर की फोटोकॉपी करवाकर वितरित कर परीक्षा ली गई।
ऐसी ही एक समस्या उपमंडल के गांव नन्हेडी के स्कूल के छात्रों के सामने आने की जानकारी मिली है। शनिवार से 9वीं व 11वीं कक्षाओं के बच्चों की परीक्षाएं शुरू होनी थी तथा बोर्ड द्वारा खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से सुबह लगभग साढे़ दस बजे प्रश्न पत्र वितरित किएथे। शनिवार को राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय व नन्हेड़ी स्कूल के परीक्षा पत्र न होने के कारण हड़कंप मच गया। बोर्ड से जानकारी लेने पर पता चला कि इन दोनो स्कूलों द्वारा बच्चों की फीस जमा नहीं करवाई गई है। जबकि बच्चों से बोर्ड फीस 50 रुपये प्रति बच्चा ले ली गई थी। बाद में आनन-फानन में प्रश्न पत्र को फोटोस्टेट करवाकर बच्चों की परीक्षा ली गई।
स्कूल संघ प्रधान सुरेश आर्य ने बताया कि स्कूल मुख्याध्यापकों की त्रुटि के चलते ये समस्या सामने आई है। विद्यार्थियों से फीस तो ले ली गई लेकिन बोर्ड में जमा नहीं करवाई गई। फीस जमा न करवाने की एवज में लगभग एक हजार रुपयेे प्रति बच्चा जुर्माना स्कूलों द्वारा बोर्ड को देना पड़ सकता है। स्कूल मुखिया की गलती के कारण बच्चों व अभिभावकों को मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ी है। उन्होंने बताया कि इस मामले में बोर्ड चेयरमैन और सचिव के पास सुप्रीम पावर है कि इस मामले को जल्द हल कर सकते है।
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क्या कहते है खंड शिक्षा अधिकारी।
इस बारे में खंड शिक्षा अधिकारी में रोशनलाल से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि स्कूल मुखिया की गलती से समस्या सामने आई है। विभाग अगर बच्चो पर कोई जुर्माना लगाता है तो वह मुखिया को ही भुगतना पडे़गा। उन्हे शीघ्र ही फीस जमा करवाकर बोर्ड से बच्चों के पेपर लाने के लिए कहा गया है।
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ऐसी ही एक समस्या उपमंडल के गांव नन्हेडी के स्कूल के छात्रों के सामने आने की जानकारी मिली है। शनिवार से 9वीं व 11वीं कक्षाओं के बच्चों की परीक्षाएं शुरू होनी थी तथा बोर्ड द्वारा खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से सुबह लगभग साढे़ दस बजे प्रश्न पत्र वितरित किएथे। शनिवार को राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय व नन्हेड़ी स्कूल के परीक्षा पत्र न होने के कारण हड़कंप मच गया। बोर्ड से जानकारी लेने पर पता चला कि इन दोनो स्कूलों द्वारा बच्चों की फीस जमा नहीं करवाई गई है। जबकि बच्चों से बोर्ड फीस 50 रुपये प्रति बच्चा ले ली गई थी। बाद में आनन-फानन में प्रश्न पत्र को फोटोस्टेट करवाकर बच्चों की परीक्षा ली गई।
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स्कूल संघ प्रधान सुरेश आर्य ने बताया कि स्कूल मुख्याध्यापकों की त्रुटि के चलते ये समस्या सामने आई है। विद्यार्थियों से फीस तो ले ली गई लेकिन बोर्ड में जमा नहीं करवाई गई। फीस जमा न करवाने की एवज में लगभग एक हजार रुपयेे प्रति बच्चा जुर्माना स्कूलों द्वारा बोर्ड को देना पड़ सकता है। स्कूल मुखिया की गलती के कारण बच्चों व अभिभावकों को मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ी है। उन्होंने बताया कि इस मामले में बोर्ड चेयरमैन और सचिव के पास सुप्रीम पावर है कि इस मामले को जल्द हल कर सकते है।
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क्या कहते है खंड शिक्षा अधिकारी।
इस बारे में खंड शिक्षा अधिकारी में रोशनलाल से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि स्कूल मुखिया की गलती से समस्या सामने आई है। विभाग अगर बच्चो पर कोई जुर्माना लगाता है तो वह मुखिया को ही भुगतना पडे़गा। उन्हे शीघ्र ही फीस जमा करवाकर बोर्ड से बच्चों के पेपर लाने के लिए कहा गया है।