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उजड़ गया आशियाना , महिलाएं गिरगिड़ाईं नहीं हुआ असर
fatehabad
Updated Fri, 22 Jul 2016 12:19 AM IST
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अवैध निर्माण को गिराता जेसीबी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नगरपालिका प्रशासन ने जोहड़ की जमीन पर कब्जे किए 16 परिवारों के घर तोड़ दिए। इससे कई परिवारों की महिलाओं ने अपना आशियाना उजड़ता देख रोना-चिल्लाना शुरू कर दिया। अधिकारियों के पैरों में गिड़गिड़ाकर घर न तोड़ने के लिए गुहार लगाने लगीं। लेकिन नगरपालिका प्रशासक ने कब्जाधारियों को सात दिन का अल्टीमेटम देकर कुछ रिहायशी मकान रहने के लिए छोड़ दिए। उपरोक्त लोगों ने एक सप्ताह के अंदर स्वयं अपने मकान तोड़ने का भरोसा दिया है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई की। इस मौके पर एएसपी गंगाराम पूनिया और एसएचओ बिमला देवी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। हालांकि इस दौरान प्रशासन को कब्जाधारियों के विरोध का भी सामना करना पड़ा।
क्या है मामला :-
भूना के वार्ड नंबर सात और वार्ड नंबर 11 निवासी रामलाल नारंग, राजेंद्र खटर, सुभाष चंद्र मलिक, रविन्द्र कुमार महता, आदि लोगों ने पानी निकासी न होने की शिकायत दी थी। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि नगरपालिका के गैर मुमकिन जोहड़ की जमीन 3300 गज खसरा नंबर 855 पर दर्जनों लोगों का कब्जा है। जोहड़ की जमीन पर दर्जनों परिवारों के मकान बनाकर कब्जा करने की शिकायत फतेहाबाद में कष्ट निवारण कमेटी में दी थी। इस पर सुनवाई करते हुए मंत्री अनिल विज ने नगरपालिका अधिकारियों को फटकार भी लगाई थी।
मंत्री ने आगामी बैठक में नगरपालिका के जोहड़ की जमीन पर कब्जा कार्रवाई संबंधित रिपोर्ट करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए थे। इसके कारण नगरपालिका प्रशासक ने 16 परिवारों को जमीन खाली करने के आदेश दिए। इसको लेकर लगातार तीन नोटिस देने की कार्रवाई हुई। वीरवार को भारी पुलिस की मौजूदगी में कब्जा हटवा दिया गया। पुलिस प्रशासन के अलावा कब्जा कार्रवाई में नगरपालिका प्रशासक एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट होशियार सिंह जांगड़ा, नगरपालिका सचिव संदीप सोलंकी, एमई सुमित मलिक, कानूनगो कैलाश चंद्र, पटवारी जगदीश चंद्र यादव, शिशपाल वर्मा, लेखाकार अनिल मित्तल, बलजीत सिंह शामिल रहे।
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नगरपालिका पार्षदों की भी एक नहीं चली
नगरपालिका भूना के नवनिर्वाचित 15 सदस्यों में से 11 सदस्यों ने गरीब परिवारों के आशियानों को उजड़ने से बचाने के लिए प्रयास किए। बुधवार से लगातार दो दिनों से उपायुक्त और संबंधित अधिकारियों को लिखित पत्र देकर कब्जा कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई थी। उपायुक्त को दिए पत्र में 11 सदस्यों ने शिकायत कर्ताओं का भी हल्फीया शपथ पत्र दिया गया।
इसमें कोई कार्रवाई न करने तथा संतुष्टी जाहिर करके अपनी ग्रवेसिंग कमेटी की शिकायत को वापस लेने के लिए आवेदन किया। लेकिन फिर भी प्रशासनिक अधिकारियों ने अति निर्धन परिवारों के घरों को तोड़ने की कार्रवाई को अंजाम दे दिया। नगरपालिका सदस्यों ने इसका विरोध किया।
ये थे कब्जा कार्रवाई को रुकवाने में
नगरपालिका के वार्ड नंबर आठ के नव निर्वाचित सदस्य एवं वाइस चेयरमैन अनिल नढ़ा कंबोज, वार्ड नंबर दो से भूपेंद्र कौर, वार्ड नंबर छह के ओमप्रकाश, वार्ड नंबर 10 के प्रवीन जैन, वार्ड नंबर 14 के नीलम गर्ग, वार्ड नंबर 12 के सुदेश ग्रोवर, वार्ड नंबर 11 सुदेश दहिया, वार्ड नंबर सात के कश्मीरी कंबोज, वार्ड नंबर 15 के रहीश कुमार उर्फ रिसल, वार्ड नंबर नौ की रिंपी सोनी, वार्ड नंबर तीन के प्रवीन कुमार आदि ने उपायुक्त को पत्र देकर लंबे समय से बसे लोगों को न उजाड़ने के लिए मांग की थी। लेकिन कब्जा कार्रवाई को अंजाम देने के लिए भारी प्रशासनिक अमला जोहड़ पर पहुंचकर कार्रवाई को शुरू कर दिया था।
क्या कहते हैं नगरपालिका प्रशासक
नगरपालिका के प्रशासक होशियार सिंह जांगड़ा ने बताया कि जोहड़ की जमीन पर दर्जनों परिवारों ने कब्जा करके निकासी पानी को रोक दिया है। जिससे शहर के लोगों को दिक्कत आ रही थी। समस्या समाधान के लिए ग्रवेसिंग कमेटी में मामला लगा है। इस पर कार्रवाई करने के आदेश हुए थे। कानून एवं नियमों के दायरे में ही तोड़फोड़ हुई है।
विधवा महिला के रोने का भी नहीं हुआ असर
नगरपालिका द्वारा तोड़फोड़ शुरू की तो विधवा आशा देवी अधिकारियों के पैरों में आकर गिर पड़ी और छोटे-छोटे बच्चों को लेकर अपनी बदहाली की स्थिति बताकर घर न तोड़ने के लिए गुहार लगाई। छोटे बच्चे अपनी मां के साथ रोते-चिलाते रहे। मगर अधिकारियों ने आदेशों का हवाला देकर उन्हें पुलिस मदद से दूर कर दिया। वहीं विधवा बलविंद्र कौर ने कहा कि उसकी दो बेटियां पागल हैं, पति गुजर चुके हैं। घर में कमाने वाला कोई नहीं है। घर-घर लोगों के बर्तन साफ करके दो कमरे बनाएं हैं। इन्हें मत तोड़ो जैसे कहते हुए रोने लगी।
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क्या है मामला :-
भूना के वार्ड नंबर सात और वार्ड नंबर 11 निवासी रामलाल नारंग, राजेंद्र खटर, सुभाष चंद्र मलिक, रविन्द्र कुमार महता, आदि लोगों ने पानी निकासी न होने की शिकायत दी थी। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि नगरपालिका के गैर मुमकिन जोहड़ की जमीन 3300 गज खसरा नंबर 855 पर दर्जनों लोगों का कब्जा है। जोहड़ की जमीन पर दर्जनों परिवारों के मकान बनाकर कब्जा करने की शिकायत फतेहाबाद में कष्ट निवारण कमेटी में दी थी। इस पर सुनवाई करते हुए मंत्री अनिल विज ने नगरपालिका अधिकारियों को फटकार भी लगाई थी।
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मंत्री ने आगामी बैठक में नगरपालिका के जोहड़ की जमीन पर कब्जा कार्रवाई संबंधित रिपोर्ट करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए थे। इसके कारण नगरपालिका प्रशासक ने 16 परिवारों को जमीन खाली करने के आदेश दिए। इसको लेकर लगातार तीन नोटिस देने की कार्रवाई हुई। वीरवार को भारी पुलिस की मौजूदगी में कब्जा हटवा दिया गया। पुलिस प्रशासन के अलावा कब्जा कार्रवाई में नगरपालिका प्रशासक एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट होशियार सिंह जांगड़ा, नगरपालिका सचिव संदीप सोलंकी, एमई सुमित मलिक, कानूनगो कैलाश चंद्र, पटवारी जगदीश चंद्र यादव, शिशपाल वर्मा, लेखाकार अनिल मित्तल, बलजीत सिंह शामिल रहे।
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नगरपालिका पार्षदों की भी एक नहीं चली
नगरपालिका भूना के नवनिर्वाचित 15 सदस्यों में से 11 सदस्यों ने गरीब परिवारों के आशियानों को उजड़ने से बचाने के लिए प्रयास किए। बुधवार से लगातार दो दिनों से उपायुक्त और संबंधित अधिकारियों को लिखित पत्र देकर कब्जा कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई थी। उपायुक्त को दिए पत्र में 11 सदस्यों ने शिकायत कर्ताओं का भी हल्फीया शपथ पत्र दिया गया।
इसमें कोई कार्रवाई न करने तथा संतुष्टी जाहिर करके अपनी ग्रवेसिंग कमेटी की शिकायत को वापस लेने के लिए आवेदन किया। लेकिन फिर भी प्रशासनिक अधिकारियों ने अति निर्धन परिवारों के घरों को तोड़ने की कार्रवाई को अंजाम दे दिया। नगरपालिका सदस्यों ने इसका विरोध किया।
ये थे कब्जा कार्रवाई को रुकवाने में
नगरपालिका के वार्ड नंबर आठ के नव निर्वाचित सदस्य एवं वाइस चेयरमैन अनिल नढ़ा कंबोज, वार्ड नंबर दो से भूपेंद्र कौर, वार्ड नंबर छह के ओमप्रकाश, वार्ड नंबर 10 के प्रवीन जैन, वार्ड नंबर 14 के नीलम गर्ग, वार्ड नंबर 12 के सुदेश ग्रोवर, वार्ड नंबर 11 सुदेश दहिया, वार्ड नंबर सात के कश्मीरी कंबोज, वार्ड नंबर 15 के रहीश कुमार उर्फ रिसल, वार्ड नंबर नौ की रिंपी सोनी, वार्ड नंबर तीन के प्रवीन कुमार आदि ने उपायुक्त को पत्र देकर लंबे समय से बसे लोगों को न उजाड़ने के लिए मांग की थी। लेकिन कब्जा कार्रवाई को अंजाम देने के लिए भारी प्रशासनिक अमला जोहड़ पर पहुंचकर कार्रवाई को शुरू कर दिया था।
क्या कहते हैं नगरपालिका प्रशासक
नगरपालिका के प्रशासक होशियार सिंह जांगड़ा ने बताया कि जोहड़ की जमीन पर दर्जनों परिवारों ने कब्जा करके निकासी पानी को रोक दिया है। जिससे शहर के लोगों को दिक्कत आ रही थी। समस्या समाधान के लिए ग्रवेसिंग कमेटी में मामला लगा है। इस पर कार्रवाई करने के आदेश हुए थे। कानून एवं नियमों के दायरे में ही तोड़फोड़ हुई है।
विधवा महिला के रोने का भी नहीं हुआ असर
नगरपालिका द्वारा तोड़फोड़ शुरू की तो विधवा आशा देवी अधिकारियों के पैरों में आकर गिर पड़ी और छोटे-छोटे बच्चों को लेकर अपनी बदहाली की स्थिति बताकर घर न तोड़ने के लिए गुहार लगाई। छोटे बच्चे अपनी मां के साथ रोते-चिलाते रहे। मगर अधिकारियों ने आदेशों का हवाला देकर उन्हें पुलिस मदद से दूर कर दिया। वहीं विधवा बलविंद्र कौर ने कहा कि उसकी दो बेटियां पागल हैं, पति गुजर चुके हैं। घर में कमाने वाला कोई नहीं है। घर-घर लोगों के बर्तन साफ करके दो कमरे बनाएं हैं। इन्हें मत तोड़ो जैसे कहते हुए रोने लगी।