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शहर के हर कोने पर गंदगी का अंबार
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Wed, 02 Nov 2016 12:55 AM IST
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बीघड़ रोड पर काठमंडी के सामने फैली गंदगी ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिले को खुले में शौचमुक्त कर दिया गया है, लेकिन इन दिनों शहर में हर जगह गंदगी का आलम है। शहरी क्षेत्र इन दिनों कूड़े के ढेर में तब्दील नजर आ रहा है। शहर का कोई कोना ऐसा नहीं है जहां पर गंदगी के अंबार न लगे हों। लेकिन नगर परिषद प्रशासन को मानों कुछ फर्क ही नहीं पड़ता हो। शहर में दिवाली के दिन भी सफाई व्यवस्था का जनाजा निकला था। दिवाली से दो दिन पहले तक सफाई कर्मचारियों की हड़ताल थी, जिसके चलते वैसे ही शहर में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल था। शहर के पांच ऐसे मुख्य इलाके हैं जहां से रोजाना हजारों लोगों का गुजरना होता है, लेकिन बावजूद इसके, इन जगहों पर गंदगी और कूड़ा-कर्कट के ढेर लगे हैं और लावारिस पशु इनमें मुंह मार रहे होते हैं।
हैरत की बात ये है कि फतेहाबाद जिले को खुले में शौचमुक्त कर दिया गया है और इसके लिए बाकायदा फतेहाबाद जिला प्रशासन को गुरुग्राम में पीएम मोदी द्वारा सम्मानित किए जाने की घोषणा भी हुई थी। कार्यकाल की शुरुआत में नप अध्यक्ष दर्शन नागपाल ने सफाई कर्मचारियों के औचक निरीक्षण का सिलसिला शुरू किया था, लेकिन दो-चार के बाद औचक निरीक्षण का सिलसिला फिर से बंद हो गया। इसके बाद सफाई कर्मचारी भी लापरवाह हो गए और इसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ा है।
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लाइव रिपोर्ट
बीघड़ रोड काठ मंडी के सामने
लोकनिर्माण विभाग की रिहाइशी कॉलोनी के बाहर सड़क पर ही नगर परिषद की ओर से कॉलोनी का कूड़ा कर्कट डालने के लिए डंपिंग प्वाइंट बनाया गया है। आसपास के चार पांच इलाकों से इकट्ठा की गई गंदगी और कूड़ा कर्कट को सफाई कर्मचारी यहां डालते हैं। यहां से नियमानुसार ठेकेदार की ट्रैक्टर ट्राली आकर गंदगी उठाकर ले जाती है। लेकिन स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कई दिनों से नियमित सफाई नहीं की जा रही है।
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पुराना बस स्टैंड-पुरानी कोर्ट रोड
यहां कई सरकारी दफ्तर हैं जिनमें कई अधिकारी नियमित रूप से आते जाते हैं। इसके अलावा पुराना बस स्टैंड होने के चलते यहां पर रोजाना हजारों सवारियां उतरती और चढ़ती हैं। बावजूद इसके यहां पर नगर परिषद ने डंपिंग प्वाइंट बना दिया है। सफाई कर्मचारी यहां गंदगी डालकर मानों भूल जाते हैं। स्थानीय निवासी अजय कुमार का कहना है कि शुरू में एक दो बार सफाई कर्मचारियों को बोला भी था लेकिन वो लोग सुनते नहीं हैं।
भट्टू रोड पर डॉ. सिवाच अस्पताल के सामने
इस सड़क पर लगातार दो तीन बड़े अस्पताल हैं जिनमें रोजाना सैकड़ों मरीजों का आना जाना होता है। मौजूदा हालातों में गंदगी के चलते मच्छरों का आतंक भी लगातार बढ़ रहा है। इसके चलते डेंगू और चिकनगुनिया जैसे जानलेवा रोग का प्रकोप भी बढ़ सकता है लेकिन बावजूद इसके नगर परिषद अधिकारियों की अनदेखी का सिलसिला लगातार जारी है। यहां पर गंदगी के अंबार लगे हैं जिनमें लावारिस पशु लगातार बैठे रहते हैं। वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थान कबीर बस्ती रोड
अस्पताल की दीवार के साथ कबीर बस्ती की मुख्य सड़क पर ही गंदगी डाल दी जाती है। लोगों का लगातार विरोध रहा है, लेकिन फिर भी कोई सुधार नहीं है। बीते दिन तो लोगों का गुस्सा इस कदर बढ़ गया था कि नप प्रधान को लोगों ने मौके पर ही बुला लिया। उन्होंने आश्वासन तो दिया है लेकिन हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे। लोगों की मानें तो नगर परिषद के अधिकारी सही ढंग से सुपरविजन नहीं कर रहे।
बस स्टैंड के सामने, नेशनल हाइवे
सबसे बदतर हालात नेशनल हाइवे पर बस स्टैंड के सामने स्थित ग्रीन बेल्ट के पास हैं। मुख्य बस अड्डा होने के चलते रोजाना यहां से हजारों लोगों का आवागमन होता है। बावजूद इसके नगर परिषद के अधिकारी इस ओर से मुंह मोड़े बैठे हैं। लोगों का कहना है कि बीते दिनों प्रशासन की ओर से ग्रीन बेल्ट के साथ-साथ फुटपाथ बनाई गई थी, लेकिन उसके निर्माण में निकली मिट्टी और मलबे को अब तक कोई उठाने के लिए नहीं आया। इसके अलावा यहां पर गंदगी और कचरा का भी अंबार लगा है।
नप प्रशासन गंभीर
नप प्रशासन सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए गंभीर है। जल्द ही हालात बदले हुए नजर आएंगे। -दर्शन नागपाल, नगर परिषद अध्यक्ष