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Fatehabad News: गांव दीवाना में तीन जगह किसानों ने तोड़ी सड़क, शक्करपुरा में रंगोई नाला टूटा
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कुलां-जाखल रोड पर गांव दीवाना के पास रोड को तोड़ता जेसीबी चालक।
फतेहाबाद/जाखल/रतिया। फतेहाबाद में घग्गर से आई बाढ़ का असर बढ़ने लगा है। गांव दीवाना में आबादी तक पानी न पहुंचे इसके लिए कुलां से जाखल जाने वाले मार्ग को तीन जगह से लोगों ने तोड़ दिया। जाखल शहर और आठ गांव ऐसे हैं, जिनका संपर्क अन्य क्षेत्रों से कट गया है। गांव शक्करपुरा के पास रंगोई नाले में 100 फुट तक कटाव आने के कारण पानी जाखल व रतिया के गांवों की ओर जाने लगा है। चांदपुरा साइफन पर फिलहाल घग्गर का पानी 22 हजार 490 क्यूसेक तक चल रहा है। रंगोई व जोया नाले में पानी ओवरफ्लो हो चुका है। बाढ़ग्रस्त गांवों की ढाणियों से 13 लोगों व आठ मवेशियों को रेस्क्यू किया गया।
बाढ़ को लेकर कुलां चौकी के पास से बड़े वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। बड़े पैमाने पर गांवों की ढाणियों में लोगों को एनडीआरएफ व डेरा सच्चा सौदा की ग्रीन ऐस वेलफेयर कमेटी की ओर से रेस्क्यू किया जा रहा है। जाखल के गांव पूर्णमाजरा, हिम्मतपुरा, चिल्लेवाल, गिरनो, उदयपुर, चांदपुरा, सिधानी, कासिमपुर व जाखल गांव तथा जाखल मंडी का पूर्ण रूप से संपर्क अन्य क्षेत्रों से टूट गया है। जाखल से कुलां मार्ग पर दीवाना में सड़क तोड़ने व तलवाड़ा में रास्ते को बंद कर दिया गया है। इस रास्ते से केवल बाइकों पर भी लोगों को जाने दिया जा रहा है। जाखल के गांव कासिमपुर, पूर्ण माजरा, चिल्लेवाल, गिरनो, उदयपुर, चांदपुरा, सिधानी, तलवाड़ा, तलवाड़ी, नत्थूवाल, तलवाड़ी, म्योंद खुर्द, नड़ैल, चुहड़पुर, शक्करपुरा, भूरथली, मुंदलिया, साधनवास में पानी फुल भरा हुआ है।
गांव लांबा व करंडी के बीच ग्रामीणों ने ड्रेन किया बंद
रतिया के गांव लांबा व करंडी के बीच ग्रामीणों ने ड्रेन को बंद कर दिया, जिसको लेकर सिंचाई विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। बताया गया है कि यहां पर पानी आ रहा था और गांवों में पानी न जाए, इसके लिए ग्रामीणों ने ड्रेन को बंद कर दिया। तेलीवाड़ा में घग्गर का पुल टूट गया, जिससे पानी खेतों की ओर बढ़ गया। रतिया से मिल रही सूचनाओं के अनुसार, रतिया में सुबह घग्गर का पानी 16 फुट तक था जो शाम तक 17 फुट तक पहुंच गया है। रतिया में घग्गर का तटबंध टूटने के कारण पानी गांव कंवलगढ़, कमाना, लाली, लालवास, रतनगढ़ गांव के खेतों में करीब दो से तीन फुट तक भर गया है। वहीं शक्करपुरा में रंगाेई नाले में आई दरार के चलते गांव तेलीवाड़ा ,घासवा, लांबा, चिम्मो गांव के खेतों को पानी लगातार अपनी चपेट में ले रहा है। जिससे हालत चिंताजनक बनते जा रहे हैं। रतिया के बादलगढ़, नथवान, कौलगढ़ में भी पानी आ चुका है।
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कई गांवों में आठ फुट तक पानी का अनुमान
गांव दीवाना के ग्रामीणों के अनुसार, पहले पंजाब की ओर से पानी आया था, लेकिन अब घग्गर के तटबंध टूटने व रंगोई नाले के टूटने से कई गांवों में पानी आठ फुट तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से उनको अब मदद देनी आरंभ की गई है, लेकिन पहले उनके पास कोई मदद नहीं पहुंची थी। ग्रामीणों के अनुसार, पीछे से पानी का बहाव कम होने की बजाए बढ़ता जा रहा है।
गुहला चीका से रिलीज हुआ 55000 क्यूसेक पानी
शाम चार बजे तक गुहला चीका से 55 हजार क्यूसेक पानी को डिस्चार्ज किया गया है। वहीं खनौरी से 17 हजार 500 क्यूसेक पानी को डिस्चार्ज किया गया है। खनौरी में अभी भी पानी ओवरफ्लो चल रहा है। जाखल के रंगोई नाले में 15.8 फुट से अधिक पानी चल रहा है और जोया नाला 16 फुट पानी का बहाव चल रहा है। दोनों भी कई स्थानों पर ओवरफ्लो हो चुके हैं।
डीसी व एसपी ने किया दौरा
जाखल, टोहाना व रतिया में बाढ़ के हालातों को लेकर शनिवार को भी उपायुक्त मनदीप कौर व एससी आस्था मोदी ने लांबा व रतिया का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि फिलहाल अभी स्थिति अंडर कंट्रोल है और पीछे से पानी का फ्लो कम हुआ है।
मंडी को बचाने के लिए बनाया रिंग बांध
जाखल में घग्गर नदी का पानी बलरा (पंजाब) से होते हुए मंडी की तरफ जब बढ़ना शुरू किया तो मंडी के लोगों द्वारा कड़ेल (पंजाब) के लोगों की सहायता से रिंग बांध बनाने की कवायद शुरू कर दी गई। कई ट्रैक्टर-ट्राॅली सहित लोगों ने बांध बनाने का काम शुरू किया।
कोट
जिले के किसी भी गांव की आबादी में जलभराव नहीं है। लोगों की सुरक्षा के पूर्ण प्रबंध किए हैं। गांवों के तटबंध मजबूत किए जा रहे हैं, इसके लिए विभिन्न प्रकार की टीमें काम कर रही है। राहत कार्यों में एनडीआरएफ की दो टीमें भी लगाई गई है। लोगों को पेयजल और खाद्य सामग्री की कोई दिक्कत नहीं है। फतेहाबाद शहर में पानी पहुंचने की अभी संभावना नहीं है।
-मनदीप कौर, डीसी, फतेहाबाद
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बाढ़ को लेकर कुलां चौकी के पास से बड़े वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। बड़े पैमाने पर गांवों की ढाणियों में लोगों को एनडीआरएफ व डेरा सच्चा सौदा की ग्रीन ऐस वेलफेयर कमेटी की ओर से रेस्क्यू किया जा रहा है। जाखल के गांव पूर्णमाजरा, हिम्मतपुरा, चिल्लेवाल, गिरनो, उदयपुर, चांदपुरा, सिधानी, कासिमपुर व जाखल गांव तथा जाखल मंडी का पूर्ण रूप से संपर्क अन्य क्षेत्रों से टूट गया है। जाखल से कुलां मार्ग पर दीवाना में सड़क तोड़ने व तलवाड़ा में रास्ते को बंद कर दिया गया है। इस रास्ते से केवल बाइकों पर भी लोगों को जाने दिया जा रहा है। जाखल के गांव कासिमपुर, पूर्ण माजरा, चिल्लेवाल, गिरनो, उदयपुर, चांदपुरा, सिधानी, तलवाड़ा, तलवाड़ी, नत्थूवाल, तलवाड़ी, म्योंद खुर्द, नड़ैल, चुहड़पुर, शक्करपुरा, भूरथली, मुंदलिया, साधनवास में पानी फुल भरा हुआ है।
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गांव लांबा व करंडी के बीच ग्रामीणों ने ड्रेन किया बंद
रतिया के गांव लांबा व करंडी के बीच ग्रामीणों ने ड्रेन को बंद कर दिया, जिसको लेकर सिंचाई विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। बताया गया है कि यहां पर पानी आ रहा था और गांवों में पानी न जाए, इसके लिए ग्रामीणों ने ड्रेन को बंद कर दिया। तेलीवाड़ा में घग्गर का पुल टूट गया, जिससे पानी खेतों की ओर बढ़ गया। रतिया से मिल रही सूचनाओं के अनुसार, रतिया में सुबह घग्गर का पानी 16 फुट तक था जो शाम तक 17 फुट तक पहुंच गया है। रतिया में घग्गर का तटबंध टूटने के कारण पानी गांव कंवलगढ़, कमाना, लाली, लालवास, रतनगढ़ गांव के खेतों में करीब दो से तीन फुट तक भर गया है। वहीं शक्करपुरा में रंगाेई नाले में आई दरार के चलते गांव तेलीवाड़ा ,घासवा, लांबा, चिम्मो गांव के खेतों को पानी लगातार अपनी चपेट में ले रहा है। जिससे हालत चिंताजनक बनते जा रहे हैं। रतिया के बादलगढ़, नथवान, कौलगढ़ में भी पानी आ चुका है।
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कई गांवों में आठ फुट तक पानी का अनुमान
गांव दीवाना के ग्रामीणों के अनुसार, पहले पंजाब की ओर से पानी आया था, लेकिन अब घग्गर के तटबंध टूटने व रंगोई नाले के टूटने से कई गांवों में पानी आठ फुट तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से उनको अब मदद देनी आरंभ की गई है, लेकिन पहले उनके पास कोई मदद नहीं पहुंची थी। ग्रामीणों के अनुसार, पीछे से पानी का बहाव कम होने की बजाए बढ़ता जा रहा है।
गुहला चीका से रिलीज हुआ 55000 क्यूसेक पानी
शाम चार बजे तक गुहला चीका से 55 हजार क्यूसेक पानी को डिस्चार्ज किया गया है। वहीं खनौरी से 17 हजार 500 क्यूसेक पानी को डिस्चार्ज किया गया है। खनौरी में अभी भी पानी ओवरफ्लो चल रहा है। जाखल के रंगोई नाले में 15.8 फुट से अधिक पानी चल रहा है और जोया नाला 16 फुट पानी का बहाव चल रहा है। दोनों भी कई स्थानों पर ओवरफ्लो हो चुके हैं।
डीसी व एसपी ने किया दौरा
जाखल, टोहाना व रतिया में बाढ़ के हालातों को लेकर शनिवार को भी उपायुक्त मनदीप कौर व एससी आस्था मोदी ने लांबा व रतिया का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि फिलहाल अभी स्थिति अंडर कंट्रोल है और पीछे से पानी का फ्लो कम हुआ है।
मंडी को बचाने के लिए बनाया रिंग बांध
जाखल में घग्गर नदी का पानी बलरा (पंजाब) से होते हुए मंडी की तरफ जब बढ़ना शुरू किया तो मंडी के लोगों द्वारा कड़ेल (पंजाब) के लोगों की सहायता से रिंग बांध बनाने की कवायद शुरू कर दी गई। कई ट्रैक्टर-ट्राॅली सहित लोगों ने बांध बनाने का काम शुरू किया।
कोट
जिले के किसी भी गांव की आबादी में जलभराव नहीं है। लोगों की सुरक्षा के पूर्ण प्रबंध किए हैं। गांवों के तटबंध मजबूत किए जा रहे हैं, इसके लिए विभिन्न प्रकार की टीमें काम कर रही है। राहत कार्यों में एनडीआरएफ की दो टीमें भी लगाई गई है। लोगों को पेयजल और खाद्य सामग्री की कोई दिक्कत नहीं है। फतेहाबाद शहर में पानी पहुंचने की अभी संभावना नहीं है।
-मनदीप कौर, डीसी, फतेहाबाद