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Fatehabad News: धान की सीधी बिजाई से किसानों का मोहभंग, अनुदान न मिलने से खफा, सरकार ने प्रति एकड़ बढ़ाई मुआवजा राशि

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 01 Jun 2025 11:11 PM IST
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Farmers are disillusioned with direct sowing of paddy, upset over the lack of subsidies, the government has increased the compensation amount per acre
गांव ढाणी भोजराज में की गई धान की सीधी बिजाई के बाद उगी फसल। स्रोत:किसान
फतेहाबाद। जिले में 25 मई से धान की सीधी बिजाई शुरू हो चुकी है, लेकिन इस बार किसानों का इस पद्धति के प्रति रूझान घटता नजर आ रहा है। कारण है सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली अनुदान राशि का अब तक न मिलना। ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना के तहत धान की सीधी बिजाई करने पर सरकार की ओर से 4,000 प्रति एकड़ की सहायता देने की दावा है, लेकिन पिछले वर्ष से यह राशि किसानों के खातों में नहीं पहुंची। हालांकि इस वर्ष सरकार ने अनुदान को बढ़ाकर 4,500 रुपये प्रति एकड़ कर दिया है।
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बता दें कि पिछले वर्ष जिले में 25,000 एकड़ में सीधी बिजाई का लक्ष्य था, लेकिन सिर्फ 15,000 एकड़ में ही यह पद्धति अपनाई गई। इसमें लगभग 4,500 किसानों ने आवेदन किया था। धान की पारंपरिक खेती में पानी की अधिक खपत होती है, जिससे भूजल स्तर तेजी से गिरता है।
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इसी समस्या से निपटने के लिए सरकार ने ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना की शुरुआत की थी, ताकि किसान कम पानी वाली तकनीकों की ओर रुख करें। इस वर्ष सरकार ने धान की खेती छोड़ने पर किसानों को 8,000 रुपये प्रति एकड़ देने की घोषणा की है, लेकिन यह राशि अब तक किसानों को नहीं मिली है।
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किसान संगठनों का कहना है कि यदि समय पर भुगतान नहीं हुआ, तो किसानों का सीधी बिजाई और वैकल्पिक फसलों की ओर झुकाव और भी कम हो सकता है। किसानों की मांग है कि सरकार जल्द से जल्द लंबित अनुदान जारी करे, ताकि पानी बचाने के प्रयासों को सफलता मिल सके।
मैंने पिछले साल 5 एकड़ में धान की सीधी बिजाई की थी, जिसके लिए मुझे 20 हजार रुपये की अनुदान राशि मिलनी है। यह राशि अभी तक मेरे खाते में नहीं आई है। वहीं इस बार भी मैंने धान की फसल की सीधी बिजाई की है। - शमशेर, किसान

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मैंने वर्ष 2024 में 7 एकड़ में धान की सीधी बिजाई की थी, जिसमें पानी की बचत तो हुई लेकिन अनुदान राशि का अभी भी इंतजार है। प्रदेश सरकार को जल्द किसानों के खाते में अनुदान राशि डालने चाहिए, ताकि किसानों को आगे की फसलों की बुवाई करने में आर्थिक मदद मिल सके। - सुनील, किसान।
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अनुदान राशि नहीं मिलने पर कृषि एवं कल्याण विभाग गए तो अधिकारियों ने बताया कि अनुदान राशि प्रदेश सरकार की ओर से भेजी जानी है। इसमें हम कुछ नहीं कर सकते। जबकि बिजाई के समय हर साल आश्वासन दिया जाता है कि बिजाई पूरी होने के दो या तीन माह में ही अनुदान राशि मिल जाएगी। - रोहताश किसान
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अनुदान राशि नहीं मिलने से किसानों को आगे की फसलों की बुवाई करने में परेशानी हो रही है। वहीं, किसानों को धान की बिजाई करने के लिए बीज व खाद खरीदने हैं। - विनोद कुमार, किसान।

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धान की सीधी बिजाई करने से पानी की बचत होती है। इसके लिए किसानों को धान की सीधी बिजाई करने पर 4 हजार रुपये की अनुदान राशि दी जाती है। अनुदान राशि जारी होने की अभी कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। - डॉ. राजपाल, तकनीकी सहायक, कृषि एवं कल्याण विभाग, फतेहाबाद
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