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Fatehabad News: लघु सचिवालय के गेट पर बाढ़ और सेमग्रस्त इलाकों के किसानों और मजदूरों ने डाला पड़ाव, नारेबाजी कर जताया रोष

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Aug 2023 11:37 PM IST
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Farmers and laborers of flood and bean-affected areas encamped at the gate of the small secretariat, expressed their anger by shouting slogans
लघु सचिवालय के भीतरी गेट पर दरी बिछाकर बैठे बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से आए किसान।
फतेहाबाद। जिला मुख्यालय स्थित लघु सचिवालय बुधवार को धरनास्थल बन गया। ट्रेड यूनियनों से जुड़े कर्मचारियों से लेकर बाढ़ग्रस्त व सेमग्रस्त क्षेत्र के किसान भी पड़ाव डालने पहुंच गए। मामला उस समय बिगड़ गया, जब दोपहर को किसान डीसी को ज्ञापन देने पर अड़ गए। क्षेत्र से जब उपायुक्त मनदीप कौर लघु सचिवालय पहुंचीं तो किसान अपनी बात रखने के लिए एकत्र हो गए। इस पर डीसी नाराज हो गईं। उन्होंने किसान नेताओं से कहा कि मैं आपका ही काम कर रही हूं। चांदपुरा में साइफल खुलवाने गई थी। वह भी जनता का ही काम है। साइफन कोई अपने लिए नहीं खुलवा रही हूं।संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में 20 सूत्रीय मांग पत्र लेकर किसान दोपहर 1 बजकर 40 मिनट पर लघु सचिवालय के भीतरी गेट पर पहुंचे। यहां किसान दरी बिछाकर पड़ाव डालकर बैठ गए। यहां कुछ देर बाद एडीसी को ज्ञापन दिलाने की बात कही गई तो किसानों ने मनाकर दिया। किसानों ने एलान कर दिया कि जब तक डीसी ज्ञापन लेने नहीं आएंगी, तब तक यहीं बैठे रहेंगे, बेशक रात हो जाए। इसके बाद डीसी मनदीप कौर फील्ड से एक घंटा चालीस मिनट बाद दोपहर 3.20 बजे लघु सचिवालय पहुंचीं। यहां किसान नेताओं ने उनसे बातचीत में कुछ मुद्दे रखने चाहे तो डीसी को गुस्सा आ गया। डीसी और किसान नेताओं में करीब 10 मिनट तक बहस होती रही। डीसी ने कह दिया कि ज्ञापन ले लिया है, मांगों पर संज्ञान ले लिया जाएगा। इसके बाद किसानों ने नाराजगी जताते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। डीसी भी वहां से चली गईं।
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हम तो सोच रहे थे कि हमारी सुनवाई होगी, डीसी का रुख ठीक नहीं
खेत-मजदूर यूनियन के नेता रामकुमार बहबलपुरिया ने डीसी से कहा कि हम तो राहत लेने आए थे। मगर आप हमारे पर ही गुस्सा निकाल रही हैं। उन्होंने कहा कि आई फ्लू की परेशानी है। आई ड्रॉप लोगों तक पहुंचा दीजिए। पीने के लिए पानी की व्यवस्था करवा दीजिए। इस पर डीसी ने कहा कि आप अपना नंबर लिखवा दो, आई ड्रॉप भेजकर आपको ही डिलीवर करवाऊंगी। रामकुमार ने कहा कि राशन कार्ड जिनके काटे हैं, उनको राशन का प्रबंध करवा दो। इस पर डीसी ने कहा कि कटे हुए राशन कार्ड बहाल करवाना उनके हाथ में नहीं है। इस पर डीसी ने कहा कि जिनको राशन चाहिए, उनकी लिस्ट दे दो। इतने में रामकुमार बहबलपुरिया ने कहा कि हम तो उम्मीद कर रहे थे, कि डीसी संवेदनशील हैं, लोगों की बात सुनतीं हैं। मगर इस बार इनका रुख ठीक नहीं है। इस पर डीसी ने कहा कि माइक अगर आपके पास है, तो इसका मतलब नहीं कि कुछ भी बोलेंगे। इसके बाद नारेबाजी शुरू हो गई।
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28 जुलाई को भी सौंपा था ज्ञापन, कुछ नहीं हुआ
जब डीसी ने कहा कि आप ज्ञापन दे दो, उस पर कार्रवाई हो जाएगी। इस पर किसान नेता विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि 28 जुलाई को भी इन सभी मांगों का ज्ञापन देकर गए थे, लेकिन उन पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। इसी कारण अब किसान जत्थेबंदियों को आना पड़ा है। इस बीच एसडीएम राजेश कुमार बोले कि आपकी सारी बातें नोट कर ली हैं, उन पर काम हो जाएगा। इस दौरान किसान नेता निर्भय सिंह रतिया, लाभ सिंह टोहाना, सुखविंद्र रतिया, संयुक्त किसान मोर्चा के जिला संयोजक जगतार सिंह, मास्टर राजेंद्र प्रसाद बाटू एवं अमन रतिया सहित काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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आधा जिला बाढ़ और सेम की चपेट में
किसान व मजदूर नेताओं ने कहा कि एक महीने से फतेहाबाद का आधा हिस्सा भयंकर रूप से बाढ़ की चपेट में हैं जबकि भट्टू का इलाका सेमग्रस्त हो चुका है। हजारों एकड़ जमीन में अभी भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। दूसरी तरफ इस बाढ़ से हजारों ढाणियां और गरीब बस्तियां के मकानों में दरार आ गई हैं, वो रहने लायक नहीं बचे हैं। गरीब बस्तियों में पीने का साफ पानी तक उपलब्ध है और खाने का राशन नहीं है। सरकार संकट की इस घड़ी में कोई राहत देने की बजाय राशन कार्ड काट कर जले पर नमक छिड़कने का काम कर रही है।

कोट
किसान नेताओं को एडीसी व एसडीएम को ज्ञापन देने के लिए कहा था। मगर उन्हें नहीं दिया गया। मैं इससे आहत हुई हूं, वो भी सीनियर ऑफिसर हैं। मैं सुबह 6 बजे से चांदपुरा साइफन के लिए निकली हुई थी। वह काम भी जरूरी था। फिर भी मुझे ही ज्ञापन देने पर अड़े रहे। यह ठीक नहीं है। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में हर सुविधा देने के लिए प्रशासन लगा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग आई फ्लू की दवा दे रहा है।
-मनदीप कौर, डीसी, फतेहाबाद
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