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Fatehabad News: एक साल से कार्रवाई के इंतजार में पीडि़त
Wed, 21 Oct 2026 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 21 Oct 2026 11:11 PM IST
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फतेहाबाद के लघुसचिवालय में सीएम को भेजी गई शिकायत दिखाते हुए सूरजभान संवाद
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के नाम पर तीन हजार रुपये और बधाई के नाम पर 1100 रुपये लेने के मामले में पीड़ित एक साल से कार्रवाई के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। जांच कमेटी भी रुपये दिए जाने की बात अपनी रिपोर्ट में स्वीकार कर चुकी है। इसके बावजूद अब तक मामले में कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है।
गांव ढांड निवासी सूरजभान ने बताया कि वह अपनी पत्नी को डिलीवरी के लिए 14 अक्तूबर 2025 को नागरिक अस्पताल लेकर आया था। आरोप है कि आशा वर्कर ने बधाई के 1100 रुपये और ऑपरेशन के तीन हजार रुपये एक सफाई कर्मचारी को दिलवाए। इसके बाद उसने मामले की शिकायत अधिकारियों से की थी।
इस मामले में सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से नागरिक अस्पताल की संबंधित सफाई कर्मचारी को चेतावनी पत्र जारी किया जा चुका है। संबंधित स्त्री रोग विशेषज्ञ और आशा वर्कर को भी नोटिस दिए गए हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के मिशन निदेशक की तरफ से जांच कमेटी गठित की गई है।
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जांच रिपोर्ट में रुपये देने की बात स्वीकार
मामले की जांच के लिए गठित कमेटी अपनी रिपोर्ट में मान चुकी है कि शिकायतकर्ता ने बधाई के नाम पर 1100 रुपये और ऑपरेशन के लिए तीन हजार रुपये दिए थे। आशा वर्कर ने भी जांच के दौरान बधाई के नाम पर 1100 रुपये लेने की बात स्वीकार की। हालांकि तीन हजार रुपये के लेनदेन के पुख्ता प्रमाण नहीं मिले।
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सीएम विंडो की शिकायत भी बंद
सूरजभान का कहना है कि उनके बच्चे को जन्म लिए एक साल हो चुका है लेकिन उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला। उन्होंने सीएम विंडो पर भी शिकायत दी थी। अधिकारियों ने एनएचएम की जांच का हवाला देते हुए शिकायत बंद कर दी। अब उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को दोबारा शिकायत भेजी है। बुधवार को वह उपायुक्त डॉ. विवेक भारती से भी मिले और मामले में कार्रवाई की मांग की। सूरजभान ने चेतावनी दी कि यदि मामले में कानूनी कार्रवाई नहीं हुई तो वह अदालत का सहारा लेंगे।
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सिविल सर्जन कार्यालय इस मामले में जांच कर चुका है और एमडी एनएचएम की तरफ से जांच करवाई जा रही है। जिसमें हिसार और रोहतक के अधिकारी भी शामिल है। जांच रिपोर्ट में जो आएगा मुख्यालय उस आधार पर कार्रवाई जरूर करेगा।
- डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन
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गांव ढांड निवासी सूरजभान ने बताया कि वह अपनी पत्नी को डिलीवरी के लिए 14 अक्तूबर 2025 को नागरिक अस्पताल लेकर आया था। आरोप है कि आशा वर्कर ने बधाई के 1100 रुपये और ऑपरेशन के तीन हजार रुपये एक सफाई कर्मचारी को दिलवाए। इसके बाद उसने मामले की शिकायत अधिकारियों से की थी।
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इस मामले में सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से नागरिक अस्पताल की संबंधित सफाई कर्मचारी को चेतावनी पत्र जारी किया जा चुका है। संबंधित स्त्री रोग विशेषज्ञ और आशा वर्कर को भी नोटिस दिए गए हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के मिशन निदेशक की तरफ से जांच कमेटी गठित की गई है।
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जांच रिपोर्ट में रुपये देने की बात स्वीकार
मामले की जांच के लिए गठित कमेटी अपनी रिपोर्ट में मान चुकी है कि शिकायतकर्ता ने बधाई के नाम पर 1100 रुपये और ऑपरेशन के लिए तीन हजार रुपये दिए थे। आशा वर्कर ने भी जांच के दौरान बधाई के नाम पर 1100 रुपये लेने की बात स्वीकार की। हालांकि तीन हजार रुपये के लेनदेन के पुख्ता प्रमाण नहीं मिले।
सीएम विंडो की शिकायत भी बंद
सूरजभान का कहना है कि उनके बच्चे को जन्म लिए एक साल हो चुका है लेकिन उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला। उन्होंने सीएम विंडो पर भी शिकायत दी थी। अधिकारियों ने एनएचएम की जांच का हवाला देते हुए शिकायत बंद कर दी। अब उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को दोबारा शिकायत भेजी है। बुधवार को वह उपायुक्त डॉ. विवेक भारती से भी मिले और मामले में कार्रवाई की मांग की। सूरजभान ने चेतावनी दी कि यदि मामले में कानूनी कार्रवाई नहीं हुई तो वह अदालत का सहारा लेंगे।
सिविल सर्जन कार्यालय इस मामले में जांच कर चुका है और एमडी एनएचएम की तरफ से जांच करवाई जा रही है। जिसमें हिसार और रोहतक के अधिकारी भी शामिल है। जांच रिपोर्ट में जो आएगा मुख्यालय उस आधार पर कार्रवाई जरूर करेगा।
- डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन