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पशुओं के कारण होने वाले हादसे में हर तीसरे घायल की हो रही मौत
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फतेहाबाद के हिसार-सिरसा रोड पर बने अवैध कट।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशु और अवैध कट हादसों का कारण बन रहे हैं। प्रशासन सिर्फ कागजों में जिले को लावारिस पशु मुक्त बताकर वाहवाही लूट रहा है जबकि हालात ये है कि मेन सड़कों पर दिन और रात के समय जमावड़ा लगा रहता है। आरटीआई के जवाब में प्रशासन खुद मानता है कि लावारिस पशुओं के कारण होने वाले हादसों में तीसरे घायल की मौत हो रही है। लेकिन इन हादसों के बाद भी प्रशासन सबक नहीं ले रहा है।
सड़क हादसे में जान गंवाने वालों की याद में लोगों को जागरूक करने के लिए 21 नवंबर को स्मृति दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर शहर में अवैध कट और लावारिस पशुओं को लेकर पड़ताल की गई। पड़ताल में हिसार-सिरसा रोड पर दो किलोमीटर में ही 20 से ज्यादा अवैध कट मिले। ये ही नहीं मुख्य सड़कों पर पहले की तरह ही लावारिस पशु घूमते मिले, जो कि हादसों का कारण बनते हैं। प्रशासन ने पूर्व में लगाई गई एक आरटीआई के जवाब में भी बताया था कि पिछले ढाई सालों में पशुओं के कारण 90 हादसे हुए हैं। इन हादसों में 30 की जान गई है। फतेहाबाद शहर में 10 हादसे हुए और इसमें 11 लोगों की मौत हुई और 11 ही घायल हुए। सदर फतेहाबाद क्षेत्र में 36 हादसे हुए और इसमें 10 की मौत हुई और 54 घायल हुए। रतिया में 10 सड़क हादसों में 7 की मौत हुई। जाखल में 6 हादसे हुए और उसमें 6 घायल हुए। भूना में 2 हादसे हुए और उसमें 2 की मौत हुई। आज भी ये ही स्थिति है।
हिसार-सिरसा रोड पर दो किलोमीटर में 20 से ज्यादा कट, हो रहे हादसे
शहर से गुजर रहे हिसार-सिरसा रोड पर अवैध कट हैं। शहर के करीब दो किलोमीटर में ही 20 से ज्यादा कट हैं। इसमें अधिकतर अवैध कट बने हुए हैं। अफसर खुद इन अवैध कटों से गुजरते है लेकिन इन्हें शिकायत का इंतजार है। फतेहाबाद के सिरसा रोड की तरफ सेतिया पैलेस के सामने से लेकर मताना मोड़ तक 20 से ज्यादा कट है। सबसे ज्यादा कट लघ सुचिवालय से लेकर सेतिया पैलेस के सामने तक छोड़ गए हैं। इन कटों के कारण रोजाना दो से तीन हादसे होते हैं।
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भट्टू रोड की शिकायत हुई तो बंद हुए अवैध कट
शहर के भट्टू रोड पर अवैध कटों को लेकर शिकायत हुई तो प्रशासन ने यहां बने करीब 10 अवैध कटों को बंद करवा दिया। रोड सेफ्टी की मीटिंग में शिकायत को लेकर मुद्दा उठा था, इसके बाद इन कटों को बंद करवाया गया।
केस एक
निकले थे पार्टी करने लेकिन दोस्त नहीं लौटे
शहर के सिरसा रोड पर पिछले साल बर्थ डे पार्टी करने जा रहे दो दोस्त मुड़कर वापस नहीं लौटे। सड़क पर घूम रहे लावारिस पशुओं से मोटरसाइकिल टकरा गया और दोनों दोस्तों की मौत हो गई। फतेहाबाद निवासी राहुल और अमित मोटरसाइकिल पर बर्थ डे पार्टी करने जा रहे थे, सड़क पर काला सांड़ बैठा था और उनका मोटरसाइकिल उससे टकरा गया था। हादसे में दोनों की मौत हो गई थी।
केस दो
हादसे में पत्नी की मौत हुई पति आज भी कोमा में
शहर से गुजर रहे फोरलेन पर भी हादसों को रोकने के लिए व्यवस्था नहीं है। खासकर हांसपुर रोड आज भी खतरनाक माना जाता है। यहां पर रोजाना दो से तीन हादसे होते हैं। करीब डेढ़ साल फोरलेन क्रॉस कर रहे ढाणी ईसर के परिवार को हादसा जिंदगी भर याद रहेगा। हादसे में ढाणी ईसर निवासी रामकुमार की पत्नी की मौत हो गई थी जबकि वह खुद अब तक कोमा में है।
कोट
हिसार-सिरसा रोड पर जो कट है वह पहले से छोड़े हुए है। रोड सेफ्टी मीटिंग में इसको लेकर फैसला होगा और फंड दिया जाएगा तो कट बंद करवा दिए जाएंगे।
- कृष्ण गोयत, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
कोट
सड़क पर घूम रहे लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान चलता रहता है लेकिन दोबारा यहां पर पशु छोड़ दिए जाते हैं। नगर परिषद की तरफ से दोबारा अभियान चलाया जाएगा।
- मुकेश शर्मा, मुख्य सफाई निरीक्षक
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सड़क हादसे में जान गंवाने वालों की याद में लोगों को जागरूक करने के लिए 21 नवंबर को स्मृति दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर शहर में अवैध कट और लावारिस पशुओं को लेकर पड़ताल की गई। पड़ताल में हिसार-सिरसा रोड पर दो किलोमीटर में ही 20 से ज्यादा अवैध कट मिले। ये ही नहीं मुख्य सड़कों पर पहले की तरह ही लावारिस पशु घूमते मिले, जो कि हादसों का कारण बनते हैं। प्रशासन ने पूर्व में लगाई गई एक आरटीआई के जवाब में भी बताया था कि पिछले ढाई सालों में पशुओं के कारण 90 हादसे हुए हैं। इन हादसों में 30 की जान गई है। फतेहाबाद शहर में 10 हादसे हुए और इसमें 11 लोगों की मौत हुई और 11 ही घायल हुए। सदर फतेहाबाद क्षेत्र में 36 हादसे हुए और इसमें 10 की मौत हुई और 54 घायल हुए। रतिया में 10 सड़क हादसों में 7 की मौत हुई। जाखल में 6 हादसे हुए और उसमें 6 घायल हुए। भूना में 2 हादसे हुए और उसमें 2 की मौत हुई। आज भी ये ही स्थिति है।
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हिसार-सिरसा रोड पर दो किलोमीटर में 20 से ज्यादा कट, हो रहे हादसे
शहर से गुजर रहे हिसार-सिरसा रोड पर अवैध कट हैं। शहर के करीब दो किलोमीटर में ही 20 से ज्यादा कट हैं। इसमें अधिकतर अवैध कट बने हुए हैं। अफसर खुद इन अवैध कटों से गुजरते है लेकिन इन्हें शिकायत का इंतजार है। फतेहाबाद के सिरसा रोड की तरफ सेतिया पैलेस के सामने से लेकर मताना मोड़ तक 20 से ज्यादा कट है। सबसे ज्यादा कट लघ सुचिवालय से लेकर सेतिया पैलेस के सामने तक छोड़ गए हैं। इन कटों के कारण रोजाना दो से तीन हादसे होते हैं।
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भट्टू रोड की शिकायत हुई तो बंद हुए अवैध कट
शहर के भट्टू रोड पर अवैध कटों को लेकर शिकायत हुई तो प्रशासन ने यहां बने करीब 10 अवैध कटों को बंद करवा दिया। रोड सेफ्टी की मीटिंग में शिकायत को लेकर मुद्दा उठा था, इसके बाद इन कटों को बंद करवाया गया।
केस एक
निकले थे पार्टी करने लेकिन दोस्त नहीं लौटे
शहर के सिरसा रोड पर पिछले साल बर्थ डे पार्टी करने जा रहे दो दोस्त मुड़कर वापस नहीं लौटे। सड़क पर घूम रहे लावारिस पशुओं से मोटरसाइकिल टकरा गया और दोनों दोस्तों की मौत हो गई। फतेहाबाद निवासी राहुल और अमित मोटरसाइकिल पर बर्थ डे पार्टी करने जा रहे थे, सड़क पर काला सांड़ बैठा था और उनका मोटरसाइकिल उससे टकरा गया था। हादसे में दोनों की मौत हो गई थी।
केस दो
हादसे में पत्नी की मौत हुई पति आज भी कोमा में
शहर से गुजर रहे फोरलेन पर भी हादसों को रोकने के लिए व्यवस्था नहीं है। खासकर हांसपुर रोड आज भी खतरनाक माना जाता है। यहां पर रोजाना दो से तीन हादसे होते हैं। करीब डेढ़ साल फोरलेन क्रॉस कर रहे ढाणी ईसर के परिवार को हादसा जिंदगी भर याद रहेगा। हादसे में ढाणी ईसर निवासी रामकुमार की पत्नी की मौत हो गई थी जबकि वह खुद अब तक कोमा में है।
कोट
हिसार-सिरसा रोड पर जो कट है वह पहले से छोड़े हुए है। रोड सेफ्टी मीटिंग में इसको लेकर फैसला होगा और फंड दिया जाएगा तो कट बंद करवा दिए जाएंगे।
- कृष्ण गोयत, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
कोट
सड़क पर घूम रहे लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान चलता रहता है लेकिन दोबारा यहां पर पशु छोड़ दिए जाते हैं। नगर परिषद की तरफ से दोबारा अभियान चलाया जाएगा।
- मुकेश शर्मा, मुख्य सफाई निरीक्षक

फतेहाबाद में लघुसचिवालय के पास सड़क पर घूमते लवारिस पशु।- फोटो : Fatehabad