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Fatehabad News: ईओ का डोंगल हुआ खराब, बेसहारा पशुओं को पकड़ने का दोबारा नहीं लगा टेंडर
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फतेहाबाद जीटी रोड के किनारे बैठे आवारा पशु।
फतेहाबाद। शहर से बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए नगर परिषद ने पिछले माह टेंडर लगाया था लेकिन नगर परिषद की शर्तें पूरी न कर पाने के कारण कोई एजेंसी काम करने को तैयार नहीं हुई है। नगर परिषद ने दोबारा टेंडर लगाने की प्रकिया भी शुरू नहीं की है इसका कारण ईओ का डोंगल यानि डिजिटल साइन सर्टिफिकेट (डीएसए) खराब होना है। डोंगल से नगर परिषद ऑनलाइन टेंडर लगाता है। टेंडर न लग पाने और पहले कोई एजेंसी न आने के बाद भी नगर परिषद अधिकारियों ने अपने स्तर पर पकड़ने की कोई प्लानिंग भी नहीं बनाई है। हालात ये है कि शहर में पशुओं की तादाद बढ़ रही है और हादसे हो रहे हैं। नंदीशाला के लिए नगर परिषद डेढ़ लाख रुपये प्रति माह बजट देता है। पिछले साल पार्षद प्रतिनिधि योगी हंसराज ने डेढ़ लाख से ढाई लाख करने का प्रस्ताव रखा था। प्रस्ताव भी पास हो गया लेकिन नगर परिषद ने बजट नहीं बढ़ाया है। जुलाई माह में आई बाढ़ के बाद शहर में बेसहारा पशुओं की संख्या बढ़ी है। शाम के समय पशु मुख्य सड़क पर आ जाते हैं। इस कारण हादसे होने का डर रहता है। इसके अलावा शहर के वार्डों में भी पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है।
जगजीवनपुरा मोहल्ले में बच्चे को उठाकर पटकने के बाद बढ़ा था विवाद
शहर के जगजीवनपुरा मोहल्ला में अगस्त माह में पशुओं के झुंड ने गली में खेल रहे बच्चे को घेर लिया था और फिर दो से तीन बार उठाकर पटका था। इस घटना के बाद शहर के लोगों में गुस्सा बढ़ गया और पार्षदों ने भी विरोध जताते हुए टेंडर लगाकर पकड़ने की मांग उठाई थी। इसके बाद नगर परिषद अफसरों ने प्रक्रिया शुरू की थी। हालांकि प्रस्ताव की फाइल पहले तैयार हो गई थी लेकिन टेबल पर ही रुकी हुई थी।
टेंडर के लिए नगर परिषद ने तय की है ये मुख्य शर्तें
- पशुओं को पकड़ने के लिए ठेका एक साल के लिए होगा।
- पकड़े गए पशुओं को सुरक्षित गौशाला में छोडऩा होगा।
- पशुपालन विभाग के कर्मचारी पशुओं की टैगिंग करेंगे।
- गाड़ी में क्षमता से कम ही पशु लोड करने होंगे
- नगर परिषद सीमा में एक साल तक अगर पशु मिलता है तो उसे एजेंसी ही पकड़ेगी।
- एजेंसी के कर्मचारियों को 24 घंटे मोबाइल नंबर ऑन रखना होगा।
- नगर परिषद सीमा में जब भी एजेंसी पशु पकड़ेगी तो पहले मुनादी करवानी होगी ताकि कोई हादसा न हो सके।
- नगर परिषद सीमा में अगर बेसहारा पशु के कारण कोई चोटिल होता है या फिर मौत होती है तो इसकी जिम्मेदारी एजेंसी की होगी।
कोटपशुओं को पकड़ने के लिए पहले टेंडर लगाया गया था लेकिन कोई एजेंसी नहीं आई है। दोबारा टेंडर जल्द लगा दिया जाएगा।
- मुकेश शर्मा, सीएसआई नगर परिषद
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जगजीवनपुरा मोहल्ले में बच्चे को उठाकर पटकने के बाद बढ़ा था विवाद
शहर के जगजीवनपुरा मोहल्ला में अगस्त माह में पशुओं के झुंड ने गली में खेल रहे बच्चे को घेर लिया था और फिर दो से तीन बार उठाकर पटका था। इस घटना के बाद शहर के लोगों में गुस्सा बढ़ गया और पार्षदों ने भी विरोध जताते हुए टेंडर लगाकर पकड़ने की मांग उठाई थी। इसके बाद नगर परिषद अफसरों ने प्रक्रिया शुरू की थी। हालांकि प्रस्ताव की फाइल पहले तैयार हो गई थी लेकिन टेबल पर ही रुकी हुई थी।
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टेंडर के लिए नगर परिषद ने तय की है ये मुख्य शर्तें
- पशुओं को पकड़ने के लिए ठेका एक साल के लिए होगा।
- पकड़े गए पशुओं को सुरक्षित गौशाला में छोडऩा होगा।
- पशुपालन विभाग के कर्मचारी पशुओं की टैगिंग करेंगे।
- गाड़ी में क्षमता से कम ही पशु लोड करने होंगे
- नगर परिषद सीमा में एक साल तक अगर पशु मिलता है तो उसे एजेंसी ही पकड़ेगी।
- एजेंसी के कर्मचारियों को 24 घंटे मोबाइल नंबर ऑन रखना होगा।
- नगर परिषद सीमा में जब भी एजेंसी पशु पकड़ेगी तो पहले मुनादी करवानी होगी ताकि कोई हादसा न हो सके।
- नगर परिषद सीमा में अगर बेसहारा पशु के कारण कोई चोटिल होता है या फिर मौत होती है तो इसकी जिम्मेदारी एजेंसी की होगी।
कोटपशुओं को पकड़ने के लिए पहले टेंडर लगाया गया था लेकिन कोई एजेंसी नहीं आई है। दोबारा टेंडर जल्द लगा दिया जाएगा।
- मुकेश शर्मा, सीएसआई नगर परिषद