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Fatehabad News: कर्मचारियों की 48 घंटे बाद हड़ताल खत्म, सफाई व्यवस्था पटरी पर लौटी
Fri, 26 Jun 2026 10:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 26 Jun 2026 10:55 PM IST
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फतेहाबाद में देर शाम के समय घरों से कूड़ा उठाती गाड़ी। ठेकेदार
फतेहाबाद। डोर-टू-डोर कचरा उठान कर्मचारियों की पिछले दो दिनों से चल रही हड़ताल 48 घंटे बाद शुक्रवार देर शाम समाप्त हो गई है। उपायुक्त डॉ. विवेक भारती के आश्वासन के बाद सफाई ठेकेदार ने दोबारा कचरा उठान का कार्य शुरू कर दिया। इससे शहरवासियों ने भी राहत की सांस ली।
पिछले दो दिन से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर के 27 वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा उठान पूरी तरह ठप था जिससे कई स्थानों पर कचरे के ढेर लग गए थे। सफाई कर्मचारियों को पिछले पांच माह से वेतन नहीं मिलने के विरोध में वे ठेकेदार के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे थे। कर्मचारियों सुशील, रवि, सत्यवान, विजय, सुभाष का कहना था कि वेतन नहीं मिलने से परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है।
वहीं ठेकेदार पंकज का तर्क था कि नगर परिषद की ओर से उसकी फर्म का करीब एक करोड़ रुपये का भुगतान लंबित होने के कारण कर्मचारियों को वेतन देना संभव नहीं हो पा रहा था। मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर परिषद के ईओ सुरेश चौहान और डीएमसी प्रवीन कुमार की मौजूदगी में ठेकेदार पंकज के साथ बैठक हुई। इसके बाद उपायुक्त से भी पूरे मामले पर चर्चा की गई।
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उपायुक्त ने मुख्यालय के अधिकारियों से संपर्क कर भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने का भरोसा दिलाया। साथ ही ठेकेदार को आश्वासन दिया कि करीब 10 दिनों के भीतर भुगतान जारी कराने का प्रयास किया जाएगा। इस आश्वासन के बाद ठेकेदार ने कर्मचारियों के साथ बातचीत कर डोर-टू-डोर कचरा उठान सेवा दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया। देर शाम शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कचरा उठाने का कार्य शुरू कर दिया गया।
नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि अब प्राथमिकता दो दिनों से जमा कचरे का जल्द से जल्द उठान कर शहर की सफाई व्यवस्था को सामान्य करना है। दो दिनों तक सेवा बाधित रहने से शहर के हजारों घरों से कचरा नहीं उठ सका था। इससे कई कॉलोनियों और मोहल्लों में घरों के बाहर कचरा जमा हो गया था और लोगों में नाराजगी बढ़ रही थी। अब सेवा बहाल होने के बाद नगर परिषद को उम्मीद है कि अगले एक-दो दिनों में पूरे शहर की सफाई व्यवस्था फिर से पटरी पर लौट आएगी।
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पिछले दो दिन से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर के 27 वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा उठान पूरी तरह ठप था जिससे कई स्थानों पर कचरे के ढेर लग गए थे। सफाई कर्मचारियों को पिछले पांच माह से वेतन नहीं मिलने के विरोध में वे ठेकेदार के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे थे। कर्मचारियों सुशील, रवि, सत्यवान, विजय, सुभाष का कहना था कि वेतन नहीं मिलने से परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है।
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वहीं ठेकेदार पंकज का तर्क था कि नगर परिषद की ओर से उसकी फर्म का करीब एक करोड़ रुपये का भुगतान लंबित होने के कारण कर्मचारियों को वेतन देना संभव नहीं हो पा रहा था। मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर परिषद के ईओ सुरेश चौहान और डीएमसी प्रवीन कुमार की मौजूदगी में ठेकेदार पंकज के साथ बैठक हुई। इसके बाद उपायुक्त से भी पूरे मामले पर चर्चा की गई।
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उपायुक्त ने मुख्यालय के अधिकारियों से संपर्क कर भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने का भरोसा दिलाया। साथ ही ठेकेदार को आश्वासन दिया कि करीब 10 दिनों के भीतर भुगतान जारी कराने का प्रयास किया जाएगा। इस आश्वासन के बाद ठेकेदार ने कर्मचारियों के साथ बातचीत कर डोर-टू-डोर कचरा उठान सेवा दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया। देर शाम शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कचरा उठाने का कार्य शुरू कर दिया गया।
नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि अब प्राथमिकता दो दिनों से जमा कचरे का जल्द से जल्द उठान कर शहर की सफाई व्यवस्था को सामान्य करना है। दो दिनों तक सेवा बाधित रहने से शहर के हजारों घरों से कचरा नहीं उठ सका था। इससे कई कॉलोनियों और मोहल्लों में घरों के बाहर कचरा जमा हो गया था और लोगों में नाराजगी बढ़ रही थी। अब सेवा बहाल होने के बाद नगर परिषद को उम्मीद है कि अगले एक-दो दिनों में पूरे शहर की सफाई व्यवस्था फिर से पटरी पर लौट आएगी।