{"_id":"6568c3f8d8bbbdbdc9000b64","slug":"electricity-corporation-suspended-two-jes-je-said-action-was-taken-if-sdo-did-not-cooperate-in-wrongdoing-fatehabad-news-c-127-1-shsr1016-9100-2023-11-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: बिजली निगम ने दो जेई किए निलंबित, जेई बोले- एसडीओ का गलत कार्य करने में सहयोग नहीं दिया तो हुई कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: बिजली निगम ने दो जेई किए निलंबित, जेई बोले- एसडीओ का गलत कार्य करने में सहयोग नहीं दिया तो हुई कार्रवाई
विज्ञापन
भूना (फतेहाबाद)। खैरी रोड पर पुराने कंबोज गुरुद्वारे के पास प्रस्तावित कार्य का एस्टीमेट ठेकेदार के विपरीत बनाए जाने पर बिजली निगम के दो कनिष्ठ अभियंता पर गाज गिर गई है। बिजली निगम प्रबंधन ने उपभोक्ताओं के साथ व्यवहार अच्छा नहीं रखने और विभागीय खामियों का हवाला देकर बिजली निगम भूना के जेई सूरजमल सिंहमार व जेई साहब राम को निलंबित कर दिया गया है। जेई के निलंबन के बाद बिजली कर्मचारियों की एएचपीसी वर्कर्स यूनियन की सब यूनिट भूना द्वारा 33 केवी बिजलीघर में गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।
निलंबन के बाद जेई सूरजमल का मुख्यालय सर्कल भिवानी व जेई साहब राम का सर्कल जींद कर दिया गया है। वहीं, दोनों ही जेई ने इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर हुई कार्रवाई करार दिया है। यूनियन नेताओं ने कहा कि दोनों जेई को बिना कोई कारण बताए निलंबित किया जाना यूनियन को बर्दाश्त नहीं है। जेई सूरजमल का दोष सिर्फ इतना है कि उन्होंने एसडीओ का गलत कार्य करने में सहयोग नहीं दिया। जेई सूरजमल ने बताया कि भूना के खैरी रोड पर पुराने गुरुद्वारे के पास एक कार्य का एस्टीमेट बनाया गया। जिस पर लागत मात्र 50 से 70 हजार रुपये के बीच में बनती थी। मगर अधिकारियों ने ठेकेदार के साथ साठगांठ करके उसी कार्य का 5 लाख से भी अधिक एस्टीमेट बनाकर कार्य करने का दबाव बनाया। अधिकारियों के दबाव के आगे उपरोक्त दोनों जेई नहीं झुके तो उन्हें इसका खामियाजा उठना पड़ा है।
धरना स्थल पर जेई व विभिन्न पदों पर बैठे जूनियर अधिकारी व कर्मचारियों ने बताया कि ठेकेदार खुद बोगस एस्टीमेट बनाकर लाते हैं और अधिकारियों की छत्रछाया में निगम को बड़े स्तर पर आर्थिक रूप से चूना लगा रहे हैं। इस पूरे मामले की विजिलेंस जांच की जानी चाहिए। जेई सूरजमल व साहब राम ने बताया कि पुराने कंबोज गुरुद्वारे के नजदीक कार्य एस्टीमेट के अतिरिक्त मोची रोड पर आंगनबाड़ी में भी बोगस एस्टीमेट खुद ठेकेदार द्वारा बनाकर कार्य को अंजाम दिया गया। कर्मचारियों का आरोप है कि कमीशन खोरी के चलते एचपीसीएल के एक प्रोजेक्ट का कार्य जो की गोरखपुर भूना सब डिवीजन के अधीन है। इसका कार्य टोहाना के एक जेई को दिया हुआ है, इस प्रकार से अधिकारी व ठेकेदार की मिलीभगत से निगम को चूना लगाया जा रहा है।
विज्ञापन
एसडीओ बोले- दोनों ही जेई की निलंबन कार्रवाई में मैंने रिपोर्ट नहीं भेजी
वहीं, बिजली निगम के एसडीओ जोजो तनेजा ने मीडिया को बताया कि जेई सूरजमल व साहब राम के विरुद्ध उनके कार्यालय से कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है। इनका व्यवहार उपभोक्ताओं के प्रति सही नहीं था और कामकाज में विभाग के उच्च अधिकारियों को शिकायत मिल रही थी। परंतु वर्कर यूनियन सब यूनिट उसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही है, जो सरासर गलत है। मेरे पर लगाए जा रहे आरोप निराधार व झूठे हैं।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
भूना सब डिविजन के जेई सूरजमल व जेई साहब राम की कार्यप्रणाली ठीक नहीं पाई गई। कई विभागीय कार्यों में खामियां मिली हैं, जिसके आधार पर निलंबन आदेश जारी किए गए हैं।
- एसएस राय, एसई, फतेहाबाद सर्कल, डीएचबीवीएन
विज्ञापन
निलंबन के बाद जेई सूरजमल का मुख्यालय सर्कल भिवानी व जेई साहब राम का सर्कल जींद कर दिया गया है। वहीं, दोनों ही जेई ने इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर हुई कार्रवाई करार दिया है। यूनियन नेताओं ने कहा कि दोनों जेई को बिना कोई कारण बताए निलंबित किया जाना यूनियन को बर्दाश्त नहीं है। जेई सूरजमल का दोष सिर्फ इतना है कि उन्होंने एसडीओ का गलत कार्य करने में सहयोग नहीं दिया। जेई सूरजमल ने बताया कि भूना के खैरी रोड पर पुराने गुरुद्वारे के पास एक कार्य का एस्टीमेट बनाया गया। जिस पर लागत मात्र 50 से 70 हजार रुपये के बीच में बनती थी। मगर अधिकारियों ने ठेकेदार के साथ साठगांठ करके उसी कार्य का 5 लाख से भी अधिक एस्टीमेट बनाकर कार्य करने का दबाव बनाया। अधिकारियों के दबाव के आगे उपरोक्त दोनों जेई नहीं झुके तो उन्हें इसका खामियाजा उठना पड़ा है।
विज्ञापन
धरना स्थल पर जेई व विभिन्न पदों पर बैठे जूनियर अधिकारी व कर्मचारियों ने बताया कि ठेकेदार खुद बोगस एस्टीमेट बनाकर लाते हैं और अधिकारियों की छत्रछाया में निगम को बड़े स्तर पर आर्थिक रूप से चूना लगा रहे हैं। इस पूरे मामले की विजिलेंस जांच की जानी चाहिए। जेई सूरजमल व साहब राम ने बताया कि पुराने कंबोज गुरुद्वारे के नजदीक कार्य एस्टीमेट के अतिरिक्त मोची रोड पर आंगनबाड़ी में भी बोगस एस्टीमेट खुद ठेकेदार द्वारा बनाकर कार्य को अंजाम दिया गया। कर्मचारियों का आरोप है कि कमीशन खोरी के चलते एचपीसीएल के एक प्रोजेक्ट का कार्य जो की गोरखपुर भूना सब डिवीजन के अधीन है। इसका कार्य टोहाना के एक जेई को दिया हुआ है, इस प्रकार से अधिकारी व ठेकेदार की मिलीभगत से निगम को चूना लगाया जा रहा है।
विज्ञापन
एसडीओ बोले- दोनों ही जेई की निलंबन कार्रवाई में मैंने रिपोर्ट नहीं भेजी
वहीं, बिजली निगम के एसडीओ जोजो तनेजा ने मीडिया को बताया कि जेई सूरजमल व साहब राम के विरुद्ध उनके कार्यालय से कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है। इनका व्यवहार उपभोक्ताओं के प्रति सही नहीं था और कामकाज में विभाग के उच्च अधिकारियों को शिकायत मिल रही थी। परंतु वर्कर यूनियन सब यूनिट उसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही है, जो सरासर गलत है। मेरे पर लगाए जा रहे आरोप निराधार व झूठे हैं।
भूना सब डिविजन के जेई सूरजमल व जेई साहब राम की कार्यप्रणाली ठीक नहीं पाई गई। कई विभागीय कार्यों में खामियां मिली हैं, जिसके आधार पर निलंबन आदेश जारी किए गए हैं।
- एसएस राय, एसई, फतेहाबाद सर्कल, डीएचबीवीएन