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कॉलेज शिफ्ट करने का विरोध, फूंका पुतला
ब्यूरो/ अमर उजाला, फतेहाबाद`
Updated Mon, 27 Mar 2017 12:28 AM IST
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टोहाना के जमालपुर में बैठक के बाद नारेबाजी करते ग्रामीण।
- फोटो : fatehabad
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भूना रोड स्थित इंदिरा गांधी कॉलेज को गांव जमालपुर में शिफ्ट करने का विरोध लगातार जारी है। रविवार को गांव जमालपुर और खनौरा के सैकड़ों ग्रामीणों ने फैसले के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने चेतावनी देते कहा कि जब तक सरकार फैसले को वापस नहीं लेती, तब तक विरोध जारी रहेगा। इतना ही नहीं, उन्होंने यहां तक कहा कि अगर दो दिन में फैसला नहीं बदला गया तो टोहाना के वाल्मीकि चौक पर स्थानांतरण पत्र की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराया जाएगा। उधर, दूसरी ओर वाल्मीकि समाज के लोगों ने भी सरकार के इस फैसले का विरोध करते भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला और शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा का पुतला भी फूंका।
गांव जमालपुर के निवासी और पैक्स प्रधान गेजू सैनी ने बताया कि गांव जमालपुर के लोगों ने मिलकर पॉलीटेक्निक निर्माण के लिए गांव की जमीन वर्ष 2013 में सरकार को दी थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस कॉलेज की जगह यहां इंदिरा गांधी कॉलेज को शिफ्ट करने का जो निर्णय लिया है वो जनविरोधी है। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने शीघ्र इस फैसले को वापस नहीं लिया तो दो दिन बाद ग्रामीण शहर पहुंचकर इस निर्णय का विरोध करेंगे। इस अवसर पर ओमप्रकाश सैनी, रूप, गुल्ली प्रधान, दीपक, मंगत, मक्खन, सुभाष, कृष्ण कुमार, सुरेंद्र कुमार, खनौरा के पूर्व सरपंच, बलवंत सिंह, सोमनाथ, बीरा सिंह, जगदेव सिंह, मोहनलाल, शंकरदास, हंसराज, कालाराम, पोलाराम आदि उपस्थित थे।
स्थानांतरण से ग्रामीण बच्चे होंगे प्रभावित
दूसरी ओर वाल्मीकि समाज के सूरजभान ने कहा कि गरीब परिवार के बच्चों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और उनसे गांव में जाकर पढ़ाई करना संभव नहीं हो पाएगा। अगर इसे शिफ्ट किया गया तो हम सब इसका विरोध करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जमालपुर में पॉलीटेक्निक कॉलेज ही शुरू होना चाहिए। नगर परिषद के पूर्व उपप्रधान रामकुमार सैनी ने कहा क्षेत्र में सरकार द्वारा बच्चों को शिक्षा देने के लिए इंदिरा गांधी महाविद्यालय एक मात्र शिक्षण संस्थान संस्थान है। इस कॉलेज में आसपास के लगभग 2800 बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इस कॉलेज के शिफ्ट होने से पॉलीटेक्निक कॉलेज और टोहाना कॉलेज दोनों को नुकसान होगा। इस कॉलेज में कन्हड़ी, समैण, भीमेवाला, डांगरा, पिरथला, पारता, लोहाखेडा, नागला नागली सहित अन्य कई गांवों से बच्चे आ रहे हैं, उनको जमालपुर जाने के लिए यातायात की दिक्कतों का भी सामना करना पड़ेगा।
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गांव जमालपुर के निवासी और पैक्स प्रधान गेजू सैनी ने बताया कि गांव जमालपुर के लोगों ने मिलकर पॉलीटेक्निक निर्माण के लिए गांव की जमीन वर्ष 2013 में सरकार को दी थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस कॉलेज की जगह यहां इंदिरा गांधी कॉलेज को शिफ्ट करने का जो निर्णय लिया है वो जनविरोधी है। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने शीघ्र इस फैसले को वापस नहीं लिया तो दो दिन बाद ग्रामीण शहर पहुंचकर इस निर्णय का विरोध करेंगे। इस अवसर पर ओमप्रकाश सैनी, रूप, गुल्ली प्रधान, दीपक, मंगत, मक्खन, सुभाष, कृष्ण कुमार, सुरेंद्र कुमार, खनौरा के पूर्व सरपंच, बलवंत सिंह, सोमनाथ, बीरा सिंह, जगदेव सिंह, मोहनलाल, शंकरदास, हंसराज, कालाराम, पोलाराम आदि उपस्थित थे।
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स्थानांतरण से ग्रामीण बच्चे होंगे प्रभावित
दूसरी ओर वाल्मीकि समाज के सूरजभान ने कहा कि गरीब परिवार के बच्चों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और उनसे गांव में जाकर पढ़ाई करना संभव नहीं हो पाएगा। अगर इसे शिफ्ट किया गया तो हम सब इसका विरोध करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जमालपुर में पॉलीटेक्निक कॉलेज ही शुरू होना चाहिए। नगर परिषद के पूर्व उपप्रधान रामकुमार सैनी ने कहा क्षेत्र में सरकार द्वारा बच्चों को शिक्षा देने के लिए इंदिरा गांधी महाविद्यालय एक मात्र शिक्षण संस्थान संस्थान है। इस कॉलेज में आसपास के लगभग 2800 बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इस कॉलेज के शिफ्ट होने से पॉलीटेक्निक कॉलेज और टोहाना कॉलेज दोनों को नुकसान होगा। इस कॉलेज में कन्हड़ी, समैण, भीमेवाला, डांगरा, पिरथला, पारता, लोहाखेडा, नागला नागली सहित अन्य कई गांवों से बच्चे आ रहे हैं, उनको जमालपुर जाने के लिए यातायात की दिक्कतों का भी सामना करना पड़ेगा।
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