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‘खोदा पहाड़, निकली चुहिया’
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
Updated Sun, 14 Sep 2014 12:27 AM IST
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डिपो संचालक द्वारा राशन ब्लैक करने के शक में गेहूं के 27 बोरों सहित पुलिस ने ट्रैक्टर -ट्राली पकड़ी थी। जांच पड़ताल में गेहूं एक व्यापारी का निकला। इससे खोदा पहाड़ निकली चुहिया जैसी कहावत चरितार्थ हुई।
पुलिस थाने में व्यापारी विनोद कुमार ने बताया कि 27 कट्टे गेहूं गांव बैजलपुर से किसान हनुमान सिंह और आत्मा राम से 1400 रुपये प्रति क्विंटल में खरीदकर लाया था। हिसार रोड पर जैसे ही ट्रैक्टर -ट्राली का चालक आशीष गर्ग राशन डिपो के पास से गुजरा तो गुप्तचर विभाग के एक कर्मी ने उसे रुकने का इशारा कर दिया।
जिससे ट्रैक्टर चालक घबरा गया और ट्रैक्टर को छोड़कर मौके से भाग गया। गुप्तचर कर्मी ने उपरोक्त गेहूं राशन डिपो का समझकर पुलिस को तुरंत मौके पर बुलाया और डिपो की घेराबंदी कर दी। पुलिस कर्मियों ने डिपो का ताला तोड़कर विभिन्न पहलुओं की जांच भी की। डिपो संचालक आशीष गर्ग ने गुप्तचर विभाग व पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। डिपो संचालक ने कहा कि मेरी गैर मौजूदगी में डिपो का ताला तोड़कर पुलिस और गुप्तचर विभाग ने निंदनीय कार्य किया है।
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क्या कहते हैं फूड इंस्पेक्टर
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक राजेंद्र शर्मा ने इस संबंध में बताया कि गुप्तचर विभाग के एक कर्मचारी ने मोबाइल फोन पर आशीष गर्ग डिपो संचालक द्वारा गेहूं बेचने की सूचना दी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर विभिन्न जांच प्रक्रिया को अंजाम दिया था। लेकिन जैसे ही उन्होंने मौके पर पहुंचकर रिकार्ड की जांच की तो उन्हें वहां सब कुछ ठीकठाक मिला।
क्या कहते हैं एचएचओ :-
थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्राली में पकड़ा गया गेहूं एक व्यापारी का था, जो बैजलपुर के किसान हनुमान सिंह व आत्मा राम से खरीदकर भूना ला रहा था। जांच पड़ताल के बाद गेहूं को छोड़ दिया गया।
पुलिस थाने में व्यापारी विनोद कुमार ने बताया कि 27 कट्टे गेहूं गांव बैजलपुर से किसान हनुमान सिंह और आत्मा राम से 1400 रुपये प्रति क्विंटल में खरीदकर लाया था। हिसार रोड पर जैसे ही ट्रैक्टर -ट्राली का चालक आशीष गर्ग राशन डिपो के पास से गुजरा तो गुप्तचर विभाग के एक कर्मी ने उसे रुकने का इशारा कर दिया।
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जिससे ट्रैक्टर चालक घबरा गया और ट्रैक्टर को छोड़कर मौके से भाग गया। गुप्तचर कर्मी ने उपरोक्त गेहूं राशन डिपो का समझकर पुलिस को तुरंत मौके पर बुलाया और डिपो की घेराबंदी कर दी। पुलिस कर्मियों ने डिपो का ताला तोड़कर विभिन्न पहलुओं की जांच भी की। डिपो संचालक आशीष गर्ग ने गुप्तचर विभाग व पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। डिपो संचालक ने कहा कि मेरी गैर मौजूदगी में डिपो का ताला तोड़कर पुलिस और गुप्तचर विभाग ने निंदनीय कार्य किया है।
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क्या कहते हैं फूड इंस्पेक्टर
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक राजेंद्र शर्मा ने इस संबंध में बताया कि गुप्तचर विभाग के एक कर्मचारी ने मोबाइल फोन पर आशीष गर्ग डिपो संचालक द्वारा गेहूं बेचने की सूचना दी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर विभिन्न जांच प्रक्रिया को अंजाम दिया था। लेकिन जैसे ही उन्होंने मौके पर पहुंचकर रिकार्ड की जांच की तो उन्हें वहां सब कुछ ठीकठाक मिला।
क्या कहते हैं एचएचओ :-
थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्राली में पकड़ा गया गेहूं एक व्यापारी का था, जो बैजलपुर के किसान हनुमान सिंह व आत्मा राम से खरीदकर भूना ला रहा था। जांच पड़ताल के बाद गेहूं को छोड़ दिया गया।