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डायल 112 का रिस्पांस ओके, लेकिन कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा पुलिस विभाग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 30 Jan 2022 10:54 PM IST
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Dial 112's response is OK, but the police department is facing shortage of staff
ग्रामीण कस्बे में शिकायत सुनते डायल 112 की टीम। - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। हर नागरिक तक तुरंत मदद पहुंचाने के मकसद से शुरू की गई सरकार की डायल 112 योजना का रिस्पांस उम्मीद के मुताबिक मिल रहा है लेकिन इस योजना से पुलिस विभाग कर्मचारियों की कमी का सामना कर रहा है। इसके अलावा जिला पुलिस और डायल 112 की गाड़ियों का कम्युनिकेशन सिस्टम अलग-अलग जगह से कंट्रोल होने पर भी मैनपॉवर के प्रयोग में सहयोग नहीं बन पा रहा है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अभी डायल 112 की योजना पॉयलट प्रोजेक्ट के तौर पर चल रही है और आने वाले कुछ समय बाद इसकी समीक्षा के बाद जरूरी बदलाव के लिए कदम उठाए जाएंगे।
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बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेशानुसार हरियाणा में 12 जुुलाई 2021 को डायल 112 की सेवाओं का शुभारंभ हुआ था। प्रदेश स्तर पर डायल 112 का सेंट्रालाइज इंफॉर्मेशन सिस्टम पंचकूला में है और मुख्यालय से ही प्राप्त कॉल के अनुसार डायल 112 की गाड़ी जरूरत पड़ने पर तय लोकेशन पर पहुंचती है। 10 मिनट में प्राप्त कॉल वाली लोकेशन पर डायल 112 का पहुंचना जरूरी है क्योंकि जल्द से जल्द आम नागरिक को मदद पहुंचाने के मकसद से ही इस योजना को शुरू किया गया है। लेकिन इस योजना के शुरू होने के साथ ही पूरे पुलिस विभाग में मैनपॉवर की काफी कमी आ चुकी है क्योंकि प्रदेश में जिला स्तर पर उपलब्ध पुलिसबल में से ही इन गाड़ियों पर कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं। डायल 112 का संचालन पंचकूला हेडक्वार्टर से जुड़े होने के कारण जिला स्तर पर पुलिस को केवल सूचना के आदान-प्रदान के अलावा दूसरी मदद लेने में परेशानी ये है कि जिला में थाना स्तर पर तय लोकेशन के दायरे से बाहर भी जरूरत पड़ने पर डायल 112 की गाड़ी का पहुंचना जरूरी है। ऐसे में थाना के इलाका में कम्युनिकेशन न बनने से मैनपॉवर की कमी ज्यादा खल रही है।
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ये है संचालन सिस्टम
इमरजेंसी रिस्पांस एंड सपोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस) की नई प्रणाली में लोगों को कई नंबर याद रखने की आवश्यकता को समाप्त किया गया। ईआरएसएस एक नंबर के माध्यम से इमरजेंसी सेवाएं प्रदान करने के लिए पुलिस (100), फायर (101) और एंबुलेंस (108) हेल्पलाइन नंबरों का एकीकरण है। इस परियोजना को केंद्रीय गृहमंत्रालय के निर्देश पर लागू किया गया है। योजना के तहत पंचकूला में एक अत्याधुनिक स्टेट इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर स्थापित किया गया है जिसे जिला स्तर पर पुलिस कंट्रोल रूम के साथ-साथ इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल्स से डिजिटल रूप से जोड़ा गया है।
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फतेहाबाद में 180 पुलिसकर्मी डायल 112 की योजना में नियुक्त
फतेहाबाद जिला में डायल 112 की गाड़ियों पर करीब 180 पुलिसकर्मी नियुक्त हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार ऐेसे में इतनी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की नियुक्ति केवल इंफॉर्मेेशन सिस्टम में होने से दूसरे कार्यों और प्राप्त इंफॉर्मेशन पर एक्शन के लिए पुलिसकर्मियों की कमी का सामना विभाग को करना पड़ रहा है।
जरूरत पड़ने पर जिला की सीमा को भी पार करती हैं डायल 112
आम तौर पर पहले जिला की सीमा में ही संबंधित जिला की पुलिस टीम रिस्पांस करती थी। लेकिन डायल 112 की गाड़ी यदि अपने जिला में दूसरे जिले की सीमा के नजदीक हैं और दूसरे जिला की सीमा से कॉल प्राप्त होती है तो सबसे नजदीक मौजूद डायल 112 की गाड़ी सीमा को पार करके भी जा सकती है।

मैनपॉवर की कमी जरूर, लेकिन योजना की समीक्षा होगी : एसपी
डायल 112 सरकार की महत्वपूर्ण योजना है और इस योजना का रिस्पांस काफी अच्छा है। लेकिन दूसरी तरफ जिला स्तर पर पुलिसकर्मियों की नियुक्तियां डायल 112 की गाड़ियों पर होने से पुलिस विभाग में मैनपॉवर की कमी जरूर है। हालांकि योजना अभी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चल रही है और जल्द ही इसकी समीक्षा होगी। समीक्षा में जरूरत के अनुसार बदलाव भी किए जाएंगे ताकि बेहतर संचालन योजना का हो सके।
सुरिंद्र भोरिया, एसपी, फतेहाबाद।

शहर में तैनात डायल 112 की टीम।

शहर में तैनात डायल 112 की टीम।- फोटो : Fatehabad

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