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Fatehabad News: बाढ़ से जलमग्न हुई ढाणी तो स्विटजरलैंड से फतेहाबाद पहुंचा बिजनेसमैन
Fri, 21 Jul 2023 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 21 Jul 2023 11:07 PM IST
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गुरनाम सिंह
फतेहाबाद। फतेहाबाद में बाढ़ का प्रकोप इतना है कि विदेशों में काम करने वाले लोग भी अपनी ढाणियों की दशा देखने के लिए लंबा सफर तय करके पहुंच रहे हैं। गांव ढाणी बीकानेरी के पास ढाणी डूबने की सूचना पाकर स्विटजरलैंड से मकान का मालिक अपनी ढाणी में पहुंच गया। अचानक पानी बढ़ गया तो वह ढाणी में ही फंसकर रह गए। अब उनको राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
फतेहाबाद के गांव ढाणी टाहलीवाली के रकबे में सतपाल सिंह का घर है। वह स्वयं स्विटजरलैंड में बिजनेस कर रहे हैं और उनका परिवार कनाडा में है। यहां पर उनकी जमीनें भी हैं और उनकी बड़ी कोठी भी है। वह अक्सर अपने मकान को संभालने व खेती के काम को देखने के लिए आते रहते हैं। फतेहाबाद में जब बाढ़ की आपदा आई तो उनको पड़ोसियाें से इसकी सूचना मिल गई। सूचना पाते ही सतपाल सिंह 5,989 किलोमीटर का सफर हवाई जहाज में करते हुए फतेहाबाद अपनी ढाणी से सामान निकालने के लिए पहुंच गए, लेकिन इसी बीच रात को अचानक का पानी का भराव हो गया और वह पानी में फंसकर रह गए। सतपाल सिंह को अब ढाणी में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। संवाद
मैं स्विटजरलैंड में रहता हूं। मेरे परिवार के बाकी सदस्य कनाडा रहते हैं। मैं 30 जून को खेती का काम करवाने के बाद वापस स्विटजरलैंड चला गया था। वहां जाने के बाद पता चला कि फतेहाबाद में बाढ़ आ गई है। मेरी ढाणी में काफी सामान था, इसलिए मैं फतेहाबाद आ गया। ढाणी में पहुंचे तो रात को ही अधिक जलभराव हो गया, जिससे बाहर भी नहीं निकल सकते थे। अकेला ढाणी में होने के कारण मैंने अपने दोस्त से बात की और मेरे पास भोजन आदि की भी परेशानी आ गई। मेरे लिए गुरुद्वारा बड़वासाहेब हिमाचल की ओर से आए सेवादार खाने-पीने का सामान पहुंचा रहे हैं। अब पानी निकल जाए तो सब सही होगा।
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-सतपाल सिंह, एनआरआई।
20 एकड़ के मालिक को लेनी पड़ी चाचा के घर शरण
ग्रामीण गुरनाम सिंह ने बताया कि मेरी ढाणी भूना रोड के पास नेशनल हाईवे नंबर नौ पर है। हमारा पूरा परिवार शुक्रवार सुबह तक ढाणी में था, जब पानी का स्तर बढ़ने लगा तो हमने सारा सामान बाहर निकाल कर हमारे चाचा के घर बरसीन गांव में भेज दिया। मेरी 13 एकड़ जमीन हाईवे के साथ लगती है, जो पूरी तरह डूब चुकी है। 20 एकड़ जमीन गांव बरसीन में है, वह भी डूब चुकी है। मेरी दो एकड़ जमीन हाईवे के साथ फतेहाबाद की तरफ है, अब सिर्फ वही बची हुई है। बाढ़ की इस आपदा के बाद हम अपने चाचा के घर रह रहें हैं।
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फतेहाबाद के गांव ढाणी टाहलीवाली के रकबे में सतपाल सिंह का घर है। वह स्वयं स्विटजरलैंड में बिजनेस कर रहे हैं और उनका परिवार कनाडा में है। यहां पर उनकी जमीनें भी हैं और उनकी बड़ी कोठी भी है। वह अक्सर अपने मकान को संभालने व खेती के काम को देखने के लिए आते रहते हैं। फतेहाबाद में जब बाढ़ की आपदा आई तो उनको पड़ोसियाें से इसकी सूचना मिल गई। सूचना पाते ही सतपाल सिंह 5,989 किलोमीटर का सफर हवाई जहाज में करते हुए फतेहाबाद अपनी ढाणी से सामान निकालने के लिए पहुंच गए, लेकिन इसी बीच रात को अचानक का पानी का भराव हो गया और वह पानी में फंसकर रह गए। सतपाल सिंह को अब ढाणी में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। संवाद
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मैं स्विटजरलैंड में रहता हूं। मेरे परिवार के बाकी सदस्य कनाडा रहते हैं। मैं 30 जून को खेती का काम करवाने के बाद वापस स्विटजरलैंड चला गया था। वहां जाने के बाद पता चला कि फतेहाबाद में बाढ़ आ गई है। मेरी ढाणी में काफी सामान था, इसलिए मैं फतेहाबाद आ गया। ढाणी में पहुंचे तो रात को ही अधिक जलभराव हो गया, जिससे बाहर भी नहीं निकल सकते थे। अकेला ढाणी में होने के कारण मैंने अपने दोस्त से बात की और मेरे पास भोजन आदि की भी परेशानी आ गई। मेरे लिए गुरुद्वारा बड़वासाहेब हिमाचल की ओर से आए सेवादार खाने-पीने का सामान पहुंचा रहे हैं। अब पानी निकल जाए तो सब सही होगा।
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-सतपाल सिंह, एनआरआई।
20 एकड़ के मालिक को लेनी पड़ी चाचा के घर शरण
ग्रामीण गुरनाम सिंह ने बताया कि मेरी ढाणी भूना रोड के पास नेशनल हाईवे नंबर नौ पर है। हमारा पूरा परिवार शुक्रवार सुबह तक ढाणी में था, जब पानी का स्तर बढ़ने लगा तो हमने सारा सामान बाहर निकाल कर हमारे चाचा के घर बरसीन गांव में भेज दिया। मेरी 13 एकड़ जमीन हाईवे के साथ लगती है, जो पूरी तरह डूब चुकी है। 20 एकड़ जमीन गांव बरसीन में है, वह भी डूब चुकी है। मेरी दो एकड़ जमीन हाईवे के साथ फतेहाबाद की तरफ है, अब सिर्फ वही बची हुई है। बाढ़ की इस आपदा के बाद हम अपने चाचा के घर रह रहें हैं।