{"_id":"6a68e072a17f468ee20329c3","slug":"demand-for-ghevar-rises-with-the-arrival-of-the-monsoon-season-fatehabad-news-c-127-1-ftb1003-158227-2026-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: मानसून की बहार से बढ़ी घेवर की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: मानसून की बहार से बढ़ी घेवर की मांग
Tue, 28 Jul 2026 10:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 28 Jul 2026 10:31 PM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद। शहर में बनी एक मिठाई की दुकान पर रखा घेवर। संवाद
फतेहाबाद। मानसून के साथ ही शहर के बाजारों में घेवर की बहार है। तीज और रक्षा बंधन जैसे पर्व नजदीक आने से मिठाई की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ दिखाई देने लगी है। सादा, मावा और मलाई घेवर सबसे अधिक पसंद किए जा रहे हैं। बढ़ती मांग का असर कीमतों पर भी साफ नजर आ रहा है। इस समय बाजार में घेवर 450 रुपये से 650 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।
दुकानदारों का कहना है कि मानसून की शुरुआत से पहले ही घेवर की बिक्री शुरू हुई है। कई लोग अपने रिश्तेदारों और परिचितों के लिए भी घेवर पैक करा रहे हैं। दुकानदारों के अनुसार सावन माह में घेवर का विशेष धार्मिक और पारंपरिक महत्व माना जाता है। हरियाली तीज, रक्षा बंधन और पारिवारिक आयोजनों में इसका इस्तेमाल मिठाई के साथ उपहार के रूप में भी किया जाता है।
-- --
बढ़ती महंगाई के कारण बढ़ रहे है रेट
शहर के मुख्य मिठाई विक्रेता लवली कुमार, गुलशन, हरिओम, विजय कुमार, गगन सेतिया आदि ने बताया कि सादा घेवर की तुलना में मावा और मलाई घेवर की मांग अधिक है। इनकी गुणवत्ता और स्वाद के कारण ग्राहक इन्हें प्राथमिकता देते हैं। दुकानों पर ताजा घेवर तैयार किए जा रहे हैं ताकि ग्राहकों को बेहतर स्वाद मिल सके। दुकानदारों का कहना है कि ईंधन, शुद्ध घी, मावा, दूध, चीनी तथा अन्य खाद्य सामग्री के दाम बढ़ने से घेवर की लागत पहले की अपेक्षा अधिक हो गई है। इसी कारण बाजार में कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दुकानदारों का कहना है कि मानसून की शुरुआत से पहले ही घेवर की बिक्री शुरू हुई है। कई लोग अपने रिश्तेदारों और परिचितों के लिए भी घेवर पैक करा रहे हैं। दुकानदारों के अनुसार सावन माह में घेवर का विशेष धार्मिक और पारंपरिक महत्व माना जाता है। हरियाली तीज, रक्षा बंधन और पारिवारिक आयोजनों में इसका इस्तेमाल मिठाई के साथ उपहार के रूप में भी किया जाता है।
विज्ञापन
बढ़ती महंगाई के कारण बढ़ रहे है रेट
शहर के मुख्य मिठाई विक्रेता लवली कुमार, गुलशन, हरिओम, विजय कुमार, गगन सेतिया आदि ने बताया कि सादा घेवर की तुलना में मावा और मलाई घेवर की मांग अधिक है। इनकी गुणवत्ता और स्वाद के कारण ग्राहक इन्हें प्राथमिकता देते हैं। दुकानों पर ताजा घेवर तैयार किए जा रहे हैं ताकि ग्राहकों को बेहतर स्वाद मिल सके। दुकानदारों का कहना है कि ईंधन, शुद्ध घी, मावा, दूध, चीनी तथा अन्य खाद्य सामग्री के दाम बढ़ने से घेवर की लागत पहले की अपेक्षा अधिक हो गई है। इसी कारण बाजार में कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है।
विज्ञापन