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लोगों से हफ्ता वसूली करता था आरपीएफ का सब इंस्पेक्टर

Fri, 16 Sep 2016 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद Updated Fri, 16 Sep 2016 12:26 AM IST
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मजदूरों के खिलाफ बनते एक मामले को रफादफा करने की एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर देवेंद्र कौशिक को निलंबित कर दिया गया है। देर रात सीबीआई उसे अपने साथ गिरफ्तार करके चंडीगढ़ ले गई है। वहीं मामले को लेकर आरपीएफ पुलिस ने भी उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।


बताया जाता है कि पकड़े गए एसआई देवेंद्र कौशिक का रिकॉर्ड शुरुआत से ही लोगों से हफ्ता वसूली का रहा है।
उसके द्वारा जाखल सहित अन्य रेलवे स्टेशनों से कई लोगों से अवैध वसूली किए जाने की बातें भी अब खुलकर सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि सेंटर की रेलवे पुलिस का रौब दिखाकर उसने कई बार लोगों से रिश्वत ली है। खासकर ट्रेनों में अवैध रूप से खानपान का काम करने वाले वेंडरो, रेलवे स्टेशनों के पास अवैध रूप से खड़े होकर सामान इत्यादि बेचने का और अवैध रूप से वाहन खड़ा करने वालों से वसूली की जाती थी। वहीं जाखल के इतिहास में इस तरह की पहली बार हुई सीबीआई की छापामार कार्रवाई से क्षेत्र के लोगों में काफी चर्चा बनी हुई है।
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खासकर रिश्वत लेते पकड़े गए सब इंस्पेक्टर देवेंद्र कौशिक की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा है कि वह पिछले लंबे समय से लोगों से वसूली किया करता था। लेकिन लोग केंद्रीय विभाग की पुलिस के खिलाफ आवाज उठाने से बचते थे। रिश्वत लेते पकड़वाने वाले शिकायत कर्ता मजदूर मंदीप, चांदीराम और रंधीर सिंह ने बताया कि रात को जैसे ही उनसे केबल कटी वैसे ही सब इंस्पेक्टर देवेंद्र कौशिक उन्हें पकड़कर थाने ले आया और मामला दर्ज कर कार्रवाई की धमकी देने लगा।
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मजदूरों ने बताया कि देवेंद्र कौशिक ने घटना के बाद से लेकर पैसे लेने तक उन्हें मानसिक रूप से काफी प्रताड़ित किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने उनसे हुई गलती के लिए उसके पैरों में गिरकर माफी भी मांगी और उन्हें जुर्माना लगाने की भी बात रखी लेकिन वह मामले को रफा दफा करने के लिए कम से कम 30 हजार रुपये की मांग पर अड़ गया। उन्होंने बताया कि उन्हें कई घंटों तक कुछ भी खाने-पीने को नहीं दिया गया। यहां तक की उनकी एक मारुति कार को भी उसने अपने कब्जे में यह कहकर ले लिया कि जब रूपये दोगे तभी यह मिलेगी। जिसके बाद उन्हें एक व्यक्ति मिला, जिसने सब इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते पकड़वाने की सलाह दी। जिसके बाद उन्होंने कठोर मन से इसकी सूचना सीबीआई को देते कार्रवाई को अंजाम दिलाया।
 
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