फर्जी पासपोर्ट मामला: आतंक के मददगारों के लिए अहरवां के पते का इस्तेमाल.. .अब कौन है ये हरमनप्रीत?
हरमनप्रीत नाम के एक और संदिग्ध का फर्जी पासपोर्ट मिला है, एक और एफआईआर दर्ज करके मामले की छानबीन शुरू की गई है। आरोपी मनीष के खुलासे के बाद फर्जी पासपोर्ट वाला हरमनप्रीत नाम का यह शख्स पुलिस को गांव में नहीं मिला।
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हरियाणा के फतेहाबाद के अहरवां गांव के पते पर एक और फर्जी पासपोर्ट मिला है। बड़ी बात ये है कि फर्जी पासपोर्ट में दर्ज नाम का व्यक्ति गांव में नहीं है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस के सामने सवाल खड़ा अब ये हो गया है कि अहरवां गांव के पते पर बना करन नाम का पहला फर्जी पासपोर्ट आतंकी संगठन के हैंडलर रवि उर्फ नोनू का है तो उसके साथ बना दूसरा फर्जी पासपोर्ट वाला हरमनप्रीत कौन है?
अहरवां गांव के पते पर एक फर्जी पासपोर्ट आतंकी संगठन के हैंडलर का होना और दूसरा व्यक्ति गांव में नहीं मिलना, ये सबकुछ अब इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि कहीं ना कहीं अहरवां के पते का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के मददगारों के लिए हो रहा है। हालांकि और कितने ऐसे संदिग्धों के पासपोर्ट बने हैं इसकी छानबीन पुलिस कर रही है, लेकिन हरमनप्रीत नाम का शख्स पुलिस के सामने एक नए चैलेंज के रूप में खड़ा हो गया है।
पुलिस द्वारा दर्ज की गई ताजा एफआईआर के अनुसार आतंकी संगठन के हैंडलर रवि उर्फ नोनू के फर्जी पासपोर्ट के साथ ही हरमनप्रीत नाम के व्यक्ति का भी फर्जी पासपोर्ट जारी हुआ है। इस मामले में गिरफ्तार रतिया निवासी आरोपी मनीष ने खुलासा किया कि रवि उर्फ नोनू का करन नाम से बने फर्जी पासपोर्ट के साथ एक और फर्जी पासपोर्ट हरमनप्रीत के नाम से बना है। करन के साथ ही हरमनप्रीत के फर्जी पासपोर्ट के दस्तावेज उसने तैयार किए थे।
इस खुलासे के बाद पुलिस ने तुरंत हरनमप्रीत नाम से बने पासपोर्ट की फाइल निकलवाई और जांच की। गांव में पुलिस ने जांच करवाई तो पासपोर्ट में दर्ज जानकारियों वाले हरमनप्रीत नाम का कोई व्यक्ति गांव अहरवां में पुलिस को नहीं मिला। अब पुलिस के सामने सवाल खड़ा हुआ कि यह हरमनप्रीत कौन है और कहां है? चूंकि दो पासपोर्ट एक साथ बने और दोनों फर्जी हैं।
इनमें से एक जब आतंकी संगठन के हैंडलर का है तो दूसरे फर्जी पासपोर्ट वाले शख्स के बारे में इस आशंका ने पुलिस के चिंता में डाल दिया है कि हरमनप्रीत नाम का संदिग्ध कहीं रवि उर्फ नोनू की भूमिका तो नहीं निभा रहा? हालांकि पुलिस फिलहाल यह भी मानकर चल रही है कि रवि उर्फ नोनू के करन नाम से बने फर्जी पासपोर्ट की वेेरिफिकेशन पर सतनाम के साथ अहरवां निवासी हरमनप्रीत का नाम दर्ज है और ये वही शख्स हो सकता है। लेकिन पुलिस को यह हरमनप्रीत गांव में नहीं मिला और ना ही इसके बारे में कोई सुराग पुलिस को अभी मिला है।
ऐसे में पुलिस सूत्रों का कहना है कि संदिग्ध हरमनप्रीत तक पहुंचने के बाद ही इसके बारे में सब कुछ स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल आरोपी रतिया निवासी मनीष को पुलिस ने अदालत से तीन दिन के लिए आगे और रिमांड पर लेकर इस बारे में छानबीन तेज कर दी है।
पंजाब के बाद अब चंडीगढ़ से भी जुड़े तार
पूछताछ में मनीष ने बताया कि फर्जी पासपोर्ट तैयार करवाने में चंडीगढ़ के तिलक नाम के शख्स ने उसकी मदद की। पुलिस अब मनीष की निशानदेही पर तय ठिकाने तक पहुंचकर तिलक नाम के इस शख्स के बारे में पड़ताल करेगी, वहीं आरोपी मनीष के लैपटॉप और मोबाइल पंजाब के लहरगागा में छिपाकर रखे गए जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।
कुछ और लोगों से पूछताछ, शामिल जांच भी किए गए
फर्जी पासपोर्ट के मामले में चल रही छानबीन में रतिया इलाके के कई और लोगों से पूछताछ की गई है। इनमें से कुछ लोग शामिल जांच भी हुए हैं। सूत्रों के अनुसार पुलिस फर्जी पासपोर्ट के केस में हर कड़ी को पुख्ता रूप से जोड़कर अहरवां के पते पर आतंकी हैंडलर तक के पासपोर्ट बनने के पीछे असल खेल की परतें खोलने के लिए हर तरह की बारीकी जांच रही है।
अहरवां के पते पर बने दूसरे फर्जी पासपोर्ट वाले शख्स की तलाश जारी : एसपी
अहरवां गांव के पते पर एक और फर्जी पासपोर्ट बना हुआ पाया गया है। करन नाम से बने पहले फर्जी पासपोर्ट के साथ ही हरमनप्रीत के नाम से फर्जी पासपोर्ट जारी हुआ। हालांकि अभी तक अहरवां में पुलिस को हरमनप्रीत नाम का व्यक्ति नहीं मिला है। पुलिस दूसरे फर्जी पासपोर्ट वाले इस शख्स की तलाश कर रही है। - सुरिंद्र भोरिया,एसपी, फतेहाबाद।