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सोते हुए बिस्तर में लगी आग, व्यक्ति की मौत
ब्यूरो/ अमर उजाला, फतेहाबाद
Updated Sun, 26 Mar 2017 12:16 AM IST
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ढाबी रोड स्थित खेत के पास ढाणी के बाहर सो रहे एक व्यक्ति की बिस्तर पर ही आग लगने से मौत हो गई। हालांकि पुलिस ने परिजनों के बयान के आधार पर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है। हालांकि, मौके पर हादसे की स्थितियां संदेह पैदा कर रही हैं। मृतक की पहचान 42 वर्षीय प्रहलाद के रूप में हुई है। बताया गया है कि मृतक नशे का आदी था और शुक्रवार रात भी वह नशे में आया और ढाणी के बाहर अपने बिस्तर पर आकर सो गया। रात को अचानक उसके बिस्तर में आग लग गई और आग में बुरी तरह झुलसने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों ने नशे में बीड़ी के कारण उसके बिस्तर में आग लगने की आशंका जताई है।
सुबह जब परिजनों ने सारा मंजर देखा तो इसकी सूचना ग्रामीणों एवं पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने मृतक के शव का सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम कर शव को परिजनों के हवाले कर दिया।
भट्टू थाना प्रभारी मुकेश ने बताया कि मृतक की पत्नी कृष्णा के बयान के आधार पर धारा 174 के तहत कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
ये उठे सवाल
बिस्तर पर आग लगने से व्यक्ति जल जाता है, लेकिन किसी को पता तक नहीं चलता?
आग लगने पर व्यक्ति की चीख नहीं निकली? किसी ने उसकी आवाज नहीं सुनी?
आग लगने की स्थिति में इंसान खुद को बचाने की कोशिश में इधर-उधर दौड़ता है। घटनास्थल पर ऐसे किसी प्रयास के सबूत नहीं हैं।
झोपड़ी में लगी आग, सामान राख
गांव शेखुपुर दड़ौली में खेत में बनी एक रिहायशी झोपड़ी में आग लगने से उसमें रखा घर का सामान जलकर राख हो गया। आसपास के लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक झोपड़ी जल कर राख हो चुकी थी।
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रायसरायन (राजस्थान) निवासी ओमपाल पिछले एक वर्ष से शेखुपुर के खेतों में झोपड़ी बनाकर परिवार सहित रह रहा था और मजदूरी का कार्य करता था। शनिवार दोपहर को वह अपने परिवार सहित दूसरी जगह मजदूरी का कार्य करने गया हुआ था। इसी दौरान अज्ञात कारणों से उसकी झोपड़ी में आग लग गई, जिससे सामान जल गया।
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सुबह जब परिजनों ने सारा मंजर देखा तो इसकी सूचना ग्रामीणों एवं पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने मृतक के शव का सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम कर शव को परिजनों के हवाले कर दिया।
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भट्टू थाना प्रभारी मुकेश ने बताया कि मृतक की पत्नी कृष्णा के बयान के आधार पर धारा 174 के तहत कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
ये उठे सवाल
बिस्तर पर आग लगने से व्यक्ति जल जाता है, लेकिन किसी को पता तक नहीं चलता?
आग लगने पर व्यक्ति की चीख नहीं निकली? किसी ने उसकी आवाज नहीं सुनी?
आग लगने की स्थिति में इंसान खुद को बचाने की कोशिश में इधर-उधर दौड़ता है। घटनास्थल पर ऐसे किसी प्रयास के सबूत नहीं हैं।
झोपड़ी में लगी आग, सामान राख
गांव शेखुपुर दड़ौली में खेत में बनी एक रिहायशी झोपड़ी में आग लगने से उसमें रखा घर का सामान जलकर राख हो गया। आसपास के लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक झोपड़ी जल कर राख हो चुकी थी।
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रायसरायन (राजस्थान) निवासी ओमपाल पिछले एक वर्ष से शेखुपुर के खेतों में झोपड़ी बनाकर परिवार सहित रह रहा था और मजदूरी का कार्य करता था। शनिवार दोपहर को वह अपने परिवार सहित दूसरी जगह मजदूरी का कार्य करने गया हुआ था। इसी दौरान अज्ञात कारणों से उसकी झोपड़ी में आग लग गई, जिससे सामान जल गया।