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डेरों के वर्चस्व को लेकर हुई थी बाबा धोलिया की हत्या

Fri, 24 Aug 2018 12:40 AM IST
Updated Fri, 24 Aug 2018 12:40 AM IST
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डेरों के वर्चस्व को लेकर हुई थी बाबा धोलिया की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहाबाद। गांव बड़ोपल में डेरे के बाबा की हत्या इसलिए की गई थी, क्योंकि वह गांव के ही दूसरे डेरे में चला जाता था और वहां से सामान उठा लाता था। उसकी हत्या करने के आरोपियों को इस बात की आपत्ति थी और यह पूरा मामला दो डेरों के वर्चस्व को लेकर था। यह खुलासा बाबा की हत्या में पकड़े गए आरोपी ने की है। पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां अदालत ने उसे एक दिन के रिमांड पर भेजा है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से उसके दूसरे साथी का पता और हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के लिए पूछताछ करेगी।
ज्ञात रहे कि गांव बड़ोपल के श्मशान घाट के पास बने एक मंदिर की कुटिया में बाबा धोलिया उर्फ लेखराम स्वामी निवासी गोरखपुर बुधवार को पुलिस ने जला हुआ शव बरामद किया था। शव के मात्र अवशेष ही रह गए थे। पुलिस ने गांव के दो युवकों सुरेश व पवन के खिलाफ हत्या व शव को खुर्द बुर्द करने के आरोप में केस दर्ज किया था। सदर थाना प्रभारी रुपेश चौधरी ने बताया कि बाबा धोलिया उर्फ लेखराम गांव के श्मशान घाट में बने मंदिर की कुटिया में रहता था। वह अक्सर गांव के दूसरे मंदिर बाबा छोटूनाथ मंदिर में भी चला जाता था। यहां से वह मंदिर का सामान व खाद्य सामग्री उठाकर अपने मंदिर में ले आता था। वहीं दूसरे मंदिर की सेवा सुरेश व पवन करते थे और वह इस बात को लेकर बाबा से रंजिश रखने लगे। दोनों पक्षों में डेरों के वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी। बाबा धोलिया के दूसरे मंदिर में लगातार जाने पर सुरेश व पवन ने उसकी हत्या करने की ठान ली।
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सदर थाना प्रभारी रुपेश चौधरी ने बताया एक सुनियोजित योजना के अनुसार, रविवार रात को सुरेश व पवन श्मशान घाट के मंदिर में बाबा की कुटिया में पहुंच गए। यहां पर लकड़ी की बल्ली से प्रहार करके उन्होंने बाबा को मौत के घाट उतार दिया और उसका शव कुटिया में ही छोड़ दिया। मंगलवार को मौका पाकर दोनों ने उसके शव को कुटिया के अंदर ही जला दिया। अगले दिन बुधवार को जब गांव का पंच सुंदर कुटिया में गया तो उसने जले शव को देखकर पुलिस को सूचित किया था। सुरेश ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उसे वीरवार को अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 1 दिन के पुलिस रिमांड पर पुलिस के हवाले कर दिया।
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