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प्रेमिका को वीडियो भेजने से नाराज था फौजी दोस्त, पहले पटके से बेहोश किया, फिर सिर-गले में गोली मार ले ली जान
Updated Thu, 01 Mar 2018 11:12 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद/भूना।
फतेहाबाद पुलिस ने बीते दिन भूना के खेतों में मृत मिले बंसल कालोनी निवासी ललित कुमार की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। ललित कुमार की हत्या उसके ही एक फौजी दोस्त ने अपने दो अन्य दोस्तों के साथ मिलकर की थी। वीरवार दोपहर को डीएसपी जगदीश काजला ने अपने कार्यालय में आयोजित पत्रकारवार्ता में बताया कि आरोपियों की पहचान विनोद, पिंटू उर्फ हरबान एवं मंजीत उर्फ घोड़ा के रूप में हुई है।
पुलिस ने मुख्यारोपी विनोद फौजी व पिंटू को गिरफ्तार कर लिया है जबकि मंजीत उर्फ घोड़ा अभी तक पुलिस की गिरफ्त से फरार है। हत्या का मुख्य आरोपी विनोद फौजी भी बंसल कॉलोनी का ही रहने वाला है और वारदात से महज दो दिन पहले ही छुट्टी लेकर भूना लौटा था। हत्या के पीछे की असल मंशा एक कथित वीडियो को लेकर है। आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगा जाएगा ताकि हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद किए जा सकें और फरार आरोपी मंजीत के बारे में पूछताछ की जा सके।
डीएसपी जगदीश काजला ने बताया कि पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मृतक ललित और विनोद फौजी आपस में दोस्त थे। एक दिन विनोद फौजी अपनी प्रेमिका के बारे में दोस्तों को डींगें मार रहा था जिसकी ललित ने वीडियो बनाकर उसकी प्रेमिका को भेज दी थी। जिसके बाद विनोद की प्रेमिका विनोद से नाराज रहती थी। विनोद फौजी को ललित से इसी बात की रंजिश थी।
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डीएसपी जगदीश ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि दो दिन पहले विनोद के कहने पर मंजीत उर्फ घोड़ा ने फोनकर ललित को घर से बाहर बुलाया और इसके बाद वो उसे खैरी रोड पर ले गए। यहां पर तीनों आरोपियों ने पहले कपड़े के पट्टे से उसका गला दबाना चाहा, जब वे इसमें कामयाब नहीं हो सके तो उसे घसीटते हुए पास के खेतों में ले गए और वहां पर विनोद ने उसके सिर व गले में दो गालियां मार दी। जिसके बाद मृतक ललित वहीं पर ढेर हो गया। डीएसपी जगदीश ने बताया कि ललित की हत्या करने के बाद आरोपियों की मंशा उसके शव को भाखड़ा नहर में फेंकने की थी, लेकिन इस बीच लोगों का आवागमन इस तरफ काफी बढ़ गया था जिसके चलते उन्हें शव को वहीं छोड़कर जाना पड़ा। इस बीच लोगों की नजर शव पर पड़ी तो उन्होंने पुलिस को सूचित कर दिया। पुलिस की तत्परता के चलते शव की पहचान और उसके बाद इस मामले की जांच में तेजी के चलते तीन दिन में ही आरोपियों को काबू कर लिया गया है। डीएसपी जगदीश ने दावा किया है कि इस मामले में फरार चल रहे तीसरे आरोपी मंजीत उर्फ घोड़े को भी जल्द काबू कर लिया जाएगा।
पुलिस सूत्रों की मानें तो इस मामले में सीआईए फतेहाबाद टीम की तेजी के साथ साथ साइबर सैल की भी अहम भूमिका रही। मोबाइल लोकेशन व अन्य सुरागों के चलते पुलिस का शक पहले विनोद व उसके साथियों पर गया। जिसके चलते बीती रात सीआईए ने विनोद व पिंटू को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो आरोपियों ने पूछताछ में सारा मामला ही उगल दिया।
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फतेहाबाद/भूना।
फतेहाबाद पुलिस ने बीते दिन भूना के खेतों में मृत मिले बंसल कालोनी निवासी ललित कुमार की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। ललित कुमार की हत्या उसके ही एक फौजी दोस्त ने अपने दो अन्य दोस्तों के साथ मिलकर की थी। वीरवार दोपहर को डीएसपी जगदीश काजला ने अपने कार्यालय में आयोजित पत्रकारवार्ता में बताया कि आरोपियों की पहचान विनोद, पिंटू उर्फ हरबान एवं मंजीत उर्फ घोड़ा के रूप में हुई है।
पुलिस ने मुख्यारोपी विनोद फौजी व पिंटू को गिरफ्तार कर लिया है जबकि मंजीत उर्फ घोड़ा अभी तक पुलिस की गिरफ्त से फरार है। हत्या का मुख्य आरोपी विनोद फौजी भी बंसल कॉलोनी का ही रहने वाला है और वारदात से महज दो दिन पहले ही छुट्टी लेकर भूना लौटा था। हत्या के पीछे की असल मंशा एक कथित वीडियो को लेकर है। आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगा जाएगा ताकि हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद किए जा सकें और फरार आरोपी मंजीत के बारे में पूछताछ की जा सके।
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डीएसपी जगदीश काजला ने बताया कि पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मृतक ललित और विनोद फौजी आपस में दोस्त थे। एक दिन विनोद फौजी अपनी प्रेमिका के बारे में दोस्तों को डींगें मार रहा था जिसकी ललित ने वीडियो बनाकर उसकी प्रेमिका को भेज दी थी। जिसके बाद विनोद की प्रेमिका विनोद से नाराज रहती थी। विनोद फौजी को ललित से इसी बात की रंजिश थी।
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डीएसपी जगदीश ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि दो दिन पहले विनोद के कहने पर मंजीत उर्फ घोड़ा ने फोनकर ललित को घर से बाहर बुलाया और इसके बाद वो उसे खैरी रोड पर ले गए। यहां पर तीनों आरोपियों ने पहले कपड़े के पट्टे से उसका गला दबाना चाहा, जब वे इसमें कामयाब नहीं हो सके तो उसे घसीटते हुए पास के खेतों में ले गए और वहां पर विनोद ने उसके सिर व गले में दो गालियां मार दी। जिसके बाद मृतक ललित वहीं पर ढेर हो गया। डीएसपी जगदीश ने बताया कि ललित की हत्या करने के बाद आरोपियों की मंशा उसके शव को भाखड़ा नहर में फेंकने की थी, लेकिन इस बीच लोगों का आवागमन इस तरफ काफी बढ़ गया था जिसके चलते उन्हें शव को वहीं छोड़कर जाना पड़ा। इस बीच लोगों की नजर शव पर पड़ी तो उन्होंने पुलिस को सूचित कर दिया। पुलिस की तत्परता के चलते शव की पहचान और उसके बाद इस मामले की जांच में तेजी के चलते तीन दिन में ही आरोपियों को काबू कर लिया गया है। डीएसपी जगदीश ने दावा किया है कि इस मामले में फरार चल रहे तीसरे आरोपी मंजीत उर्फ घोड़े को भी जल्द काबू कर लिया जाएगा।
पुलिस सूत्रों की मानें तो इस मामले में सीआईए फतेहाबाद टीम की तेजी के साथ साथ साइबर सैल की भी अहम भूमिका रही। मोबाइल लोकेशन व अन्य सुरागों के चलते पुलिस का शक पहले विनोद व उसके साथियों पर गया। जिसके चलते बीती रात सीआईए ने विनोद व पिंटू को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो आरोपियों ने पूछताछ में सारा मामला ही उगल दिया।