फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   कचरा लोडिंग के नाम पर तीन माह में पौने 28 लाख रुपये का घोटाला

कचरा लोडिंग के नाम पर तीन माह में पौने 28 लाख रुपये का घोटाला

Tue, 25 Jun 2019 11:52 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jun 2019 11:52 PM IST
विज्ञापन
कचरा लोडिंग के नाम पर तीन माह में पौने 28 लाख रुपये का घोटाला
भूना। शहर को साफ सुथरा रखने के उद्देश्य से लागू की गई कचरा लिफ्टिंग प्रणाली में पौने 28 लाख रुपये का घोटाला किए जाने का मामला सामने आया है। जिसे मुख्यमंत्री और शहरी विकास एवं निकाय मंत्री और जिला उपायुक्त के संज्ञान में लाया गया है। इस संदर्भ में नगर पालिका भूना के पार्षदों के लिखित पत्र पर उपायुक्त फतेहाबाद ने संज्ञान लेते हुए मामले की जांच अतिरिक्त उपायुक्त को सौंप दी है। जिसको लेकर एडीसी ने सोमवार को नगर पालिका के अधिकारियों, चेयरपर्सन और संबंधित ठेकेदार को तलब किया था, मगर चेयरपर्सन और ठेकेदार ने नोटिस को नजरअंदाज कर दिया। किंतु एडीसी ने घोटाले को लेकर नगर पालिका अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। घोटाला जाहिर होने के बाद नगर पालिका सचिव, जेई, सैनेंटरी इंसपेक्टर और ठेकेदार में हड़कंप मच गया है। उधर एडीसी ने अपने स्तर पर पूरे मामले की गुप्त जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन

पौने 15 लाख की जगह बांट दिए साढ़े 42 लाख रुपये
नगर पालिका अधिकारियों और चेयरपर्सन की सांठगांठ का फायदा उठाकर ठेकेदार ने कायदे कानूनों को ताक पर रखकर लाखों रुपये के वारे न्यारे कर लिए हैं। जबकि उपरोक्त बिल की मंजूरी उपायुक्त से लेनी अनिवार्य थी। किंतु नगर पालिका के अधिकारियों और चेयरपर्सन ने स्वयं ही अपने स्तर पर राशि ठेकेदार को सौंप दी।
विज्ञापन

नगर पालिका के वाइस चेयरमैन अनिल नड्डा, पार्षद नरेंद्र बागड़ी, सुदेश ग्रोवर, सुदेश दहिया, नीलम गर्ग, सरोज सोनी, रिम्पी सोनी, कश्मीरी लाल कंबोज, ओम प्रकाश कंबोज आदि ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि नगर पालिका के अधिकारियों और चेयरपर्सन की मिलीभगत से ठेकेदार को लाखों रुपये का फायदा पहुंचकर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने बताया कि सफाई कूड़ा उठाने के बारे में एक टेंडर 31 मार्च 2019 तक ट्रायल के आधार पर लगाया गया था। टेंडर में ठेकेदार को 15 फीसदी अतिरिक्त चार्ज को मिलाकर 4 लाख 91 हजार 625 रुपये में सौंपा गया था। मगर टेंडर देने के बाद ठेकेदार से इएमओ अर्थात अग्रिम जमानत राशि 5 लाख रुपये जमा करवाना भी जरूरी था। जिसको नगर पालिका अधिकारियों और चेयरपर्सन ने दरकिनार कर दिया। जनवरी माह से डिंग मैनपॉवर एंड सिक्योरिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के ठेकेदार को 4 लाख 91 हजार 625 रुपये देने की जगह 8 मार्च 2019 को 19 लाख 71 हजार 358 रुपये सौंपकर सरकारी खजाने का चूना लगा दिया गया। सरकारी संपत्ति को चपत लगाने का कवायद यहीं समाप्त नहीं हुई बल्कि 15 मार्च 2019 को पुन: 12 लाख 75 हजार 851 रुपये और 13 अप्रैल 2019 को 10 लाख 26 हजार 204 रुपये के चेक दोनों हाथों से लूटा दिए गए। जबकि टेंडर के अनुसार ठेकेदार की कुल राशि महज 14 लाख 74 हजार 875 रुपये ही बनती थी। मगर अधिकारियों और चेयरपर्सन ने फर्जी बिलों के सहारे 42 लाख 53 हजार 413 रुपये के चेक सफाई के नाम पर ठेकेदार को सौंप दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

सफाई कर्मचारियों को भी साढ़े 6 लाख रुपये प्रति माह बांटा वेतन
पार्षदों ने शिकायत में बताया कि नगर पालिका भूना में पहले से ही 65 कर्मचारी हैं और एक ट्रैक्टर-ट्रॉली भी है। इसके अतिरिक्त 20 कचरा लोडिंग रिक्शा हैं, जो सफाई कर्मचारी प्रतिदिन शहर की सफाई में इस्तेमाल करते हैं जिससे कूड़ा कर्कट उठाते हैं। जिन पर नगर पालिका साढ़े 6 लाख रुपये खर्च करती आ रही है।

सफाई के नाम पर घोटाले की शिकायत मिली है। जिस पर तुरंत प्रभाव से संज्ञान लिया गया है। मामले की जांच अतिरिक्त उपायुक्त फतेहाबाद कर रही हैं। जांच के बाद तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. धीरेंद्र खड़गटा, जिला उपायुक्त।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed