फतेहाबाद : मानहानि मामले में आईपीएस संगीता कालिया को समन, जानें क्या है पूरा मामला
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फतेहाबाद जिले में बतौर पुलिस अधीक्षक सेवाएं दे चुकीं आईपीएस संगीता कालिया को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ईश्वर दत्त की अदालत ने मानहानि मामले में तलब किया है। संगीता कालिया के खिलाफ वकील देवीलाल ने वर्ष 2015 में कोर्ट में इस्तगासा दायर किया था। आरोप लगाया था कि वह अपने दो क्लाइंट के साथ एसपी से मिलने गए थे।
एसपी ने उन्हें क्लाइंट के सामने अपने कार्यालय से बाहर निकाल दिया था। कोर्ट ने गवाहों के प्रारंभिक बयान के आधार पर पाया है कि प्रथम दृष्टया मामला मानहानि का बनता है। दायर केस के मुताबिक वर्ष 2015 में संगीता कालिया एसपी थीं। दो महिलाओं ने पुलिस को शिकायत दी थी, जिसमें कार्रवाई नहीं हो रही थी।
मामले के तथ्य बताने के लिए एडवोकेट देवीलाल महिलाओं के साथ एसपी के पास चले गए। एसपी संगीता कालिया ने सभी की मौजूदगी में वकील से कहा कि आप बाहर जाओ, मैं इन महिलाओं से खुद ही सारी बात पूछ लूंगी। इसके बाद देवीलाल अपने साथ बार प्रतिनिधियों को लेकर गए। संगीता कालिया ने कहा कि उनके कार्यालय में वकील का प्रवेश प्रतिबंधित है।
कोई व्यक्ति अपने साथ वकील को न लेकर आए। यह कहते हुए उन्होंने फिर से वकीलों को बाहर जाने के लिए बोल दिया। इसको लेकर बार एसोसिएशन ने तत्कालीन एसपी संगीता कालिया के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया था। वहीं देवीलाल ने एसपी के खिलाफ मानहानि के आरोप में केस दायर करवाया था।
फतेहाबाद में ही मंत्री अनिल विज से विवाद पर चर्चा में रहीं संगीता कालिया
संगीता कालिया का वर्ष 2018 में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से विवाद हुआ था। तब भी वह चर्चा में रहीं। अनिल विज फतेहाबाद में कष्ट निवारण समिति की बैठक ले रहे थे। नशे की बिक्री संबंधित एक शिकायत पर विज ने संगीता कालिया से जवाब मांगा। तब संगीता कालिया ने जवाब दिया कि हमने शराब तस्करों पर साल में ढाई हजार मामले दर्ज कर दिए। पुलिस किसी को गोली तो मार नहीं सकती। इसी बात पर विज व संगीता कालिया के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद बैठक बीच में ही रोकनी पड़ी थी।
मूलरूप से भिवानी की हैं संगीता कालिया
आईपीएस संगीता कालिया मूलरूप से भिवानी जिले की रहने वाली हैं। फतेहाबाद के बाद उनका तबादला रेवाड़ी किया गया। उसके बाद कुछ समय तक भिवानी व पानीपत में रहीं। अब वह रेलवे में एसपी के तौर पर कार्यरत हैं।