फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Court acquits Safai Daroga Ishwar Dutt Sharma trapped in bribery case

रिश्वत के मामले में फंसे सफाई दरोगा ईश्वर दत्त शर्मा को अदालत ने किया बरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 25 Feb 2022 11:20 PM IST
विज्ञापन
Court acquits Safai Daroga Ishwar Dutt Sharma trapped in bribery case
फतेहाबाद। भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के स्पेशल जज डीआर चालिया ने रिश्वत लेने के आरोपी नगर परिषद के सफाई दरोगा ईश्वर दत्त को संदेह का लाभ देकर बरी करते हुए तत्कालीन जांच अधिकारी विजिलेंस इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा पर तल्ख टिप्पणियां की हैं।
विज्ञापन

न्यायाधीश ने अपने फैसले में लिखा है कि भूपेंद्र शर्मा ने केस बनाने और अपराध साबित करने में कई लूपहोल (खामियां) छोड़ी। उनकी जांच भी औपचारिकता भर नजर आई है। इसकी वजह से आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया जा रहा है। स्पेशल जज ने पुलिस कप्तान को पत्र लिखकर जांच अधिकारी भूपेंद्र शर्मा के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि इस मामले में तत्कालीन उपायुक्त एनके सोलंकी, ड्यूटी मजिस्ट्रेट अनुभव मेहता, शैडो गवाह राजेंद्र सिंह सहित 13 गवाह पेश हुए। शैडो गवाह ने तो क्रॉस एग्जामिनेशन में इस बात से इंकार कर दिया कि उसके सामने रिश्वत मांगी गई है।
विज्ञापन

यह था मामला
दरअसल, डीसी रेट पर लगे स्वीपर कृष्ण कुमार ने सुपरवाइजर सफाई दरोगा ईश्वरदत्त पर आरोप लगाया था कि वह जान-बूझकर हाजिरी कम लगाता है। यदि कोई कर्मचारी एक हजार रुपये नहीं देता तो उसे मात्र 4300 रुपये ही मासिक वेतन देता है। ईश्वर की तरफ से पेश गवाह संजय कुमार ने हाजिरी रजिस्टर पेश करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता ड्यूटी के मामले में पाबंद नहीं है। वह सप्ताह में एक बार ही ड्यूटी पर आता था। स्वीपर अनिल कुमार ने कहा कि ईश्वरदत्त के अधीन 25 स्वीपर काम करते थे, लेकिन उसने किसी से रिश्वत नहीं मांगी। इंस्पेक्टर भूपेंद्र ने अपने बयान में कहा कि जब उन्होंने रेड की तो कमरे में केवल शिकायतकर्ता व सुपरवाइजर ही थे, जबकि ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि उस वक्त कई स्वीपर भी मौजूद थे। विजिलेंस ने 500-500 के रंग लगे नोट ईश्वर दत्त से बरामद किए, जबकि बाकी गवाहों ने कहा कि ईश्वर दत्त ने नोट फेंक दिए थे और विजिलेंस ने नोट जमीन से उठाए। स्पेशल जज ने कहा कि जांच अधिकारी के गवाहों में कहीं एक समता नहीं थी। जांच करने में भूपेंद्र शर्मा ने बहुत कोताही बरती है, जिसकी वजह से आरोपी को संदेह का लाभ देकर छोड़ना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed