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Fatehabad News: कोरोना के बाद होम्योपैथी पर बढ़ा विश्वास, दवाई से ही जड़ से खत्म हो रहीं बीमारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 09 Apr 2024 11:21 PM IST
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Confidence in homeopathy increased after Corona, diseases are being eradicated from their roots only through medicines.
भट्टूकलां के अस्पताल में मरीजों की जांच करतीं होम्योपै​थिक मेडिकल ऑफिसर
फतेहाबाद। कोरोना महामारी के दौरान इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर-घर तक होम्योपैथिक दवाइयां बांटी गई। इसका फायदा भी मिला और संक्रमित जल्द रिकवर भी हुए। इसके बाद लोगों का होम्योपैथिक उपचार को लेकर विश्वास भी बढ़ा है। डॉक्टरों का दावा है कि गंभीर और पुरानी बीमारियां होम्योपैथिक दवाई से जड़ से खत्म हुई हैं। जिन मरीजों को ऑपरेशन करवाने तक की नौबत आई वह होम्योपैथिक दवाई लेकर ठीक हुए हैं।
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जिले के पांच अस्पतालों में होम्योपैथिक डॉक्टर की ओपीडी चल रही है। जिसमें नागरिक अस्पताल फतेहाबाद, रतिया, सीएचसी भट्टूकलां, भूना, बड़ोपल शामिल है। अधिकारियों की माने तो पहले जहां होम्योपैथिक उपचार लेने वाले मरीजों की ओपीडी 20 से 25 की होती थी वह अब 50 से 60 तक बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि होम्योपैथिक उपचार से 20-25 साल पुरानी बीमारियां ठीक हो रही हैं। लोगों में भ्रम रहता है कि उपचार लंबा चलता है लेकिन ऐसा नहीं है। बीमारी पर निर्भर करता है और परिणाम भी जल्द मिलते हैं। संवाद
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सर्जरी में कारगर, बीपी-शुगर हो रहा कंट्रोल
भट्टूकलां के आयुष विंग में तैनात होम्योपैथिक मेडिकल ऑफिसर डॉ. मीना का कहना है कि पथरी, गदूद, बच्चेदानी में रसौली केस में ऑपरेशन तक की नौबत आ जाती है। लेकिन होम्योपैथिक दवाई लेकर मरीजों की बीमारी जड़ से खत्म हुई है। इसके अलावा बीपी-शुगर बीमारी में लोगों को पूरी उम्र एलोपैथिक दवाई खाने की सलाह दी जाती है। लेकिन होम्योपैथिक में रेगुलर लेने की जरूरत नहीं पड़ती है। यहां तक थायराइड बीमारी भी जड़ से खत्म हो जाती है। बवासीर तक की बीमारी में उपचार कारगर है, एसिडिटी बनना आदि में भी उपचार संभव है।
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अस्थमा बीमारी हो रही ठीक
होम्योपैथिक विशेषज्ञों का कहना है कि ओपीडी में मरीज स्किन एलर्जी, जोड़ों में दर्द, खानपान में दिक्कत, बच्चों में पेट के कीड़े, इम्यूनिटी समेत कई बीमारियों का उपचार लेने के लिए आ रहे हैं। 20 साल से अगर किसी को अस्थमा है तो वह होम्योपैथिक उपचार से ठीक हो रहा है।

कोट
गंभीर बीमारियां होम्योपैथिक दवाइयों से जड़ से खत्म हो रही है। कोरोना महामारी के बाद होम्योपैथिक ओपीडी बढ़ी है। उपचार ले रहे मरीजों को ये सलाह जरूर दी जाती है कि वह सुगंध वाली चीजों का सेवन न करें। कच्चा प्याज, लहसुन, सौंफ न खाने की सलाह दी जाती है। इनके सेवन से दवाई का परिणाम खत्म हो जाता है।
-डॉ. मीना, होम्योपैथिक मेडिकल ऑफिसर, भट्टूकलां
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