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सीएम घोषणाओं की लिस्ट से कटा नए सिविल अस्पताल का पत्ता

Wed, 06 Jul 2016 01:10 AM IST
fatehabad
fatehabad Updated Wed, 06 Jul 2016 01:10 AM IST
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मुकेश खुराना । एक दशक से नए अस्पताल की आस लगाए बैठे फतेहाबाद वासियों का सपना टूट गया है। सरकार ने सैक्टर 9 में प्रस्तावित 100 बिस्तर के नए अस्पताल को सीएम घोषणाओं की लिस्ट से हटा दिया है। अब सेक्टर नौ में 100 बेड का अस्पताल नहीं बनेगा। खुद सीएमओ डॉ. अशोक चौधरी एवं डिप्टी सीएमओ डॉ. गिरीश ने इसकी पुष्टि की है। डॉ. गिरीश एडीसी द्वारा ली गई उस बैठक में मौजूद थे, जिसे एडीसी ने सीएम घोषणाओं के रिव्यू के लिए बुलाया था। हालांकि एडीसी जेके अभीर ने इस सवाल का सीधा जवाब देने से बचने की कोशिश की। सीएमओ डॉ. अशोक चौधरी तो कह रहे हैं कि अब मौजूदा अस्पताल की बिल्डिंग को ही और बेहतर बनाया जाएगा। उन्होंने तो इतना तक कह डाला कि अगर मौजूदा अस्पताल परिसर में ही दो ब्लॉक और बना दिए जाएं तो लोगों की जरूरत तो मौजूदा सिस्टम से ही पूरी हो सकती है। हालांकि सीएम घोषणाओं की लिस्ट से नए अपग्रेडेड अस्पताल का पता क्यों कटा, इसके कारणों पर कोई भी अधिकारी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि जिले में नए मेडिकल कालेज के लिए बढ़ती चर्चाओं के चलते इस प्लान को ड्रॉप कर दिया गया है।
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2006 में हुड्डा ने की थी घोषणा, सीएम मनोहर लाल ने भी किया ऐलान

फतेहाबाद जिला बनने के साथ-साथ जनसंख्या बढ़ने के कारण फतेहाबाद का सिविल अस्पताल छोटा पड़ने लगा और नई बिल्डिंग की मांग उठने लगी। वर्ष 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने फतेहाबाद में 100 बेड का अस्पताल बनाने की घोषणा की थी। वर्ष 2011 में जब तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा जब दोबारा फतेहाबाद में आए, तो उन्होंने इस घोषणा को दोहराया। इसी बीच इस योजना पर काम भी शुरू हो गया।
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हुडा के सेक्टर नौ में सिविल अस्पताल के लिए जगह भी प्रस्तावित कर दी गई। यहां तक कि सिविल अस्पताल ने नई बिल्डिंग का नक्शा बनाकर हुडा विभाग को भी भेज दिया। 30 दिसंबर 2014 को फतेहाबाद में आए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी 100 बिस्तर के अस्पताल की घोषणा की। लेकिन अब 10 साल बाद 100 बिस्तर के अस्पताल की बिल्डिंग को मुख्यमंत्री घोषणा से बाहर कर दिया है। इसके पीछे क्या कारण हैं। इस बारे स्पष्ट नहीं हुआ है।
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हुडा ने बनाकर देना था अस्पताल:
सिविल अस्पताल के लिए हुडा ने सेक्टर नौ में जगह दी। जहां पर हुडा द्वारा सिविल अस्पताल की बिल्डिंग को तैयार किया जाना था। इसके बदले में हुडा सिविल अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग पर कब्जा लेता।



मेडिकल कॉलेज आने के कारण हो सकता है रद्द:
100 बेड का नया अस्पताल न बनने के पीछे कारण यह भी बताए जा रहे हैं कि फतेहाबाद जिले में मेडिकल कॉलेज बनना प्रस्तावित है। ऐसे में सरकार मेडिकल कॉलेज को ज्यादा तवज्जो दे रही है। यही कारण माना जा रहा है कि 100 बेड का अस्पताल रद्द किया गया है।


अस्पताल छोटा होने के कारण ये आ रही हैं दिक्कतें:
सिविल अस्पताल की बिल्डिंग छोटी होने और प्रोग्राम ज्यादा होने के कारण मरीजों के प्राइवेट कमरों पर डॉक्टरों ने कब्जा कर रखा है यहां तक मरीजों को वार्ड की गैलरी में बेड मिले हुए हैं। डॉक्टरों के ओपीडी कक्ष के बाहर मरीजों को बैठने तक की जगह नहीं मिल पाती है।

पुराने अस्पताल में हो सकती है बढ़ोतरी:
सीएम घोषणा में फतेहाबाद के सिविल अस्पताल की नई बिल्डिंग रद्द होने के बाद अब पुराने अस्पताल को बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। सिविल अस्पताल में खाली पड़ी जगह पर ब्लाक बनाने के लिए अस्पताल प्रशासन बजट की मांग कर सकता है। खुद सीएमओ डॉ. अशोक चौधरी भी इसके पक्षधर हैं ।



सेक्टर नौ में बनने वाले 100 बेड के अस्पताल को सीएम घोषणा में से निकाल दिया गया है। अब पुराने अस्पताल को ही इंप्रूव किया जाएगा। सीएम घोषणा में से क्यों बाहर किया गया है इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है।
            डॉ. अशोक चौधरी
          सिविल सर्जन फतेहाबाद




मैं खुद एडीसी द्वारा बुलाई गई बैठक में मौजूद था जिसमें मुझे बताया गया कि इस घोषणा को सीएम घोषणाओं की लिस्ट से बाहर कर दिया गया है ।
डा. गिरीश, डिप्टी सीएमओ
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