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Fatehabad News: कामकज छोड़कर धरने पर बैठे लिपिक, मेडिकल के लिए भटकते रहे दिव्यांग, नहीं हुईं रजिस्ट्रियां

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 05 Jul 2023 11:59 PM IST
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Clerks sitting on dharna leaving work, Divyang kept wandering for medical, registries were not done
फतेहाबाद। सरकारी कार्यालयों में तैनात लिपिकों की हड़ताल के पहले दिन ही आमजन को परेशानी उठानी पड़ी। सरकारी विभागों में काम करवाने आए लोगों को लौटना पड़ा। यहां तक दिव्यांग भी हड़ताल के चलते परेशान हुए। नगर परिषद की गृहकर शाखा में काम पूरी तरह से बंद रहा। नागरिक अस्पताल में बुधवार को लगे कैंप में पोर्टल से आवेदन न निकल पाने के कारण मेडिकल नहीं हो पाए। इसके अलावा तहसील कार्यालय में लोगों की रजिस्ट्रियां नहीं हुई। तहसील कार्यालय में लिपिक कार्यालय पर ताला लटका रहा।
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क्लेरिकल एसोसिएशन वेल्फेयर सोसायटी के पदाधिकारियों व सदस्यों ने बुधवार को लघु सचिवालय के बाहर धरना देगा प्रदर्शन किया। पदाधिकारियों ने कहा कि जब वेतनमान 35400 की मांग नहीं मानी जाती तब तक हड़ताल जारी रहेगी। जिले के करीब 530 लिपिक हड़ताल पर रहे। इसमें सबसे ज्यादा शिक्षा विभाग के लिपिक शामिल थे। इा दौरान सरकारी विभागों में काम करवाने के लिए लोग भटकते रहे। लिपिकों की हड़ताल का असर नगर परिषद में भी देखने को मिला। नगर परिषद में गृहकर शाखा में काम बंद रहा। गृहकर जमा नहीं किया गया। इसके अलावा विवाह रजिस्ट्रेशन का काम भी बंद रहा। जिन्होंने आवेदन कर रखे थे वह चक्कर काटते हुए नजर आए।
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125 में से सिर्फ हुए 20 दिव्यांगों के मेडिकल
स्वास्थ्य विभाग द्वारा बुधवार को दिव्यांगों के प्रमाण पत्र को लेकर नागरिक अस्पताल में मेडिकल कैंप लगाया जाता है। मेडिकल करवाने को लेकर दिव्यांग आवेदन ऑनलाइन करते है। बुधवार को विभाग ऑनलाइन आवेदन निकालकर मेडिकल की प्रक्रिया शुरू करता है। बुधवार को लगे कैंप में पोर्टल से लिपिक द्वारा आवेदन न निकालने के कारण मेडिकल नहीं हो पाए। दिव्यांग हाथ जोडकऱ अपील करते रहे लेकिन सुनवाई नहीं हुई। 125 में से सिर्फ 20 दिव्यांगों के ही मेडिकल हुए।
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ये बोले परेशान लोग
मेरा 19 साल का बेटा जन्म से ही दिव्यांग है। पिछले दो माह से मेरे बेटे की पेंशन बंद हो गई है, जिसके लिए मैं अपने बेटा जो कि चलने फिरने में असमर्थ को गोद में उठाकर लघु सचिवालय के आया हूं। मुझे यहां आने के बाद पत्ता चला की लिपिकों की हड़ताल है। पेंशन शाखा के कार्यरत कर्मचारियों ने मुझे कहा कि हड़ताल है। हड़ताल के समाप्त होने के बाद ही आना होगा।

-पिंका सिंह, गांव दरियापुर
मैं लघु सचिवालय में मकान का लोन लेने के लिए दस्तावेज तैयार करवाने आया था। मेरा घर आज भी कच्चा ह,ै बारिश के मौसम के चलते मैं जल्दी से जल्दी मकान बनाना चाहता था लेकिन हड़ताल के चलते मेरा काम नहीं हुआ।
- कर्ण कुमार, बस्ती भीमा
मैं मेडिकल बनवाना चाहता हूं। इसके दस्तावेज तैयार करवाने के लिए लघु सचिवालय आया था लेकिन हड़ताल के चलते मुझे बाद में आने के लिए बोला गया है।
- देवीलाल, गांव भूथन
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