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Fatehabad News: ग्रेव मशीन से मैनहोल की सफाई हुई शुरू, सीवर से निकल रहे पॉलिथीन और गोबर
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फतेहाबाद के डीएसपी रोड पर मैनहोल की सफाई के दौरान निकला पॉलिथीन।
फतेहाबाद। जनस्वास्थ्य विभाग ने आखिरकार शहर में मैनहोल की सफाई का काम शुरू करवा दिया है। शहर के सभी कॉलोनियों, मुख्य चौकों, सड़कों पर बने सीवरेज की मैनहोल की सफाई होगी। जनस्वास्थ्य विभाग ने शहर के डीएसपी रोड क्षेत्र में काम शुरू करवाया है तो इस दौरान काफी मात्रा में पॉलिथीन निकल रहा है। पॉलिथीन के कारण कई जगहों पर सीवरेज पाइप लाइन भी ब्लॉक मिली। जनस्वास्थ्य विभाग अब इसको लेकर नगर परिषद को नोटिस जारी करेगा ताकि पॉलिथीन सीवरेज लाइन में फेंकें जाने पर रोक लगाई जा सके।
जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों का कहना है कि लोग पॉलिथीन और गोबर को फेंकने के लिए सीवरेज पाइप लाइनों का इस्तेमाल कर रहे हैं जो कि ब्लॉक होने का सबसे बड़ा कारण है, इसी वजह से पानी की निकासी नहीं हो पाती है। मानसून में बारिश पानी की निकासी, सीवरेज पाइप लाइनों की सफाई और टूटे ढक्कन नए लगाए जाने को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग ने करीब 43 लाख रुपये का टेंडर लगाया था। एजेंसी ने अब काम शुरू किया है। एजेंसी आउटर कॉलोनियों को छोड़कर पूरे शहर के सीवरेज मैनहोल की सफाई करेगी। इसके बाद टूटे हुए ढक्कन भी बदले जाने हैं।
सुपर सकर मशीन के लिए पड़ोसी जिलों पर निर्भर
जिला बने 27 साल हो चुके हैं लेकिन यहां पर सीवरेज पाइप लाइनों की सफाई के लिए सुपर सकर मशीन नहीं है। पाइप लाइनों में रुकावट पर सुपर सकर मशीन सिरसा से मंगवानी पड़ रही है। अभी फिलहाल विभाग खुद की ग्रेव मशीन खरीदने की तैयारी में है। दो मशीनें खरीदी जानी है। ये मशीनें न होने के चलते निजी एजेंसी को विभाग ठेका दे रहा है।
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बारिश पानी निकासी के लिए सीवरेज लाइन ही सहारा
शहर की आबादी 92 हजार हो चुकी है लेकिन बावजूद इसके यहां पर बारिश पानी निकासी के लिए प्रबंध नहीं है। करीब 60 फीसदी क्षेत्र का बारिश पानी सीवरेज पाइप लाइनों के जरिए एसटीपी पर जाता है। इसके अलावा 40 फीसदी क्षेत्र का बारिश पानी चिल्ली झील में बने डिस्पोजल टैंक से रंगोई नाले में छोड़ा जाता है।
शहर में ये है कनेक्शनों की स्थिति
कुल उपभोक्ता : 17,371
पानी कनेक्शन : 16,348
सीवरेज कनेक्शन : 14,281
कोट
ग्रेव मशीन से सीवरेज मैनहोल की सफाई शुरू की गई है। सफाई के दौरान काफी पॉलिथीन निकल रहा है। लोग सीवरेज लाइन में ही पॉलिथीन फेंक रहे और ये ब्लॉकेज का कारण बनते हैं। इस संबंध में नगर परिषद को भी लिखा जाएगा कि लोगों को जागरूक करें और इस पर रोक लगाएं।
- सतपाल रोज, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
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जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों का कहना है कि लोग पॉलिथीन और गोबर को फेंकने के लिए सीवरेज पाइप लाइनों का इस्तेमाल कर रहे हैं जो कि ब्लॉक होने का सबसे बड़ा कारण है, इसी वजह से पानी की निकासी नहीं हो पाती है। मानसून में बारिश पानी की निकासी, सीवरेज पाइप लाइनों की सफाई और टूटे ढक्कन नए लगाए जाने को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग ने करीब 43 लाख रुपये का टेंडर लगाया था। एजेंसी ने अब काम शुरू किया है। एजेंसी आउटर कॉलोनियों को छोड़कर पूरे शहर के सीवरेज मैनहोल की सफाई करेगी। इसके बाद टूटे हुए ढक्कन भी बदले जाने हैं।
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सुपर सकर मशीन के लिए पड़ोसी जिलों पर निर्भर
जिला बने 27 साल हो चुके हैं लेकिन यहां पर सीवरेज पाइप लाइनों की सफाई के लिए सुपर सकर मशीन नहीं है। पाइप लाइनों में रुकावट पर सुपर सकर मशीन सिरसा से मंगवानी पड़ रही है। अभी फिलहाल विभाग खुद की ग्रेव मशीन खरीदने की तैयारी में है। दो मशीनें खरीदी जानी है। ये मशीनें न होने के चलते निजी एजेंसी को विभाग ठेका दे रहा है।
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बारिश पानी निकासी के लिए सीवरेज लाइन ही सहारा
शहर की आबादी 92 हजार हो चुकी है लेकिन बावजूद इसके यहां पर बारिश पानी निकासी के लिए प्रबंध नहीं है। करीब 60 फीसदी क्षेत्र का बारिश पानी सीवरेज पाइप लाइनों के जरिए एसटीपी पर जाता है। इसके अलावा 40 फीसदी क्षेत्र का बारिश पानी चिल्ली झील में बने डिस्पोजल टैंक से रंगोई नाले में छोड़ा जाता है।
शहर में ये है कनेक्शनों की स्थिति
कुल उपभोक्ता : 17,371
पानी कनेक्शन : 16,348
सीवरेज कनेक्शन : 14,281
कोट
ग्रेव मशीन से सीवरेज मैनहोल की सफाई शुरू की गई है। सफाई के दौरान काफी पॉलिथीन निकल रहा है। लोग सीवरेज लाइन में ही पॉलिथीन फेंक रहे और ये ब्लॉकेज का कारण बनते हैं। इस संबंध में नगर परिषद को भी लिखा जाएगा कि लोगों को जागरूक करें और इस पर रोक लगाएं।
- सतपाल रोज, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग