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जवाहर चौक से रामस्वरूप पकोड़े वाली गली तक सेंट्रल पार्किंग हटी, बाकी पर असमंजस बरकरार
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जवाहर चौक से रामस्वरूप पकोड़े वाली गली तक हटाई गई सेंट्रल पार्किंग के बाद दुकानों के बाहर खड़े वा
- फोटो : Fatehabad
शहर के मेन बाजार में लंबे समय से विवादों के केंद्र में रही सेंट्रल पार्किंग एक बार फिर चर्चाओं में है। ट्रैफिक इंचार्ज इंस्पेक्टर रामधन ने इस मामले में विधायक दुड़ाराम द्वारा बीते दिन सेंट्रल पार्किंग हटाने के आदेशों को मानने से साफ इंकार कर दिया था लेकिन बुधवार सांझ होते होते जवाहर चौक से लेकर रामस्वरूप पकोड़े वाली गली तक सेंट्रल पार्किंग हटा दी गई है जबकि इससे आगे फव्वारा चौक तक सेंट्रल पार्किंग व्यवस्था पहले की तरह बदस्तूर जारी है। अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि आधे बाजार में सेंट्रल पार्किंग हटाने के आदेश ट्रैफिक पुलिस की ओर से दिए गए हैं या दुकानदारों ने विधायक के आश्वासन के बाद खुद ही व्यवस्था समाप्त कर दी।
विधायक दुड़ाराम सोमवार को एक कार्यक्रम के सिलसिले में थाना रोड पर गए थे। जहां पर दुकानदारों के एक गुट ने उनसे सेंट्रल पार्किंग हटवाने का आग्रह किया था, जिसके बाद उन्होंने ट्रैफिक पुलिस को तुरंत इस व्यवस्था को हटवाने के आदेश दिए थे। ट्रैफिक एसएचओ द्वारा सेंट्रल पार्किंग मामले में विधायक दुड़ाराम के आदेशों को दो टूक मना करने के बाद विधायक व ट्रैफिक के बीच विवाद गहराने की आशंका थी। लेकिन विधायक से जब इस बारे में दोपहर को बात की गई तो उन्होंने सधी हुई शैली में सिर्फ इतना कहा कि ये दुकानदारों का आपसी मामला है और उन्होंने आपस में तय करना है। लेकिन इसके बाद बुधवार शाम को अचानक ही आधे रास्ते पर सेंट्रल पार्किंग व्यवस्था ही समाप्त कर दी गई जबकि आधे रास्ते पर अभी तक ये व्यवस्था जारी है।
ये थी सेंट्रल पार्किंग व्यवस्था, दुकानदारों के दो गुट थे आमने-सामने
शहर के सबसे व्यस्त बाजार माने जाने वाले फव्वारा चौक से लेकर थाना रोड-जवाहर चौक होते हुए राजीव गांधी तक एक विशेष व्यवस्था ट्रैफिक पुलिस द्वारा बनाई गई थी, जिसमें वाहन चालकों को निर्देश दिए गए थे कि वो अपने दोपहिया व चार पहिया वाहन सड़क के बीचोंबीच लगाएंगे। उन्हें दुकानों के आगे वाहन खड़ा करने की परमिशन नहीं मिलेगी। ट्रैफिक पुलिस ने ये व्यवस्था हिसार के राजगुरु मार्केट की तर्ज पर की थी, लेकिन इस व्यवस्था के लागू होने के बाद दुकानदारों का एक गुट इसके पक्ष में आ गया तो दूसरा पक्ष इसके खिलाफ हो गया। व्यवस्था के खिलाफ जाने वाले दुकानदारों का कहना था कि इससे उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है क्योंकि ग्राहक उनके पास आने की बजाए वहीं पर जाता था, जहां पर उसका वाहन पार्क हो सके।
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सेंट्रल पार्किंग से मिली थी ट्रैफिक जाम से निजात, अब दोबारा हो सकती है परेशानी
थाना रोड पर अक्सर वाहनों के बेतरतीब तरीके से खड़ा होने के चलते ट्रैफिक जाम लगा रहता था। सेंट्रल पार्किंग सिस्टम लागू होने के बाद लोगों को जाम से तो निजात मिली थी क्योंकि आने-जाने वाले वाहनों का रास्ता ही अलग हो गया था, लेकिन कारोबार प्रभावित होता देखकर कुछ दुकानदारों ने इसके खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया था।
ट्रैफिक एसएचओ का तर्क, 15 दिन बाद बनाएंगे दुकानदारों की कमेटी, वही लेगी अंतिम निर्णय
विधायक दुड़ाराम द्वारा बीते दिन सार्वजनिक समारोह में सेंट्रल पार्किंग व्यवस्था हटाने के ऐलान के बावजूद ट्रैफिक एसएचओ इंस्पेक्टर रामधन ने साफ कर दिया था कि फिलहाल यही व्यवस्था बनी रहेगी। उन्होंने कहा था कि 15 दिन बाद दुकानदारों की कमेटी बनाई जाएगी और ये कमेटी ही अंतिम निर्णय लेगी। बुधवार सांय जब उनसे दोबारा बात की गई तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि दुकानदारों की कमेटी बनेगी, फिर देखेंगे। इतना कहकर उन्होंने फोन काट दिया।
ये दुकानदारों का आपसी मामला है। इस पर वो ही लोग अंतिम फैसला करेंगे। मेरे सामने कुछ दुकानदारों ने समस्या रखी थी। अब दुकानदार आपसी स्तर पर भी जो ठीक लगे, वो फैसला कर लेंगे।
- दुड़ाराम, विधायक फतेहाबाद।
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विधायक दुड़ाराम सोमवार को एक कार्यक्रम के सिलसिले में थाना रोड पर गए थे। जहां पर दुकानदारों के एक गुट ने उनसे सेंट्रल पार्किंग हटवाने का आग्रह किया था, जिसके बाद उन्होंने ट्रैफिक पुलिस को तुरंत इस व्यवस्था को हटवाने के आदेश दिए थे। ट्रैफिक एसएचओ द्वारा सेंट्रल पार्किंग मामले में विधायक दुड़ाराम के आदेशों को दो टूक मना करने के बाद विधायक व ट्रैफिक के बीच विवाद गहराने की आशंका थी। लेकिन विधायक से जब इस बारे में दोपहर को बात की गई तो उन्होंने सधी हुई शैली में सिर्फ इतना कहा कि ये दुकानदारों का आपसी मामला है और उन्होंने आपस में तय करना है। लेकिन इसके बाद बुधवार शाम को अचानक ही आधे रास्ते पर सेंट्रल पार्किंग व्यवस्था ही समाप्त कर दी गई जबकि आधे रास्ते पर अभी तक ये व्यवस्था जारी है।
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ये थी सेंट्रल पार्किंग व्यवस्था, दुकानदारों के दो गुट थे आमने-सामने
शहर के सबसे व्यस्त बाजार माने जाने वाले फव्वारा चौक से लेकर थाना रोड-जवाहर चौक होते हुए राजीव गांधी तक एक विशेष व्यवस्था ट्रैफिक पुलिस द्वारा बनाई गई थी, जिसमें वाहन चालकों को निर्देश दिए गए थे कि वो अपने दोपहिया व चार पहिया वाहन सड़क के बीचोंबीच लगाएंगे। उन्हें दुकानों के आगे वाहन खड़ा करने की परमिशन नहीं मिलेगी। ट्रैफिक पुलिस ने ये व्यवस्था हिसार के राजगुरु मार्केट की तर्ज पर की थी, लेकिन इस व्यवस्था के लागू होने के बाद दुकानदारों का एक गुट इसके पक्ष में आ गया तो दूसरा पक्ष इसके खिलाफ हो गया। व्यवस्था के खिलाफ जाने वाले दुकानदारों का कहना था कि इससे उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है क्योंकि ग्राहक उनके पास आने की बजाए वहीं पर जाता था, जहां पर उसका वाहन पार्क हो सके।
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सेंट्रल पार्किंग से मिली थी ट्रैफिक जाम से निजात, अब दोबारा हो सकती है परेशानी
थाना रोड पर अक्सर वाहनों के बेतरतीब तरीके से खड़ा होने के चलते ट्रैफिक जाम लगा रहता था। सेंट्रल पार्किंग सिस्टम लागू होने के बाद लोगों को जाम से तो निजात मिली थी क्योंकि आने-जाने वाले वाहनों का रास्ता ही अलग हो गया था, लेकिन कारोबार प्रभावित होता देखकर कुछ दुकानदारों ने इसके खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया था।
ट्रैफिक एसएचओ का तर्क, 15 दिन बाद बनाएंगे दुकानदारों की कमेटी, वही लेगी अंतिम निर्णय
विधायक दुड़ाराम द्वारा बीते दिन सार्वजनिक समारोह में सेंट्रल पार्किंग व्यवस्था हटाने के ऐलान के बावजूद ट्रैफिक एसएचओ इंस्पेक्टर रामधन ने साफ कर दिया था कि फिलहाल यही व्यवस्था बनी रहेगी। उन्होंने कहा था कि 15 दिन बाद दुकानदारों की कमेटी बनाई जाएगी और ये कमेटी ही अंतिम निर्णय लेगी। बुधवार सांय जब उनसे दोबारा बात की गई तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि दुकानदारों की कमेटी बनेगी, फिर देखेंगे। इतना कहकर उन्होंने फोन काट दिया।
ये दुकानदारों का आपसी मामला है। इस पर वो ही लोग अंतिम फैसला करेंगे। मेरे सामने कुछ दुकानदारों ने समस्या रखी थी। अब दुकानदार आपसी स्तर पर भी जो ठीक लगे, वो फैसला कर लेंगे।
- दुड़ाराम, विधायक फतेहाबाद।